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ट्रंप का ‘फायरिंग मोड’: ईरानी हमले पर सवाल पूछने वाली पत्रकार को दिखाया बाहर का रास्ता

मिडिल ईस्ट में अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) अब एक खतरनाक ‘फ्लैशपॉइंट’ बन गया है। हाल ही में ईरान द्वारा दो भारतीय जहाजों को निशाना बनाए जाने के बाद, व्हाइट हाउस में माहौल गरमा गया है। लेकिन इस बार खबर सिर्फ हमले की नहीं, बल्कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस गुस्से की है, जिसका शिकार एक महिला पत्रकार को होना पड़ा।

क्या हुआ सिचुएशन रूम के बाहर?

जब राष्ट्रपति ट्रंप ईरान के मुद्दे पर एक इमरजेंसी बैठक के लिए जा रहे थे, तब CBS न्यूज की व्हाइट हाउस रिपोर्टर ओलिविया रिनाल्डी ने भारतीय टैंकरों पर हुए हमले को लेकर उनकी प्रतिक्रिया जाननी चाही। ट्रंप का जवाब शब्दों में नहीं, बल्कि एक्शन में दिखा:

  • तल्ख तेवर: सवाल सुनते ही ट्रंप ने पत्रकार की ओर कड़ा रुख किया।
  • ‘OUT’ का आदेश: उन्होंने बिना जवाब दिए पत्रकार को तुरंत वहां से बाहर जाने (Get out) को कह दिया।
  • सोशल मीडिया पर बहस: ओलिविया ने इस घटना का वीडियो साझा करते हुए अपनी हैरानी जताई, जिसके बाद ट्रंप के इस व्यवहार पर अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर बहस छिड़ गई है।

ईरान को ट्रंप की दो-टूक: “प्यार से या वार से, समझौता तो होगा”

पत्रकार पर भड़कने के बाद ट्रंप ने ईरान को लेकर जो बयान दिया, वह उनकी पुरानी ‘मैक्सिमम प्रेशर’ नीति की याद दिलाता है। ट्रंप के बयान के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  1. सीजफायर का उल्लंघन: ट्रंप ने स्पष्ट किया कि भारतीय जहाजों पर हमला ईरान द्वारा संघर्ष विराम का गंभीर उल्लंघन है।
  2. अंतिम चेतावनी: उन्होंने कहा कि वह अब भी शांति समझौते के पक्ष में हैं, लेकिन इसे ईरान की पसंद पर छोड़ दिया है।
  3. टारगेट लिस्ट तैयार: ट्रंप ने सीधी धमकी देते हुए कहा कि अगर समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका ईरान के ब्रिज (पुल) और पावर प्लांट्स जैसे बुनियादी ढांचे को तबाह करने से पीछे नहीं हटेगा।

भारत के लिए चिंता का विषय

भारत के लिए यह स्थिति दोहरी चुनौती वाली है:

  • आर्थिक चोट: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होने वाली तेल और गैस की सप्लाई पर खतरा मंडरा रहा है।
  • कूटनीतिक संतुलन: भारत ने इस हमले पर सख्त नाराजगी जताई है। अब देखना यह है कि क्या अमेरिका भारत के हितों की रक्षा के लिए ईरान पर सैन्य दबाव बढ़ाएगा या कूटनीति के जरिए रास्ता निकालेगा।

ओलिविया रिनाल्डी एक अनुभवी पत्रकार हैं जिन्होंने 2024 के चुनाव कवर किए थे। ट्रंप का उनके प्रति यह व्यवहार दिखाता है कि व्हाइट हाउस इस समय ईरान के मसले पर भारी दबाव में है।

डोनाल्ड ट्रंप का यह ‘आउट’ कहना केवल एक पत्रकार के लिए नहीं, बल्कि ईरान के लिए भी एक संकेत हो सकता है कि अब कूटनीतिक शिष्टाचार का समय खत्म हो रहा है। अगर ईरान ने अपनी रणनीति नहीं बदली, तो मिडिल ईस्ट का यह संघर्ष एक पूर्ण युद्ध का रूप ले सकता है।

news desk

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