- बाजार में कोहराम: सेंसेक्स 890 अंक टूटकर 73,759 पर आया, निफ्टी भी 200+ अंक फिसला
- IT सेक्टर्स में तबाही: कल के ‘हीरो’ आज बने ‘विलेन’, TCS और इंफोसिस के शेयर 6% तक क्रैश
- क्रूड ऑयल का झटका: कच्चा तेल फिर $97 के पार, अमेरिका-ईरान तनाव से बिगड़ा मूड
मुंबई। भारतीय शेयर बाजार के लिए बुधवार का दिन ‘ब्लैक वेडनेसडे’ साबित हुआ। मजबूत ग्लोबल संकेतों के बावजूद घरेलू शेयर बाजार ताश के पत्तों की तरह बिखर गया। बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी में ऐसी सुनामी आई कि निवेशकों के करोड़ों रुपये स्वाहा हो गए। सबसे बड़ा झटका आईटी (IT) सेक्टर को लगा है, जो कल तक बाजार को दौड़ा रहा था, आज वही भरभराकर गिर गया।
आइए समझते हैं बाजार में मचे इस हाहाकार की पूरी इनसाइड स्टोरी।
सेंसेक्स-निफ्टी का ‘ओपनिंग क्रैश’ (आंकड़ों की नजर से)
बुधवार सुबह बाजार में खरीदारों की जगह बिकवाल हावी रहे, जिससे दोनों इंडेक्स ने गोता लगा दिया:
| इंडेक्स | पिछला बंद | ओपनिंग लेवल | लोअर लेवल (गिरावट) |
| BSE Sensex | 74,649.84 | 74,507 | 73,759 (-890 अंक) |
| NSE Nifty | 23,483 | 23,415 | 23,244 (-200+ |
IT शेयरों में ‘गदर’ के बाद ‘क्रैश’, TCS-Infosys पस्त
बीते कारोबारी दिन बाजार के हीरो रहे आईटी स्टॉक्स में बुधवार को सबसे बड़ी प्रॉफिट बुकिंग और बिकवाली देखने को मिली। लार्जकैप से लेकर मिडकैप आईटी शेयर देखते ही देखते धराशायी हो गए:
1. लार्जकैप आईटी स्टॉक्स का हाल:
- TCS Share: 6.20% की भारी गिरावट
- Tech Mahindra: 4.30% टूटा
- Infosys Share: 3.20% नीचे
- HCL Tech: 3% फिसला
2. मिडकैप भी नहीं बचे
- Persistent: 5% की गिरावट
- Mphasis: 3% डाउन
- Coforge: 2.90% फिसला
क्यों डूबा बाजार? गिरावट की 3 बड़ी वजहें
सकारात्मक वैश्विक संकेतों के बाद भी भारतीय बाजारों के अचानक टूटने के पीछे ये मुख्य कारण रहे:
1. अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर सस्पेंस
अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। इस जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण ग्लोबल मार्केट में डर का माहौल है।
2. कच्चे तेल में $97 की ‘आग’
इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल (Crude Oil) की कीमतें पिछले कुछ दिनों की गिरावट के बाद अचानक उछल गई हैं। खबर लिखे जाने तक कच्चा तेल 97 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच चुका है, जो भारत जैसे आयातक देश के लिए बड़ा झटका है।
3. FIIs की ताबड़तोड़ बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) भारतीय बाजार से लगातार अपना पैसा खींच रहे हैं। विदेशी निवेशकों की इस भारी बिकवाली ने घरेलू बाजार पर चौतरफा दबाव बना दिया है।
(Disclaimer शेयर बाजार में मौजूदा उथल-पुथल को देखते हुए रिटेल निवेशकों को संभलकर रहने की जरूरत है। किसी भी स्टॉक में पैसा लगाने या शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग करने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर या मार्केट एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।)