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‘यूज़लेस फैलो, चुप बैठो!’: कर्नाटक में CM डीके शिवकुमार के समर्थकों पर भड़के मल्लिकार्जुन खरगे, लाइव मंच से दी बड़ी चेतावनी

  • खरगे का हाई-वोल्टेज गुस्सा: नए प्रदेश अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद के शपथ ग्रहण में नारेबाजी पर उखड़े कांग्रेस अध्यक्ष
  • मंच से लगाई डांट: कार्यकर्ताओं को कहा— ‘यूज़लेस फैलो’, याद दिलाया यह पार्टी का कार्यक्रम है, किसी व्यक्ति विशेष का नहीं
  • अनुशासनात्मक कार्रवाई का अल्टीमेटम: हुड़दंग मचाने वालों की वीडियो रिकॉर्डिंग तैयार, हाईकमान करेगा एक्शन

बेंगलुरु। कर्नाटक में हाल ही में हुए सत्ता परिवर्तन के बाद भी कांग्रेस के भीतर की अंदरूनी गुटबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है। रविवार (21 जून 2026) को बेंगलुरु में आयोजित एक बड़े दलगत कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का एक बेहद आक्रामक और कड़ा रूप देखने को मिला।

नए प्रदेश अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद के शपथ ग्रहण समारोह में जब नवनियुक्त मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के समर्थकों ने हुड़दंग और नारेबाजी शुरू की, तो खरगे ने लाइव मंच से ही कार्यकर्ताओं को जमकर फटकार लगा दी।

‘डीके-डीके’ के नारों से भड़के खरगे, कहा-“ऐसा लग रहा जैसे पूरा देश जीत लिया”

समारोह के दौरान जैसे ही डीके शिवकुमार के गुट के कार्यकर्ताओं ने ‘डीके-डीके’ के नारे लगाने और हंगामा करना शुरू किया, मल्लिकार्जुन खरगे का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। माइक संभालते हुए खरगे ने बेहद तल्ख लहजे में कहा:

“चुप रहो! नीचे बैठ जाओ… यूज़लेस फैलो (Useless Fellows)! ऐसा चिल्ला रहे हो जैसे पूरा देश तुम्हारे हाथ में आ गया है। यह ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) और पार्टी का आधिकारिक कार्यक्रम है, किसी एक नेता का व्यक्तिगत मंच नहीं है।”

खरगे के इस रौद्र रूप को देखकर खुद मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार असहज हो गए और वे मंच से हाथ हिलाकर अपने समर्थकों को शांत रहने और बैठने का इशारा करते नजर आए।

“वीडियो रिकॉर्डिंग हो चुकी है, बख्शा नहीं जाएगा” अनुशासन पर सख्त संदेश

कांग्रेस अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं को साफ शब्दों में चेतावनी दी कि पार्टी में अनुशासनहीनता को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने मंच से ही ऐलान किया कि कार्यक्रम में बाधा डालने वाले और हुड़दंग मचाने वाले हर एक शख्स की वीडियो रिकॉर्डिंग कर ली गई है। बाद में इस फुटेज की बारीकी से जांच की जाएगी और दोषी कार्यकर्ताओं के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कदम उठाए जाएंगे।

खरगे ने याद दिलाया कि यह आयोजन कर्नाटक में संगठन को और अधिक मजबूत करने के लिए किया गया है, न कि किसी व्यक्ति विशेष की ब्रांडिंग के लिए।

कर्नाटक कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति: सिद्धारमैया के हटने के बाद भी तनाव?

यह पूरा विवाद कर्नाटक कांग्रेस की उस अंदरूनी रस्साकशी को बयां करता है जो पिछले तीन सालों से बंद कमरों में चल रही थी।

  • 2023 का चुनाव: विधानसभा चुनाव में जीत के बाद सिद्धारमैया को सीएम और डीके शिवकुमार को डिप्टी सीएम बनाया गया था।
  • रोटेशन फॉर्मूला: परदे के पीछे ढाई-ढाई साल के रोटेशन फॉर्मूले की चर्चा थी।
  • मई 2026 में बड़ा बदलाव: लंबी खींचतान और समर्थकों के भारी दबाव के बाद, इसी साल 28 मई को सिद्धारमैया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके ठीक एक हफ्ते बाद डीके शिवकुमार ने कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके समर्थकों का उत्साह चरम पर है, लेकिन खरगे की इस डांट ने साफ कर दिया है कि दिल्ली हाईकमान राज्य की गुटबाजी पर पूरी तरह लगाम कसने के मूड में है।

news desk

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