- होर्मुज स्ट्रेट में कार्गो शिप पर ड्रोन हमले के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर
- अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस बोले- ईरान ने की हिंसा, तो उसी की भाषा में देंगे जवाब
- डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा- अमेरिकी और इजराइली हमलों में 80% से ज्यादा तबाह हुई ईरान की सैन्य ताकत
मिडिल ईस्ट (Middle East) में शांति की कोशिशों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। अमेरिका की हालिया सैन्य कार्रवाई के बाद अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की चिंगारी दोबारा सुलग उठी है।
दोनों देशों के बीच जुबानी जंग अब सीधे सैन्य टकराव की धमकियों में बदल चुकी है। जहां अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) ने ईरान को ‘जैसे को तैसा’ जवाब देने की चेतावनी दी है, वहीं ईरान की सेना (IRGC) ने भी महाशक्ति को सीधे ललकारा है।
“बातचीत करो या अंजाम भुगतो”-अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ईरान को सख्त लहजे में संदेश दिया है। उन्होंने साफ किया कि अमेरिका सीजफायर समझौते का पूरी तरह पालन कर रहा था, लेकिन ईरान की उकसावे वाली कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वेंस ने लिखा “ईरान ने सीजफायर समझौते पर साइन किए थे। अगर उन्हें इस समझौते को लेकर कोई शिकायत है, तो वे टेबल पर आकर बातचीत कर सकते हैं। लेकिन अगर वे हिंसा का रास्ता चुनते हैं, तो अमेरिका भी उसी अंदाज में और उसी भाषा में जवाब देगा।”
दरअसल, यह पूरा विवाद 2 दिन पहले होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में एक कार्गो जहाज पर हुए ड्रोन हमले के बाद शुरू हुआ, जिसके जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरानी मिसाइल और ड्रोन साइट्स को नेस्तनाबूद कर दिया था।
ईरान की IRGC की पलटवार की धमकी: “इस बार का जवाब झेल नहीं पाएगा अमेरिका”
दूसरी तरफ, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका पर ही युद्धविराम (Ceasefire) तोड़ने का आरोप मढ़ दिया है। IRGC ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी हमलों के जवाब में उन्होंने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधते हुए कहा कि ट्रंप प्रशासन को अंतरराष्ट्रीय नियमों और समझौतों का कोई सम्मान नहीं है। IRGC ने साफ लफ्जों में कहा:
“अगर अमेरिका ने दोबारा हिमाकत की और फिर से हमला किया, तो इस बार ईरान का पलटवार पहले से कहीं ज्यादा बड़ा, सख्त और विनाशकारी होगा।”
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दावा: ईरान की ताकत अब ‘नेस्तनाबूद’
इस तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बेहद चौंकाने वाला दावा किया है। ट्रंप के मुताबिक, अमेरिकी और इजराइली सेना की संयुक्त कार्रवाई के बाद ईरान की रीढ़ टूट चुकी है और अब उसके पास न तो वायुसेना बची है, न नौसेना और न ही हवाई सुरक्षा प्रणाली।