नई दिल्ली: वर्क फ्रॉम होम की सुविधा ने काम करना आसान जरूर बनाया है, लेकिन अगर आप रोजाना घंटों बेड पर बैठकर लैपटॉप चलाते हैं तो यह आपकी मेटाबॉलिक हेल्थ पर भारी पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि बिस्तर पर काम करने से सीधे ब्लड शुगर नहीं बढ़ता, लेकिन लंबे समय तक निष्क्रिय रहने की आदत इंसुलिन के कामकाज को प्रभावित कर सकती है और डायबिटीज का खतरा बढ़ा सकती है।
क्या बेड पर बैठकर काम करने से बढ़ता है ब्लड शुगर?
कंसल्टेंट डाइटीशियन और सर्टिफाइड डायबिटीज एजुकेटर कनिका मल्होत्रा के अनुसार, बिस्तर या गद्दे पर बैठने से शरीर की इंसुलिन प्रक्रिया सीधे प्रभावित नहीं होती। असली समस्या लंबे समय तक बिना हिले-डुले बैठे रहने (Sedentary Behaviour) से होती है।
विशेषज्ञ बताती हैं कि शरीर की स्केलेटल मांसपेशियां रक्त में मौजूद ग्लूकोज का सबसे अधिक उपयोग करती हैं। जब शरीर सक्रिय रहता है तो ये मांसपेशियां कम इंसुलिन की मदद से भी ग्लूकोज को ऊर्जा के रूप में इस्तेमाल कर लेती हैं। लेकिन घंटों तक एक ही जगह बैठे रहने पर यह प्रक्रिया धीमी पड़ जाती है और पूरा भार इंसुलिन पर आ जाता है।
वर्क फ्रॉम बेड क्यों बन सकता है मेटाबॉलिज्म का दुश्मन?
विशेषज्ञों के मुताबिक, घर से काम करने के दौरान कई ऐसी आदतें बन जाती हैं जो ब्लड शुगर कंट्रोल को प्रभावित कर सकती हैं।
1. मांसपेशियों की निष्क्रियता
लंबे समय तक लगातार बैठे रहने से मांसपेशियां कम सक्रिय रहती हैं। इससे ग्लूकोज का उपयोग घटने लगता है और समय के साथ इंसुलिन रेजिस्टेंस का खतरा बढ़ सकता है।
2. नींद का बिगड़ता पैटर्न
वर्क फ्रॉम होम में देर रात तक काम करना और देर से सोना आम बात है। पर्याप्त नींद न मिलने पर शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ सकता है, जिससे इंसुलिन सेंसिटिविटी प्रभावित हो सकती है।
3. बार-बार स्नैकिंग की आदत
बेड या सोफे पर काम करते हुए लोग अक्सर बिना भूख के भी बिस्कुट, नमकीन, चिप्स या प्रोसेस्ड स्नैक्स खाते रहते हैं। इससे ब्लड शुगर और इंसुलिन का स्तर बार-बार बढ़ सकता है।
4. तनाव भी बढ़ा सकता है शुगर
मानसिक तनाव की स्थिति में लिवर अतिरिक्त ग्लूकोज रक्त में छोड़ सकता है। इससे बिना कुछ खाए भी ब्लड शुगर बढ़ने की संभावना रहती है।
5. अनियमित समय पर खाना
अगर भोजन का समय रोज बदलता रहता है तो शरीर की जैविक घड़ी (Biological Clock) प्रभावित होती है। विशेषज्ञों के अनुसार, एक ही भोजन अलग-अलग समय पर खाने से भी ब्लड शुगर की प्रतिक्रिया बदल सकती है।
ब्लड शुगर कंट्रोल रखने के लिए अपनाएं ये आसान आदतें
अगर आप वर्क फ्रॉम होम करते हैं तो विशेषज्ञ इन बातों का ध्यान रखने की सलाह देते हैं—
- लगातार लंबे समय तक बेड या सोफे पर न बैठें।
- हर 30–45 मिनट में उठकर कुछ मिनट टहलें।
- भोजन के बाद कम से कम 10 मिनट पैदल चलें।
- रोजाना एक ही समय पर सोने और जागने की आदत बनाएं।
- भोजन तय समय पर करें।
- काम करते समय बार-बार स्नैकिंग से बचें।
- दिनभर हल्की-फुल्की शारीरिक गतिविधि करते रहें।
- काम करने के लिए बेड की बजाय टेबल और कुर्सी का इस्तेमाल करें।
डायबिटीज मरीजों को क्यों रहना चाहिए ज्यादा सतर्क?
विशेषज्ञों का कहना है कि जिन लोगों को पहले से डायबिटीज है या प्रीडायबिटीज की समस्या है, उनके लिए लंबे समय तक निष्क्रिय रहना ब्लड शुगर कंट्रोल को और मुश्किल बना सकता है। इसलिए नियमित गतिविधि, संतुलित आहार और पर्याप्त नींद को दिनचर्या का हिस्सा बनाना जरूरी है।
ध्यान दें: यदि ब्लड शुगर लगातार बढ़ा हुआ रहता है या थकान, अत्यधिक प्यास, बार-बार पेशाब आने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर या डायबिटीज विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।