तिरुवनंतपुरम। केरल में कांग्रेस नेता वी. डी. सतीशन सूबे के अगले मुख्यमंत्री बनने को पूरी तरह से तैयार हैं। कांग्रेस ने उनके नाम का ऐलान किया था और अब जानकारी मिल रही है कि कांग्रेस नेता वी. डी. सतीशन केरल के नए मुख्यमंत्री के तौर पर सोमवार को शपथ लेंगे।
इस दौरान उनके साथ 20 मंत्री भी सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित होने वाले समारोह में शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह को लेकर सेंट्रल स्टेडियम में तैयारियां शुरू हो गई हैं और इसके लिए एक विशाल मंच तैयार किया जा रहा है। कांग्रेस के स्थानीय नेताओं में इसको लेकर काफी उत्साह है।
स्टेडियम में शपथ ग्रहण के दौरान हजारों पार्टी कार्यकर्ताओं, राष्ट्रीय राजनीतिक हस्तियों और स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों के बैठने की व्यवस्था पर पूरा फोकस किया जा रहा है। इतना ही नहीं, बारिश से बचाव के लिए भी खास इंतजाम किए जा रहे हैं। इस दौरान राज्य में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं।
केरल की सियासत में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में जनता ने बदलाव के पक्ष में निर्णायक जनादेश देते हुए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (एलडीएफ) को सत्ता से बेदखल कर दिया है। अब कांग्रेस के नेतृत्व वाला संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सूबे में नई सरकार बनाने जा रहा है।
इस भव्य शपथ ग्रहण समारोह के मद्देनजर राजधानी तिरुवनंतपुरम में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और बड़ी संख्या में आने वाले अति विशिष्ट व्यक्तियों (VIPs) और समर्थकों के लिए विशेष यातायात व्यवस्था (ट्रैफिक रूट) लागू की गई है।
कांग्रेस आलाकमान (AICC) ने पिछले पांच वर्षों से विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे वीडी सतीशन (61) को केरल का अगला मुख्यमंत्री घोषित किया है। सतीशन को राज्य में कांग्रेस के बिखरे हुए जनाधार को फिर से एकजुट करने और गठबंधन को इस ऐतिहासिक जीत तक पहुंचाने का मुख्य श्रेय दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री घोषित होने के बाद से ही सतीशन नए मंत्रिमंडल को अंतिम रूप देने के लिए गठबंधन सहयोगियों के साथ लगातार मैराथन बैठकें कर रहे हैं। यूडीएफ समर्थकों का कहना है कि यह जनादेश व्यवस्था परिवर्तन और नई उम्मीदों को लेकर जनता की मजबूत आकांक्षा का नतीजा है।
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, इस शपथ ग्रहण समारोह को विपक्ष की एकजुटता का बड़ा मंच बनाने की तैयारी है। इसके लिए कांग्रेस शासित राज्यों और पड़ोसी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को विशेष तौर पर आमंत्रित किया गया है।
इस पूरे समारोह में सबसे ज्यादा उत्सुकता पड़ोसी राज्य तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसफ विजय को लेकर बनी हुई है। कांग्रेस सूत्रों ने पुष्टि की है कि उन्हें पहले ही आमंत्रित किया जा चुका है और इस मेगा इवेंट में उनके शामिल होने की आधिकारिक पुष्टि रविवार को होने की संभावना है। यदि वे इस समारोह का हिस्सा बनते हैं, तो यह दक्षिण भारत की राजनीति के नए समीकरणों की ओर एक बड़ा इशारा होगा।
केरल में अमूमन हर पांच साल में सरकार बदलने का रिवाज रहा है, जिसे ‘पेंडुलम पॉलिटिक्स’ कहा जाता है। पिछले चुनाव में एलडीएफ ने दोबारा जीतकर इस रिवाज को तोड़ा था, लेकिन इस बार यूडीएफ ने सतीशन की अगुवाई में आक्रामक वापसी करते हुए वामपंथियों के इस किले को ढहा दिया है। अब देखना यह होगा कि नई यूडीएफ सरकार जनता की इन भारी आकांक्षाओं पर कितनी खरी उतरती है।
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