लखनऊ/नोएडा। नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से जुड़े एक मामले में दो अधिकारियों के खिलाफ प्रस्तावित अनुशासनात्मक कार्रवाई को लेकर शासन स्तर से पत्राचार जारी है। मामला प्राधिकरण की कुछ आवासीय परियोजनाओं से संबंधित बकाया और अतिदेय राशि की वसूली में कथित लापरवाही और अनियमितताओं से जुड़ा बताया जा रहा है।
मामले में नोएडा प्राधिकरण के तत्कालीन विशेष कार्याधिकारी (OSD) संतोष कुमार और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की प्रबंधक श्रीमती स्नेहलता की भूमिका को लेकर विभागीय स्तर पर जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है। जानकारी के अनुसार, सेक्टर-76 स्थित सिलिकॉन सिटी, भूखंड संख्या GH-01A और प्रिंस्ले एस्टेट, भूखंड संख्या GH-02A से जुड़े बकाये तथा अतिदेय राशि की समय पर वसूली नहीं होने का है। इन मामलों में प्राधिकरण को हुई संभावित वित्तीय क्षति और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच के लिए विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।
मामले में शासन की ओर से पहले भी संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई को लेकर निर्देश दिए गए थे। इसके बाद 30 जून 2026 को औद्योगिक विकास अनुभाग-4 की ओर से नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों को पत्र भेजा गया। इसमें संबंधित पत्रावलियों को प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
शासन की ओर से जारी पत्र में कार्मिक विभाग के वर्ष 2019 के शासनादेश का भी संदर्भ दिया गया है।
प्रक्रिया के तहत आरोप पत्र, जांच रिपोर्ट, संबंधित अधिकारियों के जवाब और प्रस्तावित दंड से जुड़ी अंतिम रिपोर्ट उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC), प्रयागराज को भेजे जाने की बात कही गई है।
फिलहाल मामला विभागीय प्रक्रिया में है और शासन स्तर से संबंधित अभिलेख एवं रिपोर्ट तलब किए गए हैं।