सेहत

डायबिटीज में दूध पीना चाहिए या नहीं? डॉक्टर ने दूर की सबसे बड़ी कन्फ्यूजन, बताया कितना और कौन सा दूध है बेहतर

नई दिल्ली: डायबिटीज के मरीजों के बीच खानपान को लेकर कई तरह की गलतफहमियां देखने को मिलती हैं। इन्हीं में से एक बड़ा सवाल यह है कि क्या शुगर के मरीजों को दूध पीना चाहिए या नहीं। कई लोग यह सोचकर दूध पीना बंद कर देते हैं कि इससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है, जबकि कुछ लोग बिना किसी सावधानी के दूध का सेवन करते रहते हैं।

डायबिटीज विशेषज्ञ डॉ. अमित कुमार सिन्हा ने इस विषय पर अपनी राय साझा करते हुए बताया है कि सही मात्रा और सही प्रकार का दूध डायबिटीज मरीजों की डाइट का हिस्सा बन सकता है।

क्या डायबिटीज में दूध पीना सुरक्षित है?

डॉ. अमित कुमार सिन्हा के अनुसार, दूध में लैक्टोज नामक प्राकृतिक शुगर होती है, जो ब्लड शुगर को थोड़ी मात्रा में प्रभावित कर सकती है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि डायबिटीज मरीजों को दूध पूरी तरह छोड़ देना चाहिए।

दूध प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन बी12 और कई जरूरी पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत माना जाता है। ऐसे में सीमित मात्रा में दूध का सेवन स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि संतुलित मात्रा में दूध पीने से आमतौर पर कोई बड़ी समस्या नहीं होती और इसे नियमित आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है।

डायबिटीज मरीजों के लिए कौन सा दूध बेहतर है?

डॉक्टर के मुताबिक, लो-फैट और टोंड दूध डायबिटीज मरीजों के लिए बेहतर विकल्प माने जाते हैं। इनमें वसा और कैलोरी अपेक्षाकृत कम होती है, जिससे शरीर पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ता।

वहीं अधिक फैट वाले दूध, खासकर भैंस के दूध, फ्लेवर्ड मिल्क, मीठे मिल्कशेक और अतिरिक्त चीनी वाले डेयरी पेय पदार्थों से दूरी बनाकर रखना बेहतर माना जाता है।

दिनभर में कितना दूध पी सकते हैं?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, डायबिटीज मरीज दिन में एक से दो गिलास लो-फैट दूध का सेवन कर सकते हैं। यदि ब्लड शुगर का स्तर ज्यादा रहता है तो एक गिलास दूध पर्याप्त माना जाता है।

साथ ही सलाह दी जाती है कि दूध में चीनी, मीठे पाउडर या अन्य अतिरिक्त मीठी चीजें मिलाकर सेवन न करें। किसी भी प्रकार के सप्लीमेंट का उपयोग डॉक्टर की सलाह के बाद ही करना चाहिए।

संतुलन ही सबसे बड़ा नियम

विशेषज्ञों का मानना है कि डायबिटीज में सबसे महत्वपूर्ण बात संतुलन बनाए रखना है। हर खाद्य पदार्थ को पूरी तरह छोड़ना जरूरी नहीं होता, बल्कि उसकी मात्रा और सेवन का तरीका अधिक महत्वपूर्ण होता है।

डॉ. अमित कुमार सिन्हा के अनुसार, कई लोग सिर्फ शुगर बढ़ने के डर से दूध पीना बंद कर देते हैं, जबकि सही मात्रा में लिया गया दूध शरीर को जरूरी पोषण देने में मदद कर सकता है।

बिना सलाह के डाइट में बड़े बदलाव न करें

डायबिटीज मरीजों को अपनी डाइट में किसी भी बड़े बदलाव से पहले डॉक्टर या डायटीशियन की सलाह जरूर लेनी चाहिए। हर व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति अलग होती है, इसलिए खानपान की जरूरतें भी अलग हो सकती हैं।

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