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Facebook spying से हैं परेशान? Meta की ‘नज़र’ से बचने के लिए तुरंत बदलें ये सेटिंग्स नहीं तो…

आजकल के डिजिटल दौर में हम जो भी इंटरनेट पर सर्च करते हैं, थोड़ी देर बाद उसी से जुड़े विज्ञापन हमारे सोशल मीडिया फीड पर दिखने लगते हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि Facebook (Meta) को कैसे पता चलता है कि आप दूसरे ऐप्स या वेबसाइट्स पर क्या कर रहे हैं? दरअसल, मेटा आपकी ‘ऑफ-फेसबुक एक्टिविटी’ के जरिए आपकी हर डिजिटल हरकत पर पैनी नजर रखता है। लेकिन अच्छी खबर यह है कि आप इस जासूसी को रोक सकते हैं।

क्या है मेटा की ‘ट्रैकिंग’ तकनीक?
मेटा सिर्फ फेसबुक ऐप के अंदर ही नहीं, बल्कि आपके फोन में मौजूद अन्य थर्ड-पार्टी ऐप्स और ब्राउज़र की हिस्ट्री को भी ट्रैक करता है। इसे ‘Off-Meta Technologies’ कहा जाता है। इसके जरिए कंपनी आपका डेटा जुटाती है और आपको टारगेटेड विज्ञापन दिखाती है। अगर आप अपनी प्राइवेसी को लेकर गंभीर हैं, तो नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो कर इसे अभी बंद करें।

मेटा की जासूसी रोकने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका:
अपनी प्राइवेसी को सुरक्षित करने के लिए आपको फेसबुक की सेटिंग्स में कुछ बदलाव करने होंगे:

1- सेटिंग्स तक पहुँचें: सबसे पहले अपने फोन में फेसबुक ऐप खोलें। दाईं ओर (Right Side) दिख रही अपनी प्रोफाइल फोटो या तीन लाइनों (Menu) पर क्लिक करें।


2-अकाउंट्स सेंटर खोलें: नीचे स्क्रॉल करके Settings & Privacy पर जाएं और फिर Settings पर टैप करें। सबसे ऊपर दिख रहे Accounts Centre (मेटा लोगो के साथ) पर क्लिक करें।


3- परमिशन सेक्शन में जाएं: अकाउंट्स सेंटर के अंदर ‘Your Information and Permissions’ नाम का विकल्प मिलेगा, उस पर टैप करें।


4- एक्टिविटी चेक करें: अब आपको ‘Your Activity off Meta Technologies’ का ऑप्शन दिखेगा। यहाँ क्लिक करते ही आपके सामने उन सभी ऐप्स और वेबसाइट्स की लिस्ट आ जाएगी जो मेटा के साथ आपका डेटा शेयर कर रहे हैं।


5- पुराना डेटा साफ़ करें: यहाँ आप ‘Clear Previous Activity’ पर क्लिक करके अपनी पुरानी ट्रैकिंग हिस्ट्री मिटा सकते हैं। फ्यूचर ट्रैकिंग बंद करें: सबसे महत्वपूर्ण स्टेप: ‘Manage Future Activity’ पर जाएं और ‘Disconnect Future Activity’ के टॉगल को बंद कर दें।

जैसे ही आप ‘फ्यूचर एक्टिविटी’ को डिस्कनेक्ट करते हैं, मेटा भविष्य में आपके दूसरे ऐप्स के इस्तेमाल को ट्रैक नहीं कर पाएगा। हालांकि, इससे आपके फेसबुक अनुभव पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा, बस आपको रैंडम विज्ञापन दिखना शुरू हो जाएंगे जो आपकी निजी पसंद पर आधारित नहीं होंगे। अपनी प्राइवेसी को सुरक्षित रखने के लिए यह एक छोटा लेकिन बेहद कारगर कदम है।

news desk

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