गणेश चतुर्थी का त्योहार देशभर में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। महाराष्ट्र से लेकर उत्तर प्रदेश और देश के अलग-अलग राज्यों तक, हर जगह बप्पा की भक्ति और उत्साह देखने को मिलता है। लेकिन इस बार हैदराबाद में विराजे गणपति बप्पा की भव्य प्रतिमा ने सबका ध्यान खींच लिया है। तेलंगाना के बेगम बाजार स्थित फीलखाना में स्थापित इस स्वर्ण गणेश प्रतिमा के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। करीब 48 किलोग्राम वजनी इस प्रतिमा की खासियत जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे। तो चलिए जानते हैं बप्पा की इस अनोखी प्रतिमा की खास बातें।
48 किलोग्राम की है गणेश प्रतिमा
हैदराबाद के बेगम बाजार स्थित फीलखाना में भगवान गणेश की यह खास प्रतिमा आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। 48 किलोग्राम वजनी इस प्रतिमा पर 24 कैरेट सोने की परत चढ़ाई गई है और इसे 3,83,800 अमेरिकन डायमंड्स से सजाया गया है।
पंचधातु से बनी इस प्रतिमा में भगवान विष्णु के दशावतार की झलक दिखाई गई है, जबकि मुकुट के ऊपर तिरुपति बालाजी की आकृति उकेरी गई है। इस अनोखी प्रतिमा को तैयार करने में 8 कुशल कारीगरों को करीब 8 महीने का समय लगा।

किन धातुओं से तैयार की गई प्रतिमा?
हैदराबाद के बेगम बाजार के फीलखाना इलाके में गणेश चतुर्थी के मौके पर ‘ली-ची का राजा’ नाम से स्थापित यह 48 किलोग्राम वजनी गणेश प्रतिमा खास आकर्षण बनी हुई है। यह प्रतिमा पंचधातु से तैयार की गई है, जिसका मुख्य बेस पीतल का है।
इसके ऊपर 24 कैरेट सोने की गोल्ड प्लेटिंग की गई है। प्रतिमा में 3.83 लाख से अधिक अमेरिकन डायमंड्स जड़े गए हैं। बताया गया है कि इसका डिजाइन लालबागचा राजा और तिरुपति बालाजी के स्वरूप से प्रेरित है।

हैदराबाद की यह भव्य गणेश प्रतिमा अपनी अनोखी डिजाइन, 24 कैरेट गोल्ड प्लेटिंग और चमकदार सजावट के चलते श्रद्धालुओं के बीच खास आकर्षण बनी हुई है। 48 किलोग्राम वजनी इस प्रतिमा के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त पंडाल पहुंच रहे हैं। प्रतिमा पर जड़े लाखों अमेरिकन डायमंड्स इसकी खूबसूरती को और बढ़ा रहे हैं। इसकी भव्यता और खास डिजाइन गणेश उत्सव की रौनक में चार चांद लगा रही है।