अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में कभी-कभी एक तस्वीर भी बड़े राजनीतिक विवाद की वजह बन जाती है। अमेरिका के अटलांटा में आयोजित G20 विदेश मंत्रियों की बैठक में कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जहां दशकों से चली आ रही पारंपरिक ‘Family Photo’ को ही रद्द करना पड़ा। इसकी वजह रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव की मौजूदगी बनी। यूरोपीय देशों के प्रतिनिधियों ने लावरोव के साथ एक ही तस्वीर में खड़े होने पर आपत्ति जताई और फोटो का बहिष्कार करने की चेतावनी दी। हालात को देखते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पूरी फोटो सेशन ही रद्द करने का फैसला लिया।
क्यों रद्द करना पड़ा ऐतिहासिक फोटो सेशन?
अटलांटा में G20 विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान परंपरा से चले आ रहा औपचारिक फोटो सेशन (Family Photo) आयोजित नहीं किया गया। इसकी मुख्य वजह बैठक में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव की मौजूदगी रही।
एक-तिहाई प्रतिनिधियों की बगावत: दो पश्चिमी अधिकारियों ने CNN को जानकारी दी कि बैठक में शामिल एक-तिहाई से ज्यादा प्रतिनिधियों ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि अगर रूसी विदेश मंत्री के साथ फोटो ली गई, तो वे तुरंत बैठक से बाहर चले जाएंगे।
दो तस्वीरों का विकल्प भी हुआ खारिज: सीएनएन (CNN) की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने मामले को सुलझाने के लिए दो अलग-अलग तस्वीरें लेने का विचार भी बनाया था—एक लावरोव के साथ और दूसरी उनके बिना।
मार्को रुबियो का फैसला: कूटनीतिक विवाद से बचाव
तमाम कूटनीतिक खींचतान के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने आखिरकार पारंपरिक फैमिली फोटो सेशन रद्द करने का फैसला लिया। एक अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, रुबियो का मानना था कि तस्वीर को लेकर होने वाला विवाद बैठक के मुख्य एजेंडे से ध्यान भटका सकता है और माहौल खराब कर सकता है।
वहीं, एक अन्य अधिकारी ने बताया कि जब कई देशों के प्रतिनिधियों ने संयुक्त तस्वीर में शामिल होने से अनिच्छा जताई, तो कूटनीतिक टकराव बढ़ाने के बजाय फोटो सेशन रद्द करना बेहतर समझा गया, ताकि G20 की मूल चर्चाओं और वैश्विक मुद्दों पर ध्यान बना रहे।
रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव का तंज
अटलांटा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से फैमिली फोटो विवाद पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने पश्चिमी देशों पर तंज कसते हुए कहा कि अगर उनके लिए सबसे ज्यादा मायने यह रखता है कि वे तस्वीर में कैसे दिख रहे हैं और उनके बगल में कौन खड़ा है, तो इससे उनकी सोच का पता चलता है। इसके साथ ही लावरोव ने बताया कि बैठक के दौरान उनकी अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से संक्षिप्त मुलाकात हुई और दोनों के बीच अच्छी बातचीत भी हुई।