नई दिल्ली: नौकरी बदलने के बाद कई कर्मचारियों के एक से अधिक भविष्य निधि खाते बन जाते हैं। समय के साथ इनमें से कई खाते निष्क्रिय हो जाते हैं या कर्मचारी उन्हें अपने सक्रिय यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) से जोड़ नहीं पाते। इसी समस्या के समाधान के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने नया ई-पोर्टल तैयार किया है। हालांकि, सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि जिन कर्मचारियों को अपना पुराना पीएफ अकाउंट नंबर याद नहीं है, उनके लिए फिलहाल कोई नई सुविधा प्रस्तावित नहीं है।
सरकार ने बताया कि नया ई-पोर्टल एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके जरिए कर्मचारी अपने बंद या निष्क्रिय ईपीएफ खाते का पता लगा सकेंगे। आधार आधारित सत्यापन के माध्यम से सदस्य अपने पुराने खाते तक सुरक्षित पहुंच बना सकेंगे और उसमें जमा राशि को अपने सक्रिय UAN में ट्रांसफर करने या पात्र होने पर खाते का ऑनलाइन निपटान कराने की सुविधा मिलेगी।
लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री ने बताया कि EPFO का नया ई-पोर्टल तैयार किया जा चुका है। यह पोर्टल आधार आधारित प्रमाणीकरण की मदद से पुराने खातों को ट्रैक करने और उन्हें सक्रिय UAN से जोड़ने की प्रक्रिया को आसान बनाता है। इसके जरिए योग्य खातों का ऑनलाइन निपटान भी कराया जा सकेगा।
अक्सर कर्मचारी नौकरी बदलते समय नए संस्थान से जुड़ते हैं, जिसके बाद उसी UAN के तहत नया पीएफ खाता खुल जाता है। कई मामलों में पुराने रिकॉर्ड, अधूरी केवाईसी या तकनीकी कारणों से पुराने खाते नए UAN से लिंक नहीं हो पाते और निष्क्रिय हो जाते हैं। इसके चलते कर्मचारियों को अपनी जमा राशि तक पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
नया ई-पोर्टल कर्मचारियों को पुराने या निष्क्रिय पीएफ खातों की पहचान करने, आधार के जरिए स्वयं का सत्यापन करने, पुराने खाते तक सुरक्षित पहुंच बनाने, जमा राशि को सक्रिय UAN में ट्रांसफर करने और पात्र खातों का डिजिटल माध्यम से निपटान कराने की सुविधा देगा। इससे कार्यालयों के चक्कर लगाने और दस्तावेजों की लंबी प्रक्रिया की जरूरत भी कम होगी।
संसद में यह सवाल भी पूछा गया कि क्या भविष्य में ऐसे कर्मचारियों के लिए भी पोर्टल का दायरा बढ़ाया जाएगा, जिन्हें अपने पुराने पीएफ अकाउंट नंबर याद नहीं हैं या उपलब्ध नहीं हैं। सरकार ने स्पष्ट जवाब देते हुए कहा कि फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। यानी मौजूदा व्यवस्था में पुराने अकाउंट नंबर उपलब्ध न होने की स्थिति के लिए कोई अतिरिक्त सुविधा शुरू करने की योजना नहीं है।
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