मुंबई: दिग्गज अभिनेत्री मौसमी चटर्जी ने बेहद कम उम्र में फिल्मों में कदम रखा और देखते ही देखते बंगाली के साथ हिंदी सिनेमा में भी अपनी खास पहचान बना ली। किशोरावस्था में 1967 की बंगाली फिल्म ‘बालिका वधू’ से करियर शुरू करने वाली मौसमी ने कम उम्र में ही शादी भी कर ली थी। अब 70 साल की उम्र में वह अपनी बेटी मेघा मुखर्जी को शादी के मामले में जल्दबाजी न करने और अपनी जिंदगी के फैसले सोच-समझकर लेने की सलाह देती हैं।
जागरण फिल्म फेस्टिवल 2026 में मौसमी ने अपनी बेटियों, आज की युवा पीढ़ी और रिश्तों को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि बेटी का बॉयफ्रेंड हो सकता है, लेकिन उससे शादी करना जरूरी नहीं है। अभिनेत्री ने युवा महिलाओं को सतर्क रहने और अपनी जिंदगी को अपनी शर्तों पर जीने की सलाह भी दी।
मौसमी ने अपनी बेटी मेघा मुखर्जी को सलाह देते हुए कहा, “तुम्हारा ब्वॉयफ्रेंड हो सकता है, लेकिन उस व्यक्ति से शादी करना जरूरी नहीं है।”
उन्होंने आज की लड़कियों को थोड़ा स्वार्थी और सतर्क रहने की सलाह दी। मौसमी ने भगवद्गीता का जिक्र करते हुए कहा, “परिवर्तन ही संसार का नियम है।”
अभिनेत्री का कहना है कि समय बदल चुका है और समाज भी पुराने दौर की तुलना में आगे आया है। उनके मुताबिक, बेटियों को अक्सर ससुराल संभालने की सीख दी जाती है, लेकिन बेटों को घर के काम सिखाने पर उतना जोर नहीं दिया जाता।
मौसमी ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी तनाव में है और अपनी जिंदगी का आनंद नहीं ले पा रही है। उन्होंने युवाओं को खुद को साबित करने के लिए कुछ न कुछ करने की सलाह दी।
70 वर्षीय अभिनेत्री ने कहा कि व्यक्ति को वही करना चाहिए जो उसे पसंद है, लेकिन किसी भी चीज की अति से बचना जरूरी है। अगर कोई गलती हो जाए तो उसे दोहराना नहीं चाहिए और अपने विवेक का इस्तेमाल करना चाहिए।
मौसमी चटर्जी ने अपनी शादी से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा भी साझा किया था। ‘बालिका वधू’ की सफलता के बाद उनके लिए कई शादी के रिश्ते आने लगे थे। इसी दौरान उनकी बीमार बुआ की आखिरी इच्छा के चलते उनकी शादी अचानक तय हो गई।
भवानीपुर में रहने वाली उनकी बुआ कैंसर की अंतिम अवस्था में थीं। उन्होंने मौसमी के ससुर और मशहूर गायक-संगीतकार हेमंत कुमार का हाथ पकड़कर पूछा था कि क्या वह मौसमी की शादी देख पाएंगी। हेमंत कुमार के हां कहने के बाद महज एक महीने के भीतर मौसमी की शादी उनके बेटे जयंत मुखर्जी से हो गई।
मौसमी चटर्जी ने 1970 के दशक में हिंदी सिनेमा की प्रमुख अभिनेत्रियों में अपनी जगह बनाई। इस दौरान उन्होंने ‘अनुराग’, ‘रोटी कपड़ा और मकान’, ‘बेनाम’, ‘स्वर्ग नरक’, ‘मंजिल’, ‘अंगूर’ और ‘स्वयंवर’ जैसी फिल्मों में काम किया।
अपने करियर में उन्होंने अमिताभ बच्चन, राजेश खन्ना, धर्मेंद्र, जितेंद्र, विनोद खन्ना और संजीव कुमार जैसे दिग्गज कलाकारों के साथ स्क्रीन शेयर की। बंगाली और हिंदी सिनेमा में उनका लंबा करियर उन्हें अपने दौर की चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल करता है।
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