तेहरान: ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अंत्येष्टि को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। शुक्रवार से शुरू होने वाले अंतिम संस्कार कार्यक्रम में लाखों लोगों के शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है। यह कार्यक्रम करीब एक सप्ताह तक चलेगा और ईरान के साथ-साथ इराक के कम से कम पांच शहरों में भी इससे जुड़े आयोजन होंगे। हालांकि सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर है कि खामेनेई के उत्तराधिकारी और उनके बेटे मोजतबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से इस अंत्येष्टि में शामिल होंगे या नहीं।
मोजतबा खामेनेई की मौजूदगी पर बना हुआ है सस्पेंस
मोजतबा खामेनेई को मार्च में सर्वोच्च नेता चुने जाने के बाद अब तक सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है। ऐसे में यह साफ नहीं है कि वह अपने पिता के अंतिम संस्कार में सार्वजनिक रूप से शामिल होंगे या सुरक्षा कारणों अथवा अन्य वजहों से इससे दूरी बनाए रखेंगे। उनकी संभावित अनुपस्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चाएं तेज हैं।
एक सप्ताह तक चलेंगे अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम
ईरान सरकार ने खामेनेई की अंत्येष्टि को लेकर व्यापक तैयारियां की हैं। राजधानी तेहरान में मुख्य कार्यक्रम आयोजित होगा, जबकि ईरान और इराक के कम से कम पांच शहरों में भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम रखे गए हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि इस दौरान लाखों लोग अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि देने पहुंचेंगे।
राष्ट्रपति ने सभी नागरिकों से की शामिल होने की अपील
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने देशवासियों से बड़ी संख्या में अंत्येष्टि में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जाति, धर्म और राजनीतिक विचारधारा से ऊपर उठकर लोगों की भागीदारी दुनिया के सामने ईरान की एकता और छवि को मजबूत करेगी।
भारत से जाएगा उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल
खामेनेई की अंत्येष्टि में भारत की ओर से भी प्रतिनिधिमंडल शामिल होगा। कांग्रेस की ओर से पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। वहीं भारतीय जनता पार्टी के पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी को भी आमंत्रित किया गया है।
इसके अलावा विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन भारत का आधिकारिक प्रतिनिधित्व करेंगे। दोनों शुक्रवार को ईरान रवाना होंगे।