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मिडिल ईस्ट में बिगड़ सकते हैं हालात? अमेरिका ने जारी किया बड़ा सिक्योरिटी अलर्ट, नागरिकों को यात्रा से बचने की सलाह

नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए बड़ा सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है। US डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट के कॉन्सुलर अफेयर्स ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकियों से ज्यादा सतर्क रहने को कहा है। साथ ही संभावित फ्लाइट कैंसिलेशन, एयरस्पेस बंद होने और यात्रा में आने वाली रुकावटों की जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

अमेरिकी विदेश विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट कर यह एडवाइजरी जारी की। इसमें मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी नागरिकों को सुरक्षा स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त सावधानी बरतने और क्षेत्र की यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

अमेरिकी नागरिकों को क्या सलाह दी गई?

US डिपार्टमेंट ने कहा कि मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकियों को संभावित फ्लाइट कैंसिलेशन, एयरस्पेस बंद होने और यात्रा में रुकावटों के बारे में लगातार जानकारी रखनी चाहिए। विभाग ने ईरान समर्थित हूती गुटों की ओर से सऊदी अरब में किए गए हमलों का भी जिक्र किया, जिनमें आम नागरिकों से जुड़े एयरपोर्ट भी शामिल हैं।

अमेरिका ने चेतावनी दी कि सैन्य टकराव तेजी से बढ़ सकता है। जो अमेरिकी नागरिक फिलहाल मिडिल ईस्ट से बाहर हैं, उन्हें इस क्षेत्र की यात्रा करने या यहां से होकर गुजरने की योजना पर गंभीरता से दोबारा विचार करने की सलाह दी गई है।

अमेरिकियों को निशाना बनाए जाने का भी खतरा

अमेरिकी विदेश विभाग ने यह भी कहा कि जो लोग मिडिल ईस्ट की यात्रा करते हैं या वहां से आते-जाते हैं, उन्हें एयरपोर्ट और एयरलाइन के संचालन से जुड़ी जानकारी पर नजर रखनी चाहिए।

विभाग के मुताबिक, मिडिल ईस्ट के बाहर भी अमेरिकी राजनयिक ठिकानों को निशाना बनाया गया है। अमेरिका ने चेतावनी दी कि ईरान और ईरान का समर्थन करने वाले समूह विदेशों में या दुनिया के अन्य हिस्सों में अमेरिका और अमेरिकियों से जुड़े ठिकानों को निशाना बना सकते हैं। इनमें अमेरिकी व्यवसाय और अन्य संस्थान भी शामिल हो सकते हैं।

हूती हमलों के बाद अमेरिका ने क्यों बढ़ाई चिंता?

अमेरिका की यह चेतावनी उस समय सामने आई है, जब सऊदी अरब ने यमन के हूती विद्रोहियों की ओर से रियाद की तरफ दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को बीच में ही इंटरसेप्ट कर दिया।

हूती विद्रोहियों ने ताइफ, बिषा, यानबू और फरासान में आम लोगों से जुड़ी सुविधाओं को निशाना बनाने की कोशिश की। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों से पहले भी सऊदी अरब में शहरों, इंफ्रास्ट्रक्चर, एयरपोर्ट्स, सैन्य ठिकानों और राजनयिक सुविधाओं के साथ-साथ पावर प्लांट्स को निशाना बनाया गया है।

मिसाइलों के मलबे से भी खतरे की चेतावनी

US डिपार्टमेंट ने यह भी चेतावनी दी है कि इंटरसेप्ट की गई मिसाइलों या दूसरे प्रोजेक्टाइल के मलबे के गिरने से भी खतरा पैदा हो सकता है। इसी वजह से अमेरिका ने अपने नागरिकों से मिडिल ईस्ट में सुरक्षा स्थिति और यात्रा से जुड़ी किसी भी नई जानकारी पर लगातार नजर रखने को कहा है।

vineet verma

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