लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को वर्ष 2026-27 का अनुपूरक बजट विपक्ष के हंगामे के बीच पेश कर दिया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन में बताया कि अनुपूरक बजट का कुल आकार 59,019.54 करोड़ रुपये है। इसमें राजस्व लेखे का व्यय 17,399.50 करोड़ रुपये और पूंजी लेखे का व्यय 41,620.04 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। विधानसभा चुनाव से पहले पेश किए गए इस बजट में कई लोक-लुभावन प्रावधानों के साथ विकास और बुनियादी क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया गया है।
सरकार का कहना है कि अनुपूरक बजट का उद्देश्य प्रदेश में विकास कार्यों को गति देना, रोजगार के अवसर बढ़ाना, औद्योगिक गतिविधियों को मजबूत करना और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करना है। बजट में उद्योग, ग्राम विकास, ऊर्जा, चिकित्सा और सामाजिक कल्याण जैसे क्षेत्रों के लिए बड़ी धनराशि का प्रावधान किया गया है।
किन क्षेत्रों को मिली सबसे ज्यादा धनराशि
प्रस्तावित अनुपूरक बजट में सबसे अधिक 22,160.88 करोड़ रुपये भारी एवं मध्यम उद्योग क्षेत्र के लिए प्रस्तावित किए गए हैं। इसके अलावा ग्राम विकास के लिए 17,942.73 करोड़ रुपये, ऊर्जा क्षेत्र के लिए 7,422.27 करोड़ रुपये, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के लिए 2,025 करोड़ रुपये, समाज कल्याण विभाग के लिए 1,655 करोड़ रुपये तथा महिला कल्याण विभाग के लिए 1,094.40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
विकास, स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था पर सरकार का फोकस
सरकार ने बजट में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया है। इसके साथ ही ग्राम विकास, ऊर्जा क्षेत्र के विस्तार और प्रदेशवासियों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए भी अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान किया गया है। परिवार कल्याण योजनाओं को भी बजट में प्राथमिकता दी गई है।
बजट पेश होने के दौरान सदन में हंगामा
अनुपूरक बजट पेश किए जाने के दौरान विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों को लेकर सदन में हंगामा किया। इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा को संबोधित करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार ने सभी विधायकों को अपनी बात रखने का अवसर दिया है और सभी विषयों पर चर्चा के लिए सदन तैयार था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्वदलीय बैठक में सभी पक्षों से बातचीत हुई थी और यह तय किया गया था कि नियमों के तहत आने वाले सभी प्रस्तावों पर सरकार जवाब देगी। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष चर्चा से बच रहा है और लगातार सदन की कार्यवाही बाधित कर रहा है, जिससे प्रदेश की 25 करोड़ जनता के हित प्रभावित हो रहे हैं।
विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष को दी चेतावनी
सदन में लगातार हो रहे हंगामे के दौरान विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने विपक्षी विधायकों को कई बार शांत रहने की नसीहत दी। उन्होंने व्यवस्था बनाए रखने की अपील करते हुए हंगामा कर रहे सदस्यों को सदन से बाहर जाने तक के निर्देश दिए।