चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले में गुरुवार शाम निर्माणाधीन सुरंग में अचानक भारी मात्रा में मलबा और पानी घुसने से बड़ा हादसा हो गया। मायापुर-पिपलकोटी क्षेत्र में THDC के हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के लिए बनाई जा रही सुरंग में उस वक्त 22 मजदूर काम कर रहे थे। हादसे के बाद राहत और बचाव दलों ने तत्काल अभियान शुरू किया। अब तक 18 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि बाकी मजदूरों को निकालने की कोशिश लगातार जारी है।
शाम करीब 7 बजे हुआ हादसा, सुरंग में अचानक आया पानी और मलबा
अधिकारियों के मुताबिक हादसा गुरुवार शाम करीब 7:05 बजे हुआ। THDC की इस निर्माणाधीन सुरंग का काम HCC की ओर से किया जा रहा है। हादसा सुरंग के पोर्टल से करीब दो किलोमीटर अंदर हुआ, जहां अचानक पानी का तेज बहाव और मलबा पहुंच गया।
THDC के प्रोजेक्ट हेड अजय वर्मा ने बताया कि घटना के वक्त सुरंग के भीतर कुल 22 लोग काम कर रहे थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार कई मजदूर पानी के बहाव के बीच किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि बाकी लोगों को निकालने के लिए बचाव दल अंदर भेजे गए।
पहले 16 मजदूरों के बाहर आने की जानकारी, बाद में संख्या 18 हुई
चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने शुरुआती जानकारी में बताया था कि 16 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। सभी को गोपेश्वर के जिला अस्पताल भेजा गया था। इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद बताया कि सुरक्षित निकाले गए मजदूरों की संख्या बढ़कर 18 हो गई है।
सुरक्षित बाहर निकाले गए कुछ मजदूर घायल बताए गए हैं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें तीन से चार मजदूरों की हालत कुछ गंभीर बताई गई है, जिनके लिए बेहतर चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था की गई है।
पानी के तेज बहाव के साथ अंदर पहुंचा मलबा
जिलाधिकारी गौरव कुमार के अनुसार शाम करीब 6:30 से 6:45 बजे के बीच सुरंग के अंदर अचानक बड़ी मात्रा में पानी और मलबा आया। ड्यूटी पर मौजूद मजदूर इसकी चपेट में आ गए और कुछ लोग सुरंग के भीतर फंस गए।
हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। सुरंग के भीतर जमा मलबे को हटाने और फंसे मजदूरों तक पहुंचने के लिए भारी मशीनरी का इस्तेमाल किया जा रहा है।
रेस्क्यू के लिए भेजा मशीन लोडर भी पानी में फंसा
बचाव अभियान के दौरान मजदूरों तक पहुंचने के लिए एक मशीन लोडर को सुरंग के भीतर भेजा गया था। हालांकि, वह पानी में फंसकर क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद बचाव दलों ने दूसरे तरीकों से सुरंग के अंदर पहुंचने की कोशिश तेज कर दी।
अधिकारियों के मुताबिक सभी उपलब्ध संसाधनों और मशीनरी को अभियान में लगाया गया है। प्राथमिकता सुरंग के भीतर फंसे मजदूरों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना है।
सेना, ITBP, NDRF और SDRF समेत कई टीमें जुटीं
हादसे की गंभीरता को देखते हुए सेना, इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और राज्य आपदा मोचन बल की टीमें मौके पर तैनात हैं। जिला प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन विभाग, THDC और लोक निर्माण विभाग की टीमें भी बचाव अभियान में शामिल हैं।
सुरंग से मलबा हटाने के लिए जरूरी मशीनरी और अन्य संसाधन लगातार इस्तेमाल किए जा रहे हैं। बचाव दलों की कोशिश है कि अंदर मौजूद सभी मजदूरों तक जल्द पहुंच बनाई जा सके।
मुख्यमंत्री धामी ने देहरादून में की रेस्क्यू ऑपरेशन की समीक्षा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर चमोली के मायापुर-पिपलकोटी में चल रहे बचाव अभियान की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर अभियान की प्रगति की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने घायल मजदूरों से फोन पर बात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी भी ली। उन्होंने अधिकारियों को घायलों के समुचित इलाज और देखभाल के निर्देश दिए। धामी ने कहा कि सुरंग में फंसे प्रत्येक मजदूर को सुरक्षित बाहर निकालना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
चार मजदूरों को निकालने की कोशिश जारी
प्रशासन के मुताबिक सुरंग में काम कर रहे 22 मजदूरों में से 18 को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। बाकी मजदूरों को बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान जारी है। अधिकारियों को उम्मीद है कि आने वाले कुछ घंटों में अभियान पूरा करने की दिशा में सफलता मिल सकती है।
फिलहाल सुरंग में अचानक इतनी बड़ी मात्रा में पानी और मलबा आने की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। प्रशासन का पूरा ध्यान पहले अंदर फंसे मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने पर है। हादसे के कारणों की विस्तृत जांच इसके बाद की जाएगी।