Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: अमेरिका को ‘बड़ी जीत’, भारत में बवाल — ट्रंप-मोदी डील पर विपक्ष का हमला, बोला- “मोगेंबो खुश हुआ”
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Trending News > अमेरिका को ‘बड़ी जीत’, भारत में बवाल — ट्रंप-मोदी डील पर विपक्ष का हमला, बोला- “मोगेंबो खुश हुआ”
Trending Newsबाजार

अमेरिका को ‘बड़ी जीत’, भारत में बवाल — ट्रंप-मोदी डील पर विपक्ष का हमला, बोला- “मोगेंबो खुश हुआ”

news desk
Last updated: February 3, 2026 3:15 pm
news desk
Share
ट्रंप मोदी डील और किसानों का डर
ट्रंप मोदी डील और किसानों का डर
SHARE

नई दिल्ली : अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई ताज़ा ट्रेड डील ने भारत-अमेरिका रिश्तों को नई दिशा देने का दावा तो किया है, लेकिन देश के भीतर इसे लेकर सियासी तूफान खड़ा हो गया है। इस समझौते के तहत अमेरिका ने भारतीय सामानों पर टैरिफ 50 फीसदी से घटाकर करीब 18 फीसदी कर दिया है, जबकि भारत ने अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाएं कम करने का वादा किया है। ऊर्जा, रक्षा और टेक्नोलॉजी के साथ-साथ कृषि को भी इस डील में शामिल किया गया है, और यहीं से सबसे बड़ा विवाद शुरू होता है। अमेरिकी कृषि मंत्री ब्रुक रोलिंस का इसे अमेरिकी किसानों के लिए “बड़ी जीत” बताना भारतीय किसानों की चिंता और बढ़ा रहा है।

अमेरिका को फायदा, भारत पर दबाव

यह समझौता लंबे समय से चल रही बातचीत का नतीजा बताया जा रहा है। अमेरिका भारत के साथ अपने कृषि व्यापार घाटे को कम करना चाहता था, जो 2024 में करीब 1.3 अरब डॉलर था। अमेरिका भारत की बड़ी आबादी को अपने कृषि उत्पादों के लिए बड़ा बाजार मानता है। मक्का, सोयाबीन, डेयरी जैसे उत्पादों के ज़रिए अमेरिकी किसान ज्यादा मुनाफा कमाना चाहते हैं। भारत सरकार का कहना है कि डेयरी जैसे संवेदनशील सेक्टर को बचाया गया है, लेकिन जानकार मानते हैं कि सीमित खुलाव भी भारतीय किसानों के लिए जोखिम भरा साबित हो सकता है।

सस्ते आयात से किसानों की कमर पर मार

भारत में खेती सिर्फ एक सेक्टर नहीं, बल्कि करोड़ों परिवारों की जिंदगी है। अमेरिका अपने किसानों को भारी सब्सिडी देता है, जिससे वहां के कृषि उत्पाद सस्ते पड़ते हैं। अगर ऐसे सस्ते उत्पाद भारतीय बाजार में आते हैं, तो स्थानीय किसानों के लिए मुकाबला करना बेहद मुश्किल होगा। मक्का, सोयाबीन तेल जैसे उत्पादों की कीमतें गिर सकती हैं, जिससे छोटे और मझोले किसानों की आय सीधे प्रभावित होगी। डेयरी सेक्टर में भी डर है कि विदेशी उत्पादों की एंट्री से छोटे डेयरी किसान बाजार से बाहर हो सकते हैं।

विपक्ष का हमला: “सेल इंडिया” और “कैपिटुलेशन” का आरोप

इस समझौते को लेकर विपक्ष ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने इसे “सेल इंडिया”, “कैपिटुलेशन” और किसानों के हितों के खिलाफ करार दिया है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ट्रंप के ऐलान पर तंज कसते हुए कहा कि यह “मोगंबो खुश हुआ” वाला मामला है और प्रधानमंत्री मोदी ने इसमें “समर्पण” कर दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब ऐलान अमेरिका से हो रहा है, तो भारत की स्थिति कमजोर क्यों दिख रही है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी सरकार पर तीखा वार किया। उन्होंने कहा कि मोदी जी “घबराए हुए हैं” और भारी दबाव में इस डील पर साइन किया गया है। राहुल गांधी का आरोप है कि अमेरिका के साथ ट्रेड डील में भारत के किसानों की मेहनत और खून-पसीना बेच दिया गया है। उन्होंने यहां तक कहा कि यह सिर्फ किसानों को नहीं, बल्कि पूरे देश को बेचने जैसा है, और इसी डर से उनकी बनाई हुई इमेज का “गुब्बारा” फूट सकता है।

शशि थरूर ने समझौते की पूरी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की और कहा कि सांसदों और जनता को यह जानने का हक है कि इसका किसानों पर क्या असर पड़ेगा।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे किसानों के खिलाफ “धोखा” और “बेट्रेयल” बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय बाजार को अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए खोलना उस 70 फीसदी आबादी की आजीविका से खिलवाड़ है, जो खेती पर निर्भर है। उन्होंने डेयरी सेक्टर पर पड़ने वाले खतरे को भी गंभीर बताया।

आगे क्या?

सरकार का दावा है कि किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो सुरक्षा उपाय किए जाएंगे। लेकिन सियासी बयानबाजी और विशेषज्ञों की चेतावनियों के बीच एक बात साफ है—इस डील का असली असर आने वाले महीनों में ही दिखेगा। अगर संतुलन नहीं साधा गया, तो यह समझौता ग्रामीण भारत के लिए बड़ा संकट बन सकता है और एक बार फिर खेती देश की सबसे बड़ी राजनीतिक लड़ाई का केंद्र बन सकती है।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: Agricultural Imports, American Farm Subsidy, Dairy Sector India, Farm Protest Risk, Farmers Concern India, Indian Agriculture News, Indian Farmers Issue, Latest Political Economy News, Rural Economy India, Tariff Reduction Impact, Trade Policy Debate, Trump Modi Deal, US India Trade Deal, किसान डर, ट्रंप मोदी समझौता
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article संसद में माइक बंद होने पर सियासी संग्राम, “संसद में माइक बंद होने का नियम क्या है”, फैसला कौन करता है?
Next Article TOday's Gold Price6 दो दिन की गिरावट के बाद सोने की दमदार वापसी, निवेशकों ने कहा—अब डिप खरीदने का मौका

फीचर

View More

छोटे कद में छिपा था फैसलों का बड़ा दम! लाल बहादुर शास्त्री ने इस्तीफे से लेकर 1965 की जंग तक ऐसे फैसले लिए, जिन्हें देखकर बड़े-बड़े नेता भी रह गए हैरान

नई दिल्ली: लाल बहादुर शास्त्री का सार्वजनिक जीवन सादगी, नैतिकता और दृढ़ फैसलों की मिसाल रहा। मंत्री से लेकर प्रधानमंत्री…

By vineet verma 8 Min Read

बाघ सामने आने से पहले बदल जाता है जंगल का मिजाज! जानवरों की आवाज और पगमार्क समेत ये संकेत खोल देते हैं टाइगर की मौजूदगी का राज

नई दिल्ली: जंगल सफारी में बाघ की एक झलक पाने की चाह…

6 Min Read

मणिपुर में क्यों नहीं थम रहा हिंसा का दौर? जमीन, ST दर्जा और राजनीतिक वर्चस्व ने कैसे बढ़ाई मैतेई-कुकी-नगा के बीच दूरी

मणिपुर में जारी जातीय तनाव को समझने के लिए सिर्फ मौजूदा हिंसा…

6 Min Read

विचार

View More

भारतीय रेडियो प्रसारण के 100 वर्ष: ‘श्रुति’ की परंपरा से ‘मन की बात’ तक… ऐसा रहा जादुई तरंगों का 100 साल का सफर

उस अविस्मरणीय पल को याद कीजिए, जब आपने पहली बार…

August 13, 2026

क्या कभी सोचा है कि आखिर कैसे दक्षिण से उत्तर तक पूरे देश में छा जाते हैं बादल और शुरू हो जाती है झमाझम बारिश?

नई दिल्ली: देश में मानसून की…

July 9, 2026

‘एक भी अमेरिकी सैनिक जिंदा नहीं लौटेगा’… आखिर ईरान ने अमेरिका को क्यों दी खुली चेतावनी? जानिए कैसे बढ़ा नया सैन्य तनाव

तेहरान: पश्चिम एशिया में अमेरिका और…

July 9, 2026

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

You Might Also Like

Trending Newsबाजार

Samsung Galaxy Buds On: कान में फिट नहीं होंगे ईयरबड्स! सैमसंग ने लॉन्च किया अनोखा क्लिप-ऑन डिज़ाइन

कान में ईयरबड्स लगाते ही दर्द या चुभन होने लगती है? या फिर लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर कानों…

6 Min Read
Trending Newsसियासी

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बीच 500 से ज्यादा हिरासत में, मुंबई में CJP का आंदोलन; ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शुक्रवार, 2 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर और आसपास…

4 Min Read
Trending Newsखेल

Asian Games 2026: आखिरी 15 सेकंड में पलटा पूरा मैच, सुजीत कलकल ने ऐसे जीता रेसलिंग में गोल्ड

भारत के युवा पहलवान सुजीत कलकल ने एशियन गेम्स 2026 में ऐसा प्रदर्शन किया, जिसे लंबे समय तक याद किया…

4 Min Read
EntertainmentTrending News

बॉक्स-ऑफिस पर अजय देवगन की ‘दृश्यम 3’ ने की शानदार ओपनिंग… पहले ही दिन कर डाली करोड़ों की कमाई!

अजय देवगन की सबसे सस्पेंसफुल और मोस्ट अवेटेड फ्रेंचाइजी फिल्म 'दृश्यम 3: द कन्क्लूजन' आखिरकार आज सिनेमाघरों में रिलीज होते…

4 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?