यूपी की राजधानी लखनऊ में आज सुबह-सुबह उस वक्त भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब प्रशासन का बुलडोजर सीधे कोर्ट परिसर के बाहर वकीलों के चैंबरों पर जा गरजा। उत्तर प्रदेश में माफियाओं और अवैध कब्जों पर चलने वाला बुलडोजर इस बार स्वास्थ्य भवन और जिला कचहरी के आसपास बने वकीलों के अवैध चैंबरों और दुकानों को ढहाने पहुंचा था।
हाईकोर्ट के सख्त आदेश के बाद रविवार (17 मई 2026) की सुबह नगर निगम, जिला प्रशासन और भारी पुलिस बल ने इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। हालांकि, इस दौरान वकीलों और दुकानदारों के जबरदस्त विरोध, तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की के कारण पूरा इलाका छावनी में तब्दील हो गया।
यह पूरी कार्रवाई किसी प्रशासनिक मनमर्जी से नहीं, बल्कि माननीय हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद की गई है:
प्रशासनिक कार्रवाई शुरू होते ही वकीलों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने पुलिस और नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जब पुलिस ने उन्हें पीछे धकेलने की कोशिश की, तो स्थिति बिगड़ गई और दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस के साथ धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
मौके पर मौजूद वकीलों ने इस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे ‘गलत और भेदभावपूर्ण’ करार दिया।
पीड़ित वकील का पक्ष: “यह सब कुछ खास लोगों की मिलीभगत से हो रहा है। हाईकोर्ट ने केवल 72 ऐसे चैंबरों की पहचान कर उन्हें गिराने का आदेश दिया था जो पूरी तरह अवैध थे, लेकिन प्रशासन ने उन चिन्हित चैंबरों को छोड़कर आम और छोटे वकीलों के बैठने की जगह उजाड़ दी। हमारे लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की गई, अब पीड़ित वकील कहां बैठेंगे?”
हंगामे और वकीलों के भारी आक्रोश को देखते हुए जिला कोर्ट और स्वास्थ्य भवन के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। नगर निगम की टीमें मलबे को हटाने और अतिक्रमण साफ करने में जुटी हैं, वहीं किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पीएसी (PAC) और भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात रखा गया है।
वकीलों के इस तीखे विरोध के बाद अब कयास लगाए जा रहे हैं कि यह मामला एक बार फिर कानूनी मोड़ ले सकता है, क्योंकि वकील बिना वैकल्पिक जगह के पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
राज्यसभा उपचुनाव को लेकर बीजेपी ने अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने…
असम के गुवाहाटी में एक नाइट क्लब के अंदर महिला के साथ कथित मारपीट और…
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) प्रमुख हुमायूं कबीर के बीजेपी…
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन की…
जीएसटी लागू होने के करीब नौ साल बाद टैक्स प्रशासन में बड़ा बदलाव देखने को…
नई दिल्ली: मगरमच्छ को दुनिया के खतरनाक शिकारियों में गिना जाता है। यह अपने शिकार…