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UP MLC Election 2026: यूपी में फिर सियासी हलचल! विधान परिषद की 11 सीटों पर चुनाव का बिगुल बजा, 23 अक्टूबर को वोटिंग

लखनऊ / नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने मंगलवार (22 सितंबर 2026) को उत्तर प्रदेश विधान परिषद (UP Legislative Council) की 11 सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा कर दी है।

आयोग द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, इन 11 सीटों पर वर्तमान सदस्यों का कार्यकाल 6 दिसंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। चुनाव आयोग ने इन सीटों पर समय रहते निर्वाचन प्रक्रिया पूरी करने के लिए पूरा कार्यक्रम (Schedule) जारी कर दिया है।

5 ग्रेजुएट्स और 6 टीचर्स सीटों पर होगा मुकाबला

निर्वाचन आयोग के मुताबिक, जिन 11 विधान परिषद सीटों पर चुनाव होने जा रहा है, उनमें 5 स्नातक (Gradiates) निर्वाचन क्षेत्र और 6 शिक्षक (Teachers) निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।

1. स्नातक (Graduates) निर्वाचन क्षेत्र:

  1. लखनऊ डिवीजन ग्रेजुएट्स
  2. वाराणसी डिवीजन ग्रेजुएट्स
  3. आगरा डिवीजन ग्रेजुएट्स
  4. मेरठ डिवीजन ग्रेजुएट्स
  5. इलाहाबाद-झांसी डिवीजन ग्रेजुएट्स

2. शिक्षक (Teachers) निर्वाचन क्षेत्र:

  1. लखनऊ डिवीजन टीचर्स
  2. वाराणसी डिवीजन टीचर्स
  3. आगरा डिवीजन टीचर्स
  4. मेरठ डिवीजन टीचर्स
  5. बरेली-मुरादाबाद डिवीजन टीचर्स
  6. गोरखपुर-फैजाबाद डिवीजन टीचर्स

UP MLC Election Schedule 2026: मुख्य तारीखें और पूरा कार्यक्रम

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार, चुनावी प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू होकर 31 अक्टूबर 2026 तक पूरी कर ली जाएगी:

  • अधिसूचना (Notification) जारी होने की तारीख: 29 सितंबर 2026 (मंगलवार)
  • नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख: 06 अक्टूबर 2026 (मंगलवार)
  • नामांकन पत्रों की जांच (Scrutiny): 07 अक्टूबर 2026 (बुधवार)
  • नाम वापसी की अंतिम तिथि: 09 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार)
  • मतदान की तारीख (Polling Date): 23 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार)
  • मतदान का समय: सुबह 8:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक
  • मतगणना और नतीजे (Counting of Votes): 27 अक्टूबर 2026 (मंगलवार)
  • चुनाव प्रक्रिया पूरी होने की तिथि: 31 अक्टूबर 2026 (शनिवार)

क्यों अहम माना जा रहा है यह चुनाव?

उत्तर प्रदेश विधान परिषद का यह चुनाव राज्य की सत्तारूढ़ बीजेपी और प्रमुख विपक्षी दलों (समाजवादी पार्टी, कांग्रेस आदि) के लिए साख का सवाल माना जा रहा है। शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में सीधे तौर पर पढ़े-लिखे मतदाता (शिक्षक और ग्रेजुएट्स) वोट डालते हैं, जिससे इस चुनाव के नतीजे राज्य के बौद्धिक और राजनीतिक मूड को दर्शाते हैं।

news desk

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