देश भर में इन दिनों शिक्षा व्यवस्था और NEET पेपर लीक को लेकर बवाल मचा हुआ है। दिल्ली का जंतर-मंतर छात्र प्रदर्शनों का केंद्र बना हुआ है, जहाँ युवा अपनी मांगों और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़े हैं। इस पूरे मामले में जहाँ बॉलीवुड और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के ज़्यादातर सितारे मौन साधे हुए हैं, वहीं कॉमेडियन और एक्टर वीर दास ने इस चुप्पी पर खुलकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वीर दास ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक तीखा पोस्ट शेयर करते हुए भारतीय कलाकारों के रुख पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि भारत में लाइव कॉन्सर्ट और स्टैंडअप कॉमेडी शोज़ की पूरी इकोनॉमी युवाओं के दम पर ही चलती है। ऐसे में जब वही युवा अपने भविष्य के लिए सड़कों पर लड़ाई लड़ रहे हों, तो कलाकारों का कम्फर्ट ज़ोन में बने रहना सही नहीं है।
वीर दास का कहना था: “अगर आप युवाओं के लिए आवाज़ नहीं उठा सकते और बाद में उन्हीं को अपने शोज़ के टिकट बेचते हैं, तो यह सीधा-सीधा दोगलापन है। यह मुद्दा अब किसी राजनीति से परे, हमारे देश के युवाओं के भविष्य का है।” हालांकि, कुछ समय बाद उन्होंने इस पोस्ट को डिलीट कर दिया, जिसने सोशल मीडिया पर एक नई बहस को जन्म दे दिया।
पहले पोस्ट को डिलीट करने के बाद वीर दास ने एक और ट्वीट किया, जिसमें उनका अंदाज़ पूरी तरह से कटाक्ष से भरा हुआ था। उन्होंने प्रशासनिक रवैये और सरकारी दावों पर तंज कसते हुए लिखा:
“इंतज़ार नहीं हो रहा उस बॉलीवुड फिल्म का जो 10 साल बाद इस हफ्ते की घटनाओं पर बनेगी। जहाँ हीरो भेष बदलकर प्रदर्शनकारी युवाओं के बीच जाता है ताकि देश को बचा सके। सच तो यह है कि पेपर लीक कोई नाकामी या भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि काउंटर-इंटेलिजेंस का एक मास्टरस्ट्रोक था!”
शिक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं और NEET पेपर लीक के आरोपों को लेकर पिछले दो हफ्तों से स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। छात्र संगठनों का कहना है कि यह सिर्फ एक परीक्षा का सवाल नहीं, बल्कि लाखों युवाओं की सालों की मेहनत और उनके करियर के भरोसे का मामला है।
हाल ही में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच झड़प की खबरें भी सामने आई हैं, जिसके बाद से यह मुद्दा सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित न रहकर संसद के गलियारों और सेलिब्रिटी सर्कल्स तक पहुँच चुका है।
वीर दास के इस बयान ने एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को दो हिस्सों में बाँट दिया है—एक तरफ वे लोग हैं जो कलाकारों से सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर स्टैंड लेने की उम्मीद करते हैं, और दूसरी तरफ वे जो इसे केवल एक पब्लिसिटी या निजी राय मानते हैं। लेकिन एक बात साफ है: NEET विवाद अब केवल एक एजुकेशन अपडेट नहीं, बल्कि देश का सबसे बड़ा युवाओं का मुद्दा बन चुका है।
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