Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: चमोली टनल हादसे ने फिर डराया, याद आया सिल्क्यारा का वो खौफनाक मंजर; 41 श्रमिक 17 दिन तक रहे थे सुरंग में कैद
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Trending News > चमोली टनल हादसे ने फिर डराया, याद आया सिल्क्यारा का वो खौफनाक मंजर; 41 श्रमिक 17 दिन तक रहे थे सुरंग में कैद
Trending Newsराज्य

चमोली टनल हादसे ने फिर डराया, याद आया सिल्क्यारा का वो खौफनाक मंजर; 41 श्रमिक 17 दिन तक रहे थे सुरंग में कैद

vineet verma
Last updated: August 14, 2026 1:13 am
vineet verma
Share
SHARE

चमोली: विष्णुगाड़-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में गुरुवार को अचानक पानी और मलबा घुसने से कई श्रमिक अंदर फंस गए। घटना की खबर सामने आते ही उत्तरकाशी के सिल्क्यारा सुरंग हादसे की भयावह यादें ताजा हो गईं, जब 41 श्रमिक 17 दिनों तक सुरंग के भीतर फंसे रहे थे। चमोली की घटना में राहत की बात यह रही कि बचाव अभियान तेजी से चलाया गया और सुरंग में फंसे अधिकांश श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

Contents
अचानक सुरंग में घुसा पानी और मलबा, मची अफरा-तफरीसिल्क्यारा में 41 श्रमिक 17 दिन तक सुरंग में फंसे रहेसिल्क्यारा के बाद सुरक्षा मानकों पर उठे थे सवालचमोली में पहले भी हो चुके हैं बड़े हादसेहर हादसे के बाद फिर सामने आता है सुरक्षा का सवाल

हालांकि, इस हादसे ने हिमालयी क्षेत्रों में चल रहे बड़े निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा इंतजामों और आपदा से निपटने की तैयारियों को लेकर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर सुरंग निर्माण वाले इलाकों में भूगर्भीय जोखिमों का आकलन और आपात स्थिति में निकासी की व्यवस्था कितनी मजबूत है, इस पर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है।

अचानक सुरंग में घुसा पानी और मलबा, मची अफरा-तफरी

चमोली में टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन की विष्णुगाड़-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में अचानक पानी और मलबा घुस गया। उस वक्त भीतर काम कर रहे श्रमिकों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग सुरंग के अंदर फंस गए।

घटना ने नवंबर 2023 के सिल्क्यारा-बड़कोट सुरंग हादसे की यादें भी ताजा कर दीं। उस हादसे में सुरंग का एक हिस्सा भूस्खलन के कारण धंस गया था और अंदर मौजूद श्रमिकों के लिए बाहर निकलने का रास्ता बंद हो गया था।

सिल्क्यारा में 41 श्रमिक 17 दिन तक सुरंग में फंसे रहे

उत्तरकाशी के सिल्क्यारा में 12 नवंबर 2023 को निर्माणाधीन सुरंग का एक हिस्सा भूस्खलन के कारण धंस गया था। उस समय सुरंग के भीतर 41 श्रमिक मौजूद थे। निकासी वाला रास्ता बंद होने के कारण सभी श्रमिक अंदर ही फंस गए।

उन्हें बाहर निकालना बेहद चुनौतीपूर्ण अभियान था। केंद्र और राज्य की अलग-अलग एजेंसियां कई दिनों तक बचाव कार्य में जुटी रहीं। अभियान के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से आधुनिक उपकरण भी मंगाए गए थे।

करीब 17 दिन तक सुरंग के भीतर रहने के बाद सभी 41 श्रमिकों को आखिरकार सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बचाव अभियान में रेट माइनर की मदद भी ली गई थी। सिल्क्यारा हादसा देश ही नहीं, दुनियाभर में चर्चा का विषय बना था।

सिल्क्यारा के बाद सुरक्षा मानकों पर उठे थे सवाल

सिल्क्यारा हादसे के बाद सुरंग निर्माण से जुड़े सुरक्षा मानकों पर व्यापक चर्चा हुई थी। आपात स्थिति में बाहर निकलने की व्यवस्था, भूगर्भीय जोखिमों की पहचान और बचाव अभियान के लिए जरूरी संसाधनों की उपलब्धता जैसे मुद्दे प्रमुखता से सामने आए थे।

अब चमोली की विष्णुगाड़-पीपलकोटी परियोजना में हुई घटना ने एक बार फिर इन्हीं सवालों को सामने ला दिया है। राहत और बचाव अभियान में तेजी के कारण इस बार अधिकांश श्रमिकों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया, लेकिन पहाड़ी इलाकों में बड़े निर्माण कार्यों के दौरान जोखिमों की लगातार समीक्षा की जरूरत फिर महसूस हुई है।

चमोली में पहले भी हो चुके हैं बड़े हादसे

हिमालयी क्षेत्र में जलविद्युत और अन्य बड़ी परियोजनाओं के दौरान हादसों का सिलसिला नया नहीं है। चमोली और आसपास के इलाकों में पहले भी भूस्खलन, चट्टान गिरने और अन्य प्राकृतिक घटनाओं के कारण श्रमिकों को नुकसान उठाना पड़ा है।

वर्ष 2010 में चमोली जिले की ऋषिगंगा जल विद्युत परियोजना क्षेत्र में भूस्खलन से तीन मजदूरों की मौत हुई थी। वर्ष 2011 में इसी परियोजना के ट्रायल रन के दौरान चट्टान गिरने से एक व्यक्ति की जान गई थी।

वर्ष 2021 में चमोली की तपोवन-विष्णुगाड़ जल विद्युत परियोजना के ऊपर ग्लेशियर फटने की घटना में 100 से अधिक श्रमिक घायल हुए थे।

वर्ष 2023 में उत्तरकाशी के सिल्क्यारा में सुरंग धंसने से 41 मजदूर 17 दिनों तक अंदर फंसे रहे। वर्ष 2025 में तपोवन-विष्णुगाड़ जल विद्युत परियोजना में भूस्खलन से आठ मजदूर घायल हुए, जबकि इसी वर्ष पीपलकोटी-विष्णुगाड़ जल विद्युत परियोजना में लोको ट्रॉली हादसे में 15 मजदूर घायल हुए।

वर्ष 2026 में सिल्क्यारा सुरंग में मलबा गिरने की घटना में एक व्यक्ति की मौत हुई।

हर हादसे के बाद फिर सामने आता है सुरक्षा का सवाल

चमोली की ताजा घटना में राहत-बचाव अभियान की तेजी से अधिकांश श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। लेकिन ऐसे हादसे यह याद दिलाते हैं कि हिमालयी क्षेत्रों में सुरंग और जलविद्युत परियोजनाओं के निर्माण के दौरान प्राकृतिक जोखिमों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

सिल्क्यारा हादसे के बाद जिन सुरक्षा उपायों, आपात निकासी व्यवस्थाओं और भूगर्भीय जोखिमों को लेकर सवाल उठे थे, चमोली की घटना ने उन्हें फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। बड़े निर्माण कार्यों के साथ जोखिम आकलन और सुरक्षा इंतजामों की नियमित समीक्षा अब पहले से ज्यादा जरूरी दिखाई देती है।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article संसद का मॉनसून सत्र हंगामों में बहा, 80% समय बाधित; राहुल गांधी बोले- मोदी की नींद उड़ा दी, बीजेपी ने बताया विपक्ष की हार
Next Article पंचमुखी हनुमान के पांच चेहरों में छिपा है बड़ा रहस्य, हर मुख की अलग शक्ति; जानें घर में तस्वीर लगाने की सही दिशा

फीचर

View More

यूपी 2027: 86 आरक्षित सीटों पर क्यों टिकी सबकी नजर? 2024 के नतीजों ने बदला दलित वोट का सियासी गणित

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में दलित वोट फिर केंद्र में है। 403 विधानसभा सीटों में 86 सीटें SC-ST के…

By news desk 7 Min Read

लखनऊ के KGMU से जुड़े अध्ययन में मां के दूध के 100 सैंपल में मिले जहरीले रसायन, भारी धातुओं ने बढ़ाई चिंता

लखनऊ। नवजात शिशुओं के लिए अमृत माना जाने वाला मां का दूध…

3 Min Read

26 सितंबर की रात आसमान में दिखेगा खास चांद, जानिए Harvest Moon क्यों कहलाता है फसल का चांद

नई दिल्ली: सितंबर की पूर्णिमा को खास माना जाता है और इसे…

8 Min Read

विचार

View More

भारतीय रेडियो प्रसारण के 100 वर्ष: ‘श्रुति’ की परंपरा से ‘मन की बात’ तक… ऐसा रहा जादुई तरंगों का 100 साल का सफर

उस अविस्मरणीय पल को याद कीजिए, जब आपने पहली बार…

August 13, 2026

क्या कभी सोचा है कि आखिर कैसे दक्षिण से उत्तर तक पूरे देश में छा जाते हैं बादल और शुरू हो जाती है झमाझम बारिश?

नई दिल्ली: देश में मानसून की…

July 9, 2026

‘एक भी अमेरिकी सैनिक जिंदा नहीं लौटेगा’… आखिर ईरान ने अमेरिका को क्यों दी खुली चेतावनी? जानिए कैसे बढ़ा नया सैन्य तनाव

तेहरान: पश्चिम एशिया में अमेरिका और…

July 9, 2026

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

You Might Also Like

Delhi Politics: सड़क निरीक्षण के दौरान युवक को थप्पड़, प्रवेश वर्मा पर बरसे केजरीवाल; गिरफ्तारी की मांग

दिल्ली के तिलक नगर में सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर हुए विवाद के दौरान PWD मंत्री प्रवेश वर्मा का…

4 Min Read
Trending Newsवर्ल्ड

South Africa Mass Shootings: दो शहरों में कुछ घंटों के भीतर 27 मौतें, 26 घायल; बंदूकधारियों की तलाश तेज

दक्षिण अफ्रीका में एक के बाद एक दो सामूहिक गोलीबारी से हड़कंप मच गया है। जोहान्सबर्ग के पास एक बार…

6 Min Read
Trending Newsफीचरसियासी

यूपी 2027: 86 आरक्षित सीटों पर क्यों टिकी सबकी नजर? 2024 के नतीजों ने बदला दलित वोट का सियासी गणित

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में दलित वोट फिर केंद्र में है। 403 विधानसभा सीटों में 86 सीटें SC-ST के…

7 Min Read
Trending Newsसियासी

2027 से पहले मायावती का बड़ा संगठनात्मक बदलाव, BSP तीन सेक्टर में बंटी; UP-उत्तराखंड की कमान खुद संभालेंगी

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बहुजन समाज पार्टी ने अपने संगठन में बड़ा बदलाव किया है। पार्टी प्रमुख…

5 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?