NEET पेपर लीक और एजुकेशन सिस्टम में जारी धांधली के खिलाफ छात्रों का गुस्सा अब सड़कों पर फूट पड़ा है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोमवार को NEET अभ्यर्थियों और छात्र संगठनों द्वारा किए गए बड़े प्रदर्शन के दौरान पुलिस लाठीचार्ज और धक्का-मुक्की के बाद माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। इस कार्रवाई में कई छात्र घायल हो गए, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में भी घमासान तेज हो गया है। विपक्षी दलों ने पुलिस की इस कार्रवाई को ‘लोकतंत्र के लिए काला दिवस’ करार देते हुए केंद्र सरकार को घेरा है।
लाठीचार्ज में घायल छात्रों का हाल जानने के लिए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी दिल्ली के आरएमएल “RML” अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अस्पताल में भर्ती छात्रों से बातचीत की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।
अस्पताल से बाहर आने के बाद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा, “देश के युवाओं के साथ ऐसा बर्ताव नहीं किया जाना चाहिए। युवाओं के पास अवसर खत्म हो रहे हैं और कॉम्पिटिटिव एग्ज़ाम का जो एक रास्ता खुला था, उसे भी दीमक की तरह खोखला कर दिया गया है।” राहुल गांधी ने सवाल उठाते हुए पूछा कि देश का युवा परेशान है और रो रहा है, फिर भी प्रधानमंत्री इस गंभीर मुद्दे पर चुप क्यों हैं?
इससे पहले, राहुल गांधी ने कई विपक्षी नेताओं के साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर संसद में NEET परीक्षा और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर तुरंत चर्चा कराने की मांग की। राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए आरोप लगाया कि छात्रों पर हुए बल प्रयोग के लिए गृह मंत्रालय जिम्मेदार है।
दूसरी ओर, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान आमतौर पर शांत और संयमित रहने वालीं समाजवादी पार्टी सांसद डिंपल यादव का बिल्कुल अलग और आक्रामक रूप देखने को मिला। अपने साथी सांसदों प्रिया सरोज, इकरा हसन के साथ संसद से जंतर-मंतर की ओर मार्च कर रहीं डिंपल यादव ने पुलिस बैरिकेडिंग के पास सुरक्षाकर्मियों से तीखी नोकझोंक की।
सोशल मीडिया पर डिंपल यादव का एक वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह सड़क पर बैठे एक बेहद घायल और बदहवास छात्र की मदद करती दिख रही हैं और आसपास के लोगों से तुरंत एम्बुलेंस व डॉक्टरी मदद बुलाने की अपील करती हैं।
मीडिया से बातचीत करते हुए डिंपल यादव ने कहा, “आज का दिन लोकतंत्र के लिए काला दिवस है। शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे देश के भविष्य (छात्रों) पर इस तरह बल प्रयोग करना शर्मनाक है। यहां तक कि छात्राओं के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया।” उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और पुलिस की इस बर्बर कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग की।
जंतर-मंतर पर सपा और विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया और बाद में छोड़ा। हालांकि, हिरासत के बाद भी नेताओं ने अपनी नारेबाजी जारी रखी। इस दिल्ली के घटनाक्रम की गूंज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी देखने को मिली, जहाँ सपा कार्यकर्ताओं ने हज़रतगंज इलाके में जोरदार प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, विपक्ष ने साफ कर दिया है कि NEET पेपर लीक और छात्रों के साथ हुई इस कार्रवाई का मुद्दा संसद के चालू सत्र में भीतर और बाहर दोनों जगह पूरी ताकत से उठाया जाएगा।
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