“सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। वन्दे मातरम्।”
यह पंक्ति बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की अमर रचना ‘वंदे मातरम्’ की है। जब भी यह गीत गूंजता है, हर भारतीय के लिए गर्व का पल होता है। इस साल देश ने आज़ादी के 80 वर्ष तो पूरे किए ही हैं, लेकिन बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की अमर रचना ‘वंदे मातरम्’ ने भी अपने 150 वर्ष पूरे किए हैं। इसके उपलक्ष्य में लाल किले पर ध्वजारोहण से पहले इस गीत का औपचारिक गायन किया गया। यही नहीं, इस साल स्वतंत्रता दिवस का समारोह विशेष रूप से Gen Z और भारत के युवाओं को समर्पित किया गया है।
क्यों खास है 2026 का स्वतंत्रता दिवस?
2026 का स्वतंत्रता दिवस इसलिए खास है, क्योंकि इस साल पहली बार लाल किले पर होने वाले आधिकारिक ध्वजारोहण समारोह में बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की अमर रचना ‘वंदे मातरम्’ का औपचारिक गायन किया गया है। यह फैसला ‘वंदे मातरम्’ की रचना के 150 वर्ष (1876–2026) पूरे होने के उपलक्ष्य में लिया गया है।
वहीं, 21वीं सदी में जहां Gen Z का दौर पूरी दुनिया देख रही है, सरकार ने भी इस साल स्वतंत्रता दिवस के समारोह को Gen Z और भारत के युवाओं को समर्पित किया है। सरकार इन्हें ‘विकसित भारत 2047’ के सबसे बड़े भागीदार के रूप में देख रही है।
समारोह के दौरान “नेशनल कैडेट कोर” (NCC) और “माई भारत” (MY Bharat – Mindset of Youth for Bharat) प्लेटफॉर्म से चुने गए 2,500 युवाओं को लाल किले की मुख्य प्राचीर के सामने बैठाया गया। समान परिधान में बैठे ये वॉलंटियर्स ने मिलकर देवनागरी में ‘वंदे मातरम्’ शब्द की विशाल मानव आकृति बनाई, जिसे दुनिया भर में टेलीकास्ट किया गया।
ऐतिहासिक बदलाव के साथ शुरू हुआ जश्न
इस साल 15 अगस्त के कार्यक्रम के मुख्य आयोजन में एक ऐतिहासिक बदलाव देखा गया। दिल्ली के लाल किले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ध्वजारोहण से ठीक पहले राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया गया, जो स्वतंत्रता दिवस के इतिहास में पहली बार हुआ है। जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराया। इसके बाद तिरंगे को 21 तोपों की सलामी दी गई। साथ ही प्रधानमंत्री ने लाल किले से देश को संबोधित किया और 2047 के ‘विकसित भारत’ के संकल्प में योगदान दे रहे युवाओं को सम्मानित किया।
आसमान में लहराया ‘वंदे मातरम्’
‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर को खास बनाने के लिए ध्वजारोहण के बाद भारतीय वायुसेना का Mi-17 हेलीकॉप्टर ने लाल किले के ऊपर से उड़ान भरी। हेलीकॉप्टर पर “150 Years of Vande Mataram” का विशेष एरियल बैनर नजर आया। साथ ही हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा भी की गई, जिससे स्वतंत्रता दिवस का यह ऐतिहासिक समारोह और भी भव्य और यादगार बन गया ।
2026 के स्वतंत्रता दिवस समारोह में इतिहास और भविष्य एक साथ दिखाई दिया। एक ओर 150 वर्षों से देश की चेतना में गूंजता ‘वंदे मातरम्’, तो दूसरी ओर आज का युवा भारत , जो विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने की जिम्मेदारी उठाता है। इस साल के स्वतंत्रता दिवस की सबसे खूबसूरत तस्वीर है—जिस गीत ने कभी आजादी की लड़ाई में देशवासियों के भीतर जोश भरा था, वही गीत आज नई पीढ़ी के सामने भारत के भविष्य का संकल्प बनकर गूंजता है।