नई दिल्ली: मानसून के मौसम में बढ़ी हुई नमी का असर सिर्फ दीवारों और फर्नीचर पर ही नहीं, बल्कि लकड़ी के दरवाजों और खिड़कियों पर भी पड़ता है। कई घरों में बारिश के दौरान दरवाजे और खिड़कियां फूलने लगती हैं, जिससे उन्हें खोलने और बंद करने में परेशानी होती है। कई बार दरवाजा चौखट में फंस जाता है, कुंडी ठीक से बंद नहीं होती और खोलते-बंद करते समय तेज आवाज भी आने लगती है। हालांकि, अगर समस्या ज्यादा गंभीर नहीं है तो कुछ आसान उपाय अपनाकर इसे घर पर ही काफी हद तक ठीक किया जा सकता है।
सबसे पहले पता करें कहां फंस रहा है दरवाजा
अगर दरवाजा या खिड़की ठीक से बंद नहीं हो रही है तो सबसे पहले यह देखें कि वह किस हिस्से में अटक रही है। धीरे-धीरे दरवाजा बंद करके जांचें कि ऊपर, नीचे या किनारे पर रगड़ तो नहीं लग रही। इससे यह समझने में आसानी होगी कि समस्या लकड़ी के फूलने की है या फिर कब्जों में आई गड़बड़ी की।
ढीले कब्जे भी हो सकते हैं वजह
हर बार दरवाजा नमी की वजह से ही नहीं फूलता। कई मामलों में कब्जों के स्क्रू ढीले होने से दरवाजा नीचे की ओर झुक जाता है और चौखट में फंसने लगता है। ऐसे में स्क्रूड्राइवर की मदद से सभी स्क्रू अच्छी तरह कस दें। जरूरत पड़ने पर मशीन ऑयल या लुब्रिकेंट का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। कई बार सिर्फ इतना करने से ही समस्या दूर हो जाती है।
कमरे की नमी कम करना भी है जरूरी
अगर घर के अंदर लगातार नमी बनी रहती है तो लकड़ी जल्दी सूख नहीं पाती। ऐसे में पंखा चलाएं, खिड़कियां खोलकर वेंटिलेशन बनाए रखें और यदि संभव हो तो डीह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें। एयर कंडीशनर चलाने से भी कमरे की नमी कम करने में मदद मिल सकती है। लकड़ी सूखने के बाद कई बार दरवाजा अपने सामान्य आकार में लौट आता है।
मोम या साबुन से मिल सकती है अस्थायी राहत
यदि दरवाजा केवल हल्का-सा अटक रहा है तो रगड़ वाली जगह पर मोमबत्ती का मोम या सूखा साबुन हल्के हाथ से रगड़ दें। इससे घर्षण कम होगा और दरवाजा आसानी से खुलने-बंद होने लगेगा। हालांकि, यह केवल अस्थायी उपाय है।
भीगे दरवाजे को जबरन बंद न करें
अगर दरवाजा बारिश के पानी से भीग गया है तो उसे जबरदस्ती बंद करने की कोशिश न करें। पहले उसे पूरी तरह सूखने दें। कई मामलों में दो से तीन दिन के भीतर नमी कम होने पर दरवाजा स्वतः सामान्य स्थिति में आ जाता है।
किन परिस्थितियों में कारपेंटर की जरूरत पड़ती है?
यदि दरवाजा जरूरत से ज्यादा फूल गया हो, लकड़ी में दरार आ गई हो, कब्जे टूट गए हों, दरवाजा टेढ़ा हो गया हो, हर साल यही समस्या दोहराई जाती हो या पानी लगने से लकड़ी सड़ने लगी हो, तो ऐसे में विशेषज्ञ की मदद लेना बेहतर रहेगा।
बारिश में दरवाजों को खराब होने से ऐसे बचाएं
मानसून शुरू होने से पहले लकड़ी के दरवाजों पर वार्निश या पीयू कोटिंग करवाएं। कोशिश करें कि बारिश का पानी सीधे दरवाजे पर न पड़े। घर के अंदर नमी कम रखें और समय-समय पर कब्जों में लुब्रिकेंट डालते रहें, ताकि दरवाजे लंबे समय तक सही स्थिति में बने रहें।