दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव 2026 के नतीजे सामने आ चुके हैं। 18 सितंबर 2026 को हुए मतदान के बाद शनिवार सुबह 8 बजे से नॉर्थ कैंपस के यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स स्टेडियम स्थित मल्टीपर्पज हॉल में मतगणना शुरू हुई थी, जो अब पूरी हो चुकी है। इस बार के चुनाव परिणामों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार में से तीन प्रमुख पदों पर कब्जा जमा लिया है। आइए जानते हैं DUSU के नए पदाधिकारियों की पूरी सूची और चुनाव से जुड़ी खास बातें।
मतगणना और परिणामों की पूरी प्रक्रिया
दिल्ली विश्वविद्यालय के चार केंद्रीय पदों के लिए हुए इस चुनाव के बाद से ही छात्रों और राजनीतिक दलों में उत्सुकता बनी हुई थी। शनिवार सुबह कड़ी सुरक्षा और नियमों के बीच वोटों की गिनती का काम शुरू हुआ।
नॉर्थ कैंपस के मल्टीपर्पज हॉल में हुई इस मतगणना के बाद अब स्थिति पूरी तरह साफ हो चुकी है। सभी चार केंद्रीय पदों के विजेताओं के नाम सामने आ गए हैं, और यह तय हो गया है कि इस साल डीयू छात्रसंघ की कमान किसके हाथ में होगी।
अध्यक्ष पद पर यश डबास की शानदार जीत
इस चुनाव में सबसे बड़ा और मुख्य आकर्षण अध्यक्ष पद का परिणाम रहा, जहाँ यश डबास ने शानदार जीत हासिल करते हुए डीयू छात्रसंघ के अध्यक्ष पद की कमान अपने हाथ में ली है। यश डबास की इस जीत को ABVP के लिए एक बहुत बड़ी सफलता माना जा रहा है।
छात्रसंघ के सबसे बड़े पद पर कब्जा जमाकर उन्होंने संगठन की स्थिति को और अधिक मजबूत कर दिया है। नॉर्थ कैंपस से लेकर कॉलेज परिसरों तक उनके समर्थकों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है और छात्र समुदाय को उनसे यूनिवर्सिटी के विकास व छात्रों के हितों के लिए काफी उम्मीदें हैं।
ABVP का जलवा, तीन पदों पर शानदार जीत
इस साल के DUSU चुनाव परिणामों में ABVP (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद) का पलड़ा भारी रहा है। संगठन ने चार में से तीन महत्वपूर्ण पदों पर जीत हासिल कर अपनी मजबूत पकड़ साबित की है:
- सचिव पद: रिया छाबड़ी ने सचिव पद पर जीत दर्ज की है।
- संयुक्त सचिव पद: लक्ष्य राज सिंह ने संयुक्त सचिव पद पर बाजी मारी है।
इसके अलावा, अध्यक्ष पद के परिणाम को लेकर भी ABVP खेमे में उत्साह देखा जा रहा है। दूसरी ओर, उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने जीत हासिल कर सबको चौंका दिया है।
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव 2026 के इन परिणामों ने एक बार फिर डीयू की छात्र राजनीति की सरगर्मी को साबित कर दिया है। ABVP ने तीन अहम पदों पर जीत हासिल कर अपनी साख मजबूत की है, वहीं निर्दलीय उम्मीदवार की उपाध्यक्ष पद पर जीत ने यह दिखा दिया है कि छात्र व्यक्तिगत चेहरे और मुद्दों को भी तवज्जो दे रहे हैं। अब देखना यह होगा कि ये नए छात्र नेता डीयू के छात्रों के हितों और यूनिवर्सिटी के विकास के लिए आगामी समय में क्या कुछ खास कदम उठाते हैं।