पटना: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जीत दर्ज करने के बाद जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर ने इसे बिहार की राजनीति के लिए बड़ा संदेश बताया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक सीट की जीत नहीं है, बल्कि राज्य की जनता ने बीजेपी और एनडीए नेतृत्व को साफ संकेत दिया है कि बिहार को बेहतर नेतृत्व की जरूरत है। उनका कहना था कि जनता ने शिक्षा, रोजगार और पलायन जैसे मूल मुद्दों पर मतदान किया है, न कि ‘जंगलराज’ की बहस पर।
प्रशांत किशोर ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि बिहार की जनता चाहती है कि सरकार अपने पुराने वादों पर ध्यान दे। उन्होंने कहा कि अपराध, अपराधियों, एनकाउंटर, हाफ एनकाउंटर और जातीय पहचान के आधार पर हिंसा जैसी भाषा पर रोक लगनी चाहिए। उनके मुताबिक राज्य में अब शिक्षा, रोजगार और पलायन जैसे मुद्दों पर गंभीर चर्चा और काम होना चाहिए।
बीजेपी के नए नेतृत्व पर उठाए सवाल
प्रशांत किशोर ने कहा कि बांकीपुर में ऐसा कोई स्थानीय बदलाव नहीं हुआ, जिससे चुनावी नतीजा प्रभावित हुआ हो। उन्होंने कहा कि नवंबर में बीजेपी इसी सीट पर 51 हजार वोटों के अंतर से जीती थी और तब से क्षेत्र की स्थिति में कोई बड़ा परिवर्तन नहीं आया है। इसके बावजूद इस बार परिणाम बदला है तो उसकी वजह बिहार में बीजेपी का नया नेतृत्व है, जिसे राज्य के लोग स्वीकार नहीं कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिस ‘जंगलराज’ के खिलाफ वोट लेकर सत्ता में आए थे, उसी छवि वाले व्यक्ति को नया चेहरा बनाकर नेतृत्व सौंपने की कोशिश की गई, जिसे जनता ने स्वीकार नहीं किया। उनके अनुसार बिहार के लोग ऐसे नेतृत्व के साथ सहज नहीं हैं।
सरकार नहीं, नेतृत्व बदलने की बात
जन सुराज प्रमुख ने स्पष्ट कहा कि उनका उद्देश्य सरकार गिराना नहीं है। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार अगले चार वर्षों तक बनी रहेगी, लेकिन नेतृत्व परिवर्तन की मांग लोकतांत्रिक तरीके से उठाई जा सकती है। उनका कहना था कि बांकीपुर की जनता के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह तक यह संदेश पहुंचाने की कोशिश की गई है कि बिहार को एक सक्षम, चरित्रवान और योग्य मुख्यमंत्री मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राज्य की जनता चाहती है कि ऐसा नेतृत्व मिले जो शिक्षा, रोजगार और पलायन जैसी समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दे। उनके मुताबिक उपचुनाव के नतीजों ने यह संकेत दिया है कि लोग इन मुद्दों पर बदलाव चाहते हैं।
सम्राट चौधरी के नेतृत्व पर भी साधा निशाना
प्रशांत किशोर ने दावा किया कि जनता ने इस चुनाव के जरिए यह संदेश दिया है कि उसे सम्राट चौधरी का नेतृत्व स्वीकार नहीं है। उन्होंने कहा कि बीजेपी का वह राजनीतिक अहंकार भी जनता को पसंद नहीं आया, जिसमें यह कहा जाता है कि किसी को भी उम्मीदवार बना दिया जाए तो वह चुनाव जीत जाएगा।
तेजस्वी यादव की भूमिका पर भी की टिप्पणी
प्रशांत किशोर ने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि विपक्ष में उनकी भूमिका जनता ने तय की है। आने वाले चार वर्षों में विपक्ष कितना प्रभावी साबित होगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि वह अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किस तरह करता है।
उन्होंने दोहराया कि बिहार की राजनीति का केंद्र शिक्षा, रोजगार और पलायन होना चाहिए। उनका कहना था कि बांकीपुर उपचुनाव में जन सुराज की राजनीतिक लड़ाई इन्हीं तीन मुद्दों पर आधारित रही और जनता ने इन्हीं सवालों के आधार पर उनका साथ दिया।