Latest News

माउंट एवरेस्ट का ‘डेथ जोन’ क्यों है मौत का सबसे बड़ा कारण? 8000 मीटर से ऊपर क्यों हर सांस बन जाती है जंग

नई दिल्ली: दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई जितनी रोमांचक होती है, उतनी ही जानलेवा भी साबित हो सकती है। हाल ही में इसी पर्वत पर पांच पर्वतारोहियों की मौत ने एक बार फिर इस सवाल को चर्चा में ला दिया है कि आखिर एवरेस्ट के शिखर क्षेत्र को “डेथ जोन” क्यों कहा जाता है।

माउंट एवरेस्ट की 8,000 मीटर से अधिक ऊंचाई को डेथ जोन कहा जाता है, जहां मानव शरीर के लिए जीवित रहना बेहद कठिन हो जाता है। इस क्षेत्र में अब तक 340 से अधिक मौतें दर्ज की जा चुकी हैं, जो इसकी भयावहता को दर्शाती हैं।

क्या है एवरेस्ट का ‘डेथ जोन’?

डेथ जोन वह क्षेत्र है जो 8,000 मीटर से ऊपर शुरू होता है। इस ऊंचाई पर वायुमंडल में ऑक्सीजन की मात्रा समुद्र तल की तुलना में लगभग एक तिहाई रह जाती है। यहां पहुंचते ही शरीर पर अत्यधिक दबाव पड़ने लगता है और सामान्य जैविक क्रियाएं प्रभावित होने लगती हैं।

इस क्षेत्र में पर्वतारोही अक्सर अत्यधिक ठंड, तेज हवाओं और ऑक्सीजन की भारी कमी का सामना करते हैं, जिससे उनका शरीर धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगता है।

क्यों बन जाता है यह क्षेत्र जानलेवा?

डेथ जोन में सबसे बड़ा खतरा “हाइपोक्सिया” यानी ऑक्सीजन की कमी है। इस स्थिति में शरीर के अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती, जिससे मस्तिष्क और हृदय पर गंभीर असर पड़ता है।

वैज्ञानिकों के अनुसार यहां वायुदाब इतना कम होता है कि हर सांस के साथ शरीर में ऑक्सीजन का स्तर तेजी से गिरता है। कुछ मामलों में व्यक्ति कुछ ही मिनटों में बेहोश हो सकता है और स्थिति गंभीर होने पर मौत भी हो सकती है।

शरीर पर क्या होता है असर?

डेथ जोन में मानव शरीर लगभग हर सिस्टम पर प्रभाव झेलता है। मस्तिष्क में सूजन (HACE) होने की संभावना रहती है, जिससे भ्रम, संतुलन खोना और यहां तक कि कोमा जैसी स्थिति बन सकती है।

इसके अलावा फेफड़ों में तरल भरने की समस्या (HAPE) भी हो सकती है, जिससे सांस लेना बेहद कठिन हो जाता है। शरीर ऊर्जा बचाने के लिए मांसपेशियों को तोड़ने लगता है, जिससे थकावट तेजी से बढ़ती है।

हाथ-पैरों में रक्त प्रवाह कम होने से अंग तेजी से ठंडे पड़ जाते हैं और फ्रीजिंग का खतरा बढ़ जाता है।

ऊंचाई पर निर्णय क्षमता क्यों हो जाती है कमजोर?

ऑक्सीजन की कमी का असर केवल शरीर पर ही नहीं, बल्कि दिमाग पर भी पड़ता है। डेथ जोन में पहुंचते ही व्यक्ति की निर्णय लेने की क्षमता कमजोर हो जाती है। कई बार पर्वतारोही थकान और भ्रम की स्थिति में गलत दिशा में आगे बढ़ते रहते हैं या मदद लेने से इनकार कर देते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यही कारण है कि अधिकांश मौतें शिखर पर पहुंचने के बाद वापसी के दौरान होती हैं।

हिलेरी स्टेप जैसे इलाके क्यों हैं सबसे खतरनाक?

एवरेस्ट पर कुछ संकरी और खड़ी चट्टानों वाले हिस्से, जैसे हिलेरी स्टेप, बेहद खतरनाक माने जाते हैं। यहां भीड़, थकान और ऑक्सीजन की कमी मिलकर स्थिति को और अधिक जोखिम भरा बना देती है।

हाल ही में हुई घटनाओं में कई पर्वतारोही इसी तरह के क्षेत्रों में फंसकर अपनी जान गंवा चुके हैं।

क्यों नहीं रह सकते लंबे समय तक इस क्षेत्र में?

डेथ जोन में लंबे समय तक रहना लगभग असंभव माना जाता है क्योंकि शरीर लगातार ऑक्सीजन की कमी से जूझता रहता है। वैज्ञानिकों के अनुसार बिना ऑक्सीजन सहायता के यहां कुछ मिनटों से अधिक जीवित रहना बेहद कठिन है।

यही कारण है कि पर्वतारोहियों को सलाह दी जाती है कि वे इस क्षेत्र में बहुत कम समय बिताएं और तेजी से शिखर तक पहुंचकर तुरंत नीचे लौटें।

क्यों एवरेस्ट अब भी सबसे खतरनाक चोटी है?

बेहद कठिन मौसम, कम ऑक्सीजन, तेज हवाएं और भौगोलिक चुनौतियां मिलकर माउंट एवरेस्ट को दुनिया की सबसे खतरनाक चोटी बनाती हैं। यहां हर कदम पर जिंदगी और मौत के बीच का फर्क बेहद कम हो जाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पर्याप्त तैयारी, सही ऑक्सीजन सपोर्ट और समय प्रबंधन के बिना इस क्षेत्र में प्रवेश करना बेहद जोखिम भरा साबित हो सकता है।

vineet verma

Recent Posts

‘मेरी भी महत्वाकांक्षा है कि मुख्यमंत्री बनूं’, केशव मौर्य ने खोला पत्ता; योगी पर भी दिया बड़ा बयान

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पद को लेकर सियासी चर्चा तेज…

2 hours ago

चुनाव से पहले सीट शेयरिंग पर घमासान? ओपी राजभर ने अखिलेश यादव को घेरा, राहुल गांधी और AAP पर भी तंज

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सियासी बयानबाजी तेज होती जा रही है। सुहेलदेव…

2 hours ago

IAS दिव्या मित्तल ने अचानक छोड़ी नौकरी, IIT-IIM से पढ़ाई और लंदन की नौकरी के बाद चुनी थी IAS की राह; भावुक पोस्ट में बताई पूरी वजह

लखनऊ: उत्तर प्रदेश कैडर की चर्चित आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने अपने पद से इस्तीफा…

5 hours ago

पत्नी को प्रेमी संग देख पति ने खोला राज, फिर जो हुआ उसने उड़ाए पुलिस के होश; सड़क किनारे मिली लाश से खुला पूरा खेल

सोनभद्र: जिले के शक्तिनगर थाना क्षेत्र में पति की हत्या का ऐसा मामला सामने आया…

5 hours ago

सांप ने काटा तो उसे ही पकड़कर डिब्बे में बंद किया, फिर अस्पताल पहुंचा युवक; नजारा देख मचा हड़कंप

भद्रक: ओडिशा के भद्रक जिले में सांप के काटने का एक हैरान करने वाला मामला…

5 hours ago