Trending News

NSA पर केंद्र का बचाव: सोनम वांगचुक से राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा, SC में सरकार का दावा -लद्दाख को नेपाल बनाना चाहते थे

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में लद्दाख के जाने-माने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत जारी हिरासत का जोरदार बचाव किया। सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में दलील दी कि वांगचुक की गतिविधियां सिर्फ विरोध तक सीमित नहीं थीं, बल्कि वे लद्दाख के युवाओं, खासकर जेन-जी को भड़काने की कोशिश कर रहे थे। मेहता ने यहां तक कहा कि वांगचुक लद्दाख में नेपाल या बांग्लादेश जैसे हालात पैदा करना चाहते थे, जहां युवा-नेतृत्व वाले आंदोलनों ने सरकारें गिरा दीं।

सरकार का आरोप है कि वांगचुक अपने भाषणों में ऊपर-ऊपर गांधी जी का नाम लेते थे, लेकिन असली मकसद अलगाववादी और राष्ट्र-विरोधी सोच को हवा देना था। मेहता ने सवाल उठाया कि क्या वांगचुक लद्दाख को “नेपाल या बांग्लादेश” बनाना चाहते हैं। केंद्र ने यह भी कहा कि वांगचुक द्वारा केंद्र सरकार को “वे” कहकर संबोधित करना अलगाव की मानसिकता दिखाता है और उनकी अपीलें युवाओं को हिंसा और गृहयुद्ध की ओर धकेल सकती थीं। सरकार के मुताबिक, चीन और पाकिस्तान से सटी सीमा वाला लद्दाख बेहद संवेदनशील इलाका है, ऐसे में इस तरह की गतिविधियां सीधे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ जाती हैं।

सोनम वांगचुक को 26 सितंबर 2025 को NSA के तहत गिरफ्तार किया गया था। इससे दो दिन पहले लद्दाख में राज्य के दर्जे और छठी अनुसूची की मांग को लेकर हिंसक प्रदर्शन हुए थे, जिनमें 4 लोगों की मौत और 90 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। फिलहाल वांगचुक जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं।

वहीं दूसरी तरफ, वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे एंगमो की याचिका पर सुनवाई करते हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि भूख हड़ताल, पदयात्रा और भाषण जैसे कदम पूरी तरह शांतिपूर्ण और संवैधानिक अधिकारों के तहत आते हैं। उनका आरोप है कि सरकार ने चुनिंदा वीडियो क्लिप्स के आधार पर कार्रवाई की है। खुद वांगचुक का कहना है कि सरकार की आलोचना देशद्रोह नहीं होती और उन्होंने हमेशा हिंसा रोकने की अपील की है।

सुप्रीम कोर्ट की बेंच इस मामले की सुनवाई जारी रखे हुए है और अगली सुनवाई कल दोपहर 2 बजे होगी। यह मामला लद्दाख में राजनीतिक तनाव और केंद्र-राज्य संबंधों पर बहस को और तेज कर रहा है।

news desk

Recent Posts

मायके से आई वो पोटली, जिसे खोलते ही नम हो जाती हैं बेटियों की आंखें! मगध की सावन पुरिया में छिपा है अपनों का प्यार

गया: मगध क्षेत्र में सावन का महीना केवल भगवान शिव की भक्ति और हरियाली से…

10 hours ago

40 दिन तक बिना नहाए रहते हैं पुरुष, फिर धरते हैं महिलाओं का रूप… राजस्थान की गवरी परंपरा क्यों है इतनी अनोखी?

उदयपुर: राजस्थान के मेवाड़ अंचल में भील आदिवासी समुदाय की गवरी लोकनाट्य परंपरा अपनी अनूठी…

11 hours ago

ट्रंप के ‘Economic D-Day’ पर ईरान का पलटवार, अराघची बोले- अमेरिका अपने संकट से ध्यान भटका रहा

अमेरिका और ईरान के बीच आर्थिक टकराव अब और तेज होता दिखाई दे रहा है।…

11 hours ago

टेलीफोन की लंबी कतारों से डिजिटल इंडिया तक: राजीव गांधी ने कैसे बदली भारत की तकनीकी तस्वीर?

कल्पना कीजिए उस दौर की, जब भारत में कंप्यूटर आम लोगों के लिए किसी अजूबे…

13 hours ago

कांग्रेस नेता व 1984 दंगा मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे सज्जन कुमार का निधन, सफदरजंग अस्पताल में तोड़ा दम

1984 के सिख विरोधी दंगे के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे कांग्रेस के…

14 hours ago