Latest News

क्या आप भी रोज करते हैं योग? गरुड़ासन के ये जबरदस्त फायदे जान लेंगे, तो आज से ही बना लेंगे दिनचर्या का हिस्सा

नई दिल्ली: योग केवल शरीर को फिट रखने का माध्यम नहीं, बल्कि शारीरिक और मानसिक संतुलन बनाए रखने की एक प्रभावी पद्धति भी माना जाता है। नियमित योगाभ्यास से शरीर को कई तरह के लाभ मिल सकते हैं। इन्हीं योगासनों में गरुड़ासन भी शामिल है, जिसे लगातार करने से शरीर का संतुलन बेहतर होने के साथ मांसपेशियों को मजबूती मिल सकती है। हालांकि, इसका पूरा लाभ तभी मिलता है, जब इसे सही तरीके और उचित समय पर किया जाए।

गरुड़ासन क्यों माना जाता है खास?

गरुड़ासन एक संतुलन बनाने वाला योगासन है, जिसमें शरीर की मुद्रा उड़ान भरने के लिए तैयार गरुड़ पक्षी जैसी दिखाई देती है। यह आसन शरीर की कई मांसपेशियों को एक साथ सक्रिय करता है और मानसिक एकाग्रता बढ़ाने में भी मददगार माना जाता है। लंबे समय तक बैठकर काम करने वाले लोगों के लिए भी इसका नियमित अभ्यास लाभकारी हो सकता है।

गरुड़ासन करने से मिल सकते हैं ये फायदे

नियमित रूप से गरुड़ासन करने से शरीर का संतुलन और एकाग्रता बेहतर हो सकती है। यह टखनों, घुटनों और पैरों की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में सहायक माना जाता है। इसके अलावा ऊपरी पीठ, कंधों और कूल्हों की जकड़न कम करने, शरीर का लचीलापन बढ़ाने और स्थिरता में सुधार लाने में भी यह उपयोगी हो सकता है। लगातार कुर्सी पर बैठकर काम करने वालों के लिए यह आसन विशेष रूप से फायदेमंद माना जाता है।

गरुड़ासन करने का सही तरीका

गरुड़ासन करने के लिए सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं और दोनों पैरों के बीच हल्का अंतर रखें। इसके बाद दाएं पैर को उठाकर बाएं पैर के ऊपर क्रॉस करें। यदि संभव हो तो दाएं पैर के पंजे को बाईं पिंडली के पीछे फंसा लें। अब दोनों हाथों को सामने लाकर बाएं हाथ के ऊपर दाएं हाथ को क्रॉस करें और हथेलियों को आमने-सामने रखें। रीढ़ सीधी रखते हुए घुटनों को हल्का मोड़ें और करीब 15 से 30 सेकंड तक इसी स्थिति में रहें। इसके बाद सामान्य अवस्था में लौटकर दूसरी ओर से भी यही प्रक्रिया दोहराएं।

किस समय करना चाहिए गरुड़ासन?

गरुड़ासन का अभ्यास सुबह के समय करना अधिक लाभकारी माना जाता है। इसे खाली पेट करना बेहतर रहता है। यदि सुबह अभ्यास संभव न हो तो भोजन करने के तीन से चार घंटे बाद भी इसे किया जा सकता है।

इन बातों का रखें ध्यान

गरुड़ासन करते समय शरीर का संतुलन बनाए रखने की कोशिश करें और जल्दबाजी से बचें। शुरुआत में आवश्यकता महसूस होने पर किसी दीवार या सहारे का उपयोग किया जा सकता है। अभ्यास के दौरान शरीर पर अनावश्यक दबाव न डालें और अपनी क्षमता के अनुसार ही आसन करें।

 

vineet verma

Recent Posts

BRICS में बड़ा फैसला! सर्वसम्मति से पास हुआ ‘नई दिल्ली घोषणापत्र 2026

भारत की BRICS 2026 अध्यक्षता के बीच दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आगाज…

17 hours ago

कोविड की याद दिला रहा इबोला! कांगो में 7 हजार से ज्यादा केस, 3 हजार मौतें

कांगो में एक खतरनाक वायरस ने ऐसी दस्तक दी है, जिसने दुनिया को कोविड-19 के…

18 hours ago

ट्रायल में नंबर-1, फिर भी एशियन गेम्स से OUT… सपना टूटा तो दिव्यांशी ने मांगी मां-बाप से माफी

एक तरफ था देश के लिए एशियन गेम्स में उतरने का सपना और दूसरी तरफ…

20 hours ago