पंजाब में नशे के मुद्दे और गुलजार सिंह आत्महत्या मामले को लेकर कांग्रेस ने चंडीगढ़ में बड़ा प्रदर्शन किया। पंजाब कांग्रेस के प्रभारी बनने के बाद पहली बार राज्य के दौरे पर पहुंचे सचिन पायलट ने प्रदर्शन की अगुवाई की। कांग्रेस नेताओं ने वित्त मंत्री हरपाल चीमा के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए उनके आवास की ओर मार्च किया, लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
नशे और गुलजार सिंह मामले को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन
चंडीगढ़ में कांग्रेस के इस प्रदर्शन में प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, प्रताप सिंह बाजवा और सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। कांग्रेस ने पंजाब में बढ़ते नशे और गुलजार सिंह की आत्महत्या के मामले को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार को घेरा।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने सरकार से गुलजार सिंह के परिवार को इंसाफ दिलाने और पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की।
सचिन पायलट ने आप सरकार पर साधा निशाना
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सचिन पायलट ने पंजाब सरकार पर नशे के मुद्दे को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में नशे की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है और सरकार से सवाल करने वालों की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।
पायलट ने कहा कि कांग्रेस पंजाब के लोगों के मुद्दों को लेकर सड़क पर संघर्ष करती रहेगी और सरकार को जनता के सवालों का जवाब देना होगा।
हरपाल चीमा के आवास की ओर मार्च
प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा के आवास की ओर मार्च शुरू किया। पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की।
जब प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने लगे तो पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। पुलिस ने कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
कांग्रेस की तीन बड़ी मांगें
कांग्रेस ने वित्त मंत्री हरपाल चीमा के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं
- हरपाल चीमा को मंत्री पद से हटाया जाए
- उनसे इस्तीफा लिया जाए
- मामले में एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष कार्रवाई की जाए
पंजाब में सियासी टकराव तेज
सचिन पायलट के पंजाब कांग्रेस प्रभारी बनने के बाद यह उनका पहला बड़ा राजनीतिक दौरा है। ऐसे में चंडीगढ़ में हुआ यह प्रदर्शन कांग्रेस के लिए शक्ति प्रदर्शन के तौर पर भी देखा जा रहा है। एक मंच पर प्रदेश कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी ने पार्टी की एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की।
पंजाब में नशे का मुद्दा पहले से ही सियासी बहस के केंद्र में है। अब गुलजार सिंह मामले को लेकर कांग्रेस के सड़क पर उतरने से आम आदमी पार्टी सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और बढ़ने के संकेत हैं।