मिडिल ईस्ट में मचे भारी घमासान और तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर एक बार फिर बेहद कड़ा और हमलावर रुख अपना लिया है। ‘फॉक्स न्यूज’ (Fox News) को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा है कि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल मार्ग ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) को बहुत जल्द खोलना होगा, वरना अमेरिका की ओर से ऐसा प्रचंड हमला होगा जिसकी ईरान ने कल्पना भी नहीं की होगी।
“हमला करेंगे और फिर भी होर्मुज खोलकर रहेंगे”
कूटनीतिक बातचीत के बीच ट्रंप की इस खुली चेतावनी ने पूरी दुनिया के बाजारों और रक्षा विशेषज्ञों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।
डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान: “होर्मुज स्ट्रेट बहुत जल्द खुल जाएगा, नहीं तो अमेरिका की तरफ से बेहद जोरदार हमला होगा… और उस हमले के बाद भी वह रास्ता हर हाल में खोल दिया जाएगा।”
ट्रंप के इस तेवर से साफ है कि अमेरिका समुद्री रास्ते की नाकेबंदी हटाने के लिए सैन्य कार्रवाई (Military Action) के विकल्प को किसी भी कीमत पर मेज से हटाने को तैयार नहीं है।
“ईरान कभी नहीं बना पाएगा परमाणु बम”
अपनी बातचीत के दौरान ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम (Nuclear Program) पर अमेरिकी नीति को फिर से दोहराया:
- नो न्यूक्लियर वेपन पॉलिसी: ट्रंप ने स्पष्ट किया कि किसी भी शांति समझौते की सबसे पहली और सबसे बड़ी शर्त यही होगी कि तेहरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर पाएगा।
- 50 साल पुरानी समस्या: पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतियों पर निशाना साधते हुए ट्रंप ने कहा कि यह समस्या पिछले 50 सालों से चली आ रही है, जिसे पूर्ववर्ती राष्ट्रपति बहुत पहले सुलझा सकते थे।
एक तरफ वार्ता, दूसरी तरफ महायुद्ध की धमकी!
यह बयान ऐसे वक्त पर आया है जब एक तरफ अमेरिका, ईरान और ओमान के बीच जहाजों की सुरक्षित आवाजाही और 60 दिनों की अंतरिम व्यवस्था (Interim Agreement) को लेकर बातचीत चल रही है, तो दूसरी तरफ ट्रंप खुद इसे अपने नेतृत्व के तौर पर पेश कर रहे हैं।
ट्रंप ने माना कि एक समय ऐसा आ गया था जब अमेरिका ईरान पर “इतिहास का सबसे बड़ा हमला” करने ही वाला था, लेकिन बातचीत का रास्ता खुलने पर उन्होंने सैन्य कार्रवाई को ऐन मौके पर रोक दिया था। हालांकि, अगर समझौते की शर्तें नहीं मानी गईं, तो अमेरिका किसी भी क्षण हमला करने के लिए तैयार बैठा है।