नई दिल्ली: सौर ऊर्जा क्षेत्र की अग्रणी कंपनी Waaree Energies Limited के शेयरों में 28 नवंबर को गिरावट देखने को मिली. यह दबाव पिछले दिनों की अस्थिरता, वैश्विक संकेतों और निवेशकों की लाभ-बुकिंग की वजह से रहा. हालांकि आयकर जांच समाप्त होने के बाद बाजार का भरोसा लौटना शुरू हुआ है, और मजबूत वित्तीय प्रदर्शन ने लंबी अवधि के निवेशकों के लिए उम्मीद का माहौल बनाया है.
आयकर जांच समाप्त, निवेशकों का भरोसा लौटा
18 नवंबर से शुरू हुई आयकर विभाग की जांच 25 नवंबर को पूरी तरह समाप्त हो गई. कंपनी ने अपने बयान में साफ किया कि जांच का उसके संचालन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा और उसने विभाग को पूरा सहयोग दिया. जांच के खत्म होते ही शेयरों में थोड़ी रिकवरी देखने को मिली थी, लेकिन उसके बाद लाभ-बुकिंग ने कीमतों को फिर हल्का दबाव में डाल दिया.
मजबूत तिमाही नतीजे: आय और मुनाफे में बड़ा उछाल
कंपनी के Q2FY26 (जुलाई–सितंबर 2025) के नतीजे बेहद मजबूत रहे. शुद्ध लाभ 133% की तेज़ छलांग के साथ ₹842 करोड़ पहुंच गया, जबकि राजस्व 70% बढ़कर ₹6066 करोड़ रहा. EPS ₹29.33 दर्ज किया गया. इसके साथ ही कंपनी ने नवंबर में भुगतान योग्य ₹2 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड भी घोषित किया.
सौर ऊर्जा क्षेत्र में सरकारी PLI स्कीम, 44% वैश्विक निर्यात हिस्सेदारी और कंपनी की 12 GW उत्पादन क्षमता उसकी मार्केट पोज़िशन को और मजबूत बनाती है. 15 नवंबर को सब्सिडियरी संगम सोलर वन द्वारा 15,000 MW नई लाइनों का संचालन शुरू किया गया, जिससे विस्तार की रफ्तार बढ़ी है.
ब्रोकरेज आउटलुक और 1 दिसंबर का प्रेडिक्शन
ब्रोकरेज हाउस Waaree Energies को लेकर सकारात्मक रुख बनाए हुए हैं. मोतीलाल ओसवाल ने ‘खरीदें’ रेटिंग के साथ ₹4000 का टारगेट दिया है, जो करीब 24% अपसाइड की ओर इशारा करता है. अन्य ब्रोकरेज का औसत टारगेट ₹3327 है, जो वर्तमान स्तर से लगभग 5.8% अधिक है. हालांकि अमेरिकी डंपिंग जांच जैसे जोखिम अब भी निवेशकों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं.
दिसंबर महीना भारतीय बाजारों के लिए ऐतिहासिक रूप से सकारात्मक रहा है और Nifty 50 ने पिछले 10 वर्षों में 60% मौकों पर इस महीने बेहतर रिटर्न दिया है. इसी ट्रेंड को देखते हुए 1 दिसंबर को Waaree Energies में 0.5% से 1.5% की हल्की तेजी की संभावना है. संभावित क्लोजिंग ₹3160–₹3180 के बीच रहने का अनुमान है. हालांकि यदि वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ती है, तो शेयर ₹3120 के स्तर तक फिसल सकता है.
कुल मिलाकर 30 नवंबर की हल्की कमजोरी को विशेषज्ञ अस्थायी करेक्शन मान रहे हैं. मजबूत फंडामेंटल्स और बढ़ता सौर ऊर्जा बाजार कंपनी के लिए अनुकूल माहौल बना रहा है. 1 दिसंबर निवेशकों के लिए रिकवरी का अवसर पेश कर सकता है.