नई दिल्ली। देश में रसोई गैस यानी LPG की सप्लाई को अंतरराष्ट्रीय संकट से बचाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने 21 रिफाइनरी और अपस्ट्रीम कंपनियों के लिए रोजाना 63,810 टन LPG उत्पादन का लक्ष्य तय किया है। सरकार का दावा है कि इस व्यवस्था से संकट के समय घरेलू LPG उत्पादन तेजी से बढ़ाया जा सकेगा और आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
यह फैसला ऐसे समय में अहम है, जब भारत की LPG जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा होता है। पश्चिम एशिया में तनाव और समुद्री व्यापार मार्गों पर संभावित व्यवधान ने सरकार के सामने LPG सप्लाई को लेकर चुनौती खड़ी की थी। अब इसी अनुभव के आधार पर सरकार ने सामान्य समय में ही एक ऐसा सिस्टम तैयार करने की कोशिश की है, जिसे जरूरत पड़ने पर तुरंत सक्रिय किया जा सके।
21 कंपनियों को क्यों दिया गया LPG उत्पादन का लक्ष्य?
सरकार ने कुल 63,810 टन प्रतिदिन LPG उत्पादन की क्षमता निर्धारित की है। यह देश की करीब 91,000 टन की रोजाना LPG खपत का लगभग 70 फीसदी है।
इसका मतलब है कि किसी अंतरराष्ट्रीय संकट के दौरान यदि LPG के आयात में अचानक कमी आती है, तो घरेलू कंपनियों से उत्पादन बढ़ाकर सप्लाई को संभालने की गुंजाइश रहेगी।
सरकार का यह कदम पहले लागू किए गए आपातकालीन उपायों से अलग है। अब कंपनियों के लिए उत्पादन की क्षमता और जिम्मेदारी पहले से तय रहेगी।
भारत LPG के लिए कितना आयात पर निर्भर?
वित्त वर्ष 2026 में भारत में करीब 3.32 करोड़ टन LPG की खपत हुई। इसमें घरेलू उत्पादन लगभग 1.31 करोड़ टन रहा, जबकि करीब 2.13 करोड़ टन LPG का आयात किया गया।
यानी देश की LPG जरूरत का 64 फीसदी से ज्यादा हिस्सा आयात से पूरा हुआ। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार या समुद्री मार्गों में किसी बड़े व्यवधान का सीधा असर भारत की LPG सप्लाई पर पड़ सकता है।
यही वजह है कि सरकार अब घरेलू उत्पादन क्षमता को एक रणनीतिक सुरक्षा कवच के तौर पर मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
संकट के दौरान सरकार ने क्या किया था?
सप्लाई संकट के दौरान सरकार ने रिफाइनरियों को पेट्रोकेमिकल उत्पादन में इस्तेमाल होने वाली कुछ स्ट्रीम को LPG उत्पादन की ओर मोड़ने के निर्देश दिए थे।
इंडस्ट्रियल और कमर्शियल ग्राहकों की सप्लाई पर भी अस्थायी असर पड़ा था। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सिलेंडर बुकिंग का अंतराल बढ़ाया गया और पाइप्ड नेचुरल गैस के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया गया।
संकट के दौरान घरेलू LPG उत्पादन को बढ़ाकर करीब 55,000 टन प्रतिदिन तक ले जाया गया था। हालात सामान्य होने के बाद आपातकालीन उपाय वापस ले लिए गए, लेकिन अब सरकार ने उत्पादन बढ़ाने के लिए स्थायी व्यवस्था तैयार की है।
किस कंपनी को कितना LPG उत्पादन टारगेट मिला?
सरकार के नए प्लान में सार्वजनिक क्षेत्र, निजी कंपनियों और अपस्ट्रीम गैस कंपनियों को शामिल किया गया है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज की जामनगर रिफाइनरी को सबसे बड़ा लक्ष्य दिया गया है। कंपनी की घरेलू टैरिफ एरिया रिफाइनरी के लिए 18,000 टन प्रतिदिन का लक्ष्य तय किया गया है।
वहीं, रूस की रोसनेफ्ट समर्थित नायरा एनर्जी की वाडिनार रिफाइनरी को 4,480 टन प्रतिदिन का लक्ष्य मिला है।
ONGC और GAIL जैसी अपस्ट्रीम गैस कंपनियों को मिलाकर करीब 6,460 टन प्रतिदिन का उत्पादन लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
कंपनियों को स्टोरेज और ट्रांसपोर्ट भी मजबूत करना होगा
सरकार ने सिर्फ LPG उत्पादन बढ़ाने पर जोर नहीं दिया है, बल्कि इसके भंडारण और परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की भी योजना बनाई है।
कंपनियों को LPG के स्टोरेज, निकासी और परिवहन के लिए पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना होगा। जरूरत के मुताबिक रेलवे और रोड टैंकर जैसी परिवहन सुविधाओं का इस्तेमाल किया जाएगा।
इसके अलावा कंपनियों को तकनीकी रूप से संभव होने पर नाफ्था को LPG में बदलने और मौजूदा यूनिट्स को अपग्रेड करने जैसे उपाय भी करने होंगे।
हर साल दो बार बदलेगा LPG प्रोडक्शन प्लान
सरकार ने इस व्यवस्था को स्थायी और अपडेटेड रखने की तैयारी की है। LPG उत्पादन का शेड्यूल हर साल 1 जनवरी और 1 जुलाई को अपडेट किया जाएगा।
इससे नई रिफाइनरी, नई तकनीक और कंपनियों की बढ़ी हुई उत्पादन क्षमता को सिस्टम में शामिल किया जा सकेगा।
क्या इससे LPG की किल्लत पूरी तरह खत्म हो जाएगी?
सरकार का यह प्लान संकट के समय LPG सप्लाई को बनाए रखने के लिए बड़ा सुरक्षा कवच साबित हो सकता है, लेकिन इससे आयात पर निर्भरता तुरंत खत्म नहीं होगी। भारत की कुल LPG जरूरत अभी भी घरेलू उत्पादन से काफी ज्यादा है।
हालांकि, अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सप्लाई बाधित होती है या समुद्री मार्गों में परेशानी आती है, तो घरेलू उत्पादन बढ़ाने की पहले से तय व्यवस्था सरकार को अचानक पैदा होने वाली कमी से निपटने में मदद कर सकती है।
LPG Supply Plan: बड़ी बातें
- 21 कंपनियों को LPG उत्पादन का लक्ष्य
- 63,810 टन प्रतिदिन घरेलू LPG उत्पादन क्षमता का लक्ष्य
- देश की रोजाना LPG खपत का करीब 70 फीसदी
- भारत की LPG जरूरत का 64 फीसदी से ज्यादा हिस्सा आयात पर निर्भर
- रिलायंस जामनगर को सबसे बड़ा 18,000 टन प्रतिदिन का लक्ष्य
- LPG स्टोरेज और ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने की तैयारी
- उत्पादन शेड्यूल हर साल 1 जनवरी और 1 जुलाई को अपडेट होगा