Latest News

B-Grade फिल्मों की शूटिंग का सच: कम बजट, छोटे होटल और इंटीमेट सीन, कैसे बनती हैं ऐसी फिल्में?

  • न बड़े सितारे, न महंगे सेट और न ही लंबा शूटिंग शेड्यूल
  • छोटी टीम, सीमित लोकेशन और तेजी से निर्माण के दम पर तैयार होती हैं ये फिल्में

टेलीविजन और बॉलीवुड की दुनिया में कई ऐसे कलाकार रहे हैं, जिन्होंने अपने करियर की शुरुआत छोटे बजट की फिल्मों से की। कुछ कलाकारों के लिए ये फिल्में काम पाने का जरिया बनीं, तो कुछ ने आर्थिक जरूरतों के चलते ऐसे प्रोजेक्ट्स में काम किया।

लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कम बजट में बनने वाली बी-ग्रेड फिल्में आखिर शूट कैसे होती हैं? इनकी शूटिंग का तरीका बड़े बजट की फिल्मों से काफी अलग होता है। यहां कहानी से लेकर लोकेशन और कलाकारों के चयन तक, हर फैसला बजट और समय को ध्यान में रखकर लिया जाता है।

पहले तय होती है लोकेशन, फिर बनती है कहानी

बड़े बजट की फिल्मों में आमतौर पर कहानी और स्क्रिप्ट के आधार पर लोकेशन चुनी जाती है। इसके उलट कम बजट की कई फिल्मों में पहले सस्ती और आसानी से उपलब्ध लोकेशन तलाश की जाती है। इसके बाद उसी जगह के हिसाब से कहानी और सीन तैयार किए जाते हैं।

होटल, गेस्टहाउस, फार्महाउस, पुराने मकान और सीमित इंडोर लोकेशन इन फिल्मों की शूटिंग के लिए इस्तेमाल होती हैं। कई बार एक ही जगह को अलग-अलग एंगल से शूट करके फिल्म में कई स्थानों के रूप में दिखाया जाता है। इससे सेट बनाने और लोकेशन बदलने का खर्च बच जाता है।

छोटे क्रू और नए कलाकारों के भरोसे शूटिंग

बी-ग्रेड फिल्मों में आमतौर पर बड़े सितारे नजर नहीं आते। इनमें नए कलाकारों, मॉडल्स, संघर्षरत अभिनेताओं और कभी-कभी टेलीविजन से जुड़े चेहरों को मौका दिया जाता है। कम बजट के कारण निर्माण टीम भी छोटी रखी जाती है।

कई बार निर्देशक ही फिल्म के दूसरे रचनात्मक कामों में भी हाथ बंटाता है। कैमरा, लाइटिंग और प्रोडक्शन से जुड़े सीमित लोग मिलकर शूटिंग पूरी करते हैं। डिजिटल कैमरों के इस्तेमाल ने इस प्रक्रिया को पहले के मुकाबले सस्ता और आसान बनाया है।

4-5 दिन में शूटिंग, 15 दिन में तैयार फिल्म

कम बजट की फिल्मों में समय सबसे बड़ा संसाधन होता है। इसलिए इनका शूटिंग शेड्यूल बेहद छोटा रखा जाता है। कुछ फिल्में चार से पांच दिन में शूट कर ली जाती हैं, जबकि कुछ प्रोजेक्ट्स में स्क्रिप्ट, शूटिंग, एडिटिंग और मिक्सिंग समेत पूरी प्रक्रिया करीब 15 दिन में निपटाने की कोशिश होती है।

कई प्रोडक्शन में लंबे शूटिंग शिफ्ट भी देखने को मिलते हैं। इसकी वजह यह है कि शूटिंग जितनी जल्दी पूरी होगी, फिल्म उतनी जल्दी रिलीज के लिए तैयार हो सकेगी। हालांकि, हर कम बजट की फिल्म का शेड्यूल एक जैसा नहीं होता।

बोल्ड सीन, हॉरर और एक्शन के सहारे दर्शक जुटाने की कोशिश

बी-ग्रेड फिल्मों की मार्केटिंग में पोस्टर और ट्रेलर की अहम भूमिका होती है। कई फिल्मों में बोल्ड कंटेंट, हॉरर और एक्शन को प्रमुखता से दिखाया जाता है। इनके टाइटल और पोस्टर भी इस तरह तैयार किए जाते हैं, जिससे दर्शकों का ध्यान आकर्षित हो।

इंटिमेट सीन की शूटिंग के दौरान कलाकारों की सहमति, निजता और सुरक्षा का ध्यान रखा जाना जरूरी है। ऐसे दृश्यों को केवल जरूरी और अधिकृत क्रू की मौजूदगी में फिल्माया जाना चाहिए।

सिंगल स्क्रीन से डिजिटल प्लेटफॉर्म तक पहुंचा कारोबार

पहले छोटे बजट की ऐसी फिल्मों का एक बड़ा दर्शक वर्ग छोटे शहरों के सिंगल स्क्रीन सिनेमाघरों में मिलता था। लेकिन समय के साथ सिनेमाघरों का स्वरूप बदला और डिजिटल प्लेटफॉर्म का विस्तार हुआ। अब ऐसी कई फिल्में यूट्यूब और दूसरे ऑनलाइन माध्यमों के जरिए दर्शकों तक पहुंचती हैं।

कम लागत, सीमित संसाधन और तेजी से निर्माण इस तरह के सिनेमा की प्रमुख विशेषताएं हैं। यही वजह है कि बड़े बजट की फिल्मों से अलग, इनका पूरा बिजनेस मॉडल कम खर्च में फिल्म तैयार करने और जल्द से जल्द दर्शकों तक पहुंचाने पर टिका होता है।

news desk

Recent Posts

IPL 2027 से पहले CSK-SRH में महाट्रेड! 4 खिलाड़ियों की अदला-बदली, लिविंगस्टोन की हुई चेन्नई में एंट्री

हार्दिक पांड्या के ट्रेड की चर्चाओं के बीच चेन्नई सुपर किंग्स और सनराइजर्स हैदराबाद ने…

10 minutes ago

AI वीडियो, वॉइस कमांड और 63 भाषाओं में लाइव ट्रांसलेशन! जानिए Google Workspace में क्या नए बदलाव हुए

तकनीक की दुनिया में एक बड़ा धमाका करते हुए गूगल ने अपने वर्कस्पेस (Workspace) यूजर्स…

15 minutes ago

IND vs NZ: दूसरे वनडे में मोहम्मद सिराज की होगी एंट्री! पहले मैच के हीरो आकिब नबी की जा सकती है जगह

ऑकलैंड में जीत के बाद टीम इंडिया की नजर सीरीज पर कब्जा जमाने पर, वेलिंग्टन…

40 minutes ago

दिवाली की रात भूलकर भी न करें यह गलती! जानिए मुख्य द्वार पर लक्ष्मी जी के पद चिह्न बनाने का सही तरीका

रौशनी के इस पावन पर्व दिवाली पर हर घर को सजाने और संवारने की होड़…

44 minutes ago

आधार से हटेगा भुगतान का नियम? ललन सिंह के बयान से गरमाई सियासत, अब बायोमेट्रिक्स और वोटर ID पर जोर

नई दिल्ली। सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले लोगों के लिए आने वाले दिनों…

45 minutes ago

यूपी चुनाव से पहले मायावती का शक्ति प्रदर्शन, 75 जिलों के पदाधिकारियों को मिला महारैली सफल बनाने का टास्क!

उत्तर प्रदेश की सियासत में 'मिशन 2027' को लेकर बिगुल बज चुका है और बहुजन…

1 hour ago