महाराष्ट्र में समृद्धि महामार्ग पर एक बेहद दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। बेटी के सुनहरे भविष्य और एमबीए (MBA) में एडमिशन की खुशियां मनाकर घर लौट रहे एक ही परिवार के सदस्यों समेत 6 लोगों की कार और ट्रक की भीषण टक्कर में जिंदा जलकर दर्दनाक मौत हो गई।
हादसा वर्धा जिले की सीमा में हुआ, जहाँ टक्कर के बाद वाहनों में लगी आग इतनी भयावह थी कि कार सवारों और ट्रक कर्मियों को बाहर निकलने तक का मौका नहीं मिला। इस दुर्घटना में जुड़वां बहनों में से एक बहन, उसके माता-पिता, कार ड्राइवर और ट्रक के ड्राइवर-क्लीनर की जान चली गई।
19 साल की बेटी को कॉलेज छोड़कर लौट रहा था परिवार
वर्धा के सालोड गाँव के रहने वाले राजेश टिपले अपनी जुड़वां बेटियों से बेइंतहा प्यार करते थे। हाल ही में उनकी एक बेटी का पुणे के एक प्रतिष्ठित कॉलेज में एमबीए में दाखिला हुआ था। पूरे परिवार के लिए यह जश्न का मौका था:
- सफर जो आखिरी बन गया: राजेश अपनी पत्नी सुषमा टिपले, दूसरी जुड़वां बेटी जाह्नवी टिपले और कार ड्राइवर अंकुश राऊत के साथ बेटी को पुणे छोड़कर वापस वर्धा लौट रहे थे।
- चंद पलों में उजड़ गईं खुशियाँ: घर पहुँचने से पहले ही समृद्धि हाईवे पर खड़ी मौत ने पूरे परिवार को अपनी आगोश में ले लिया।
कैसे हुआ यह खौफनाक हादसा?
पुलिस के मुताबिक, समृद्धि हाईवे पर इथेनॉल (Ethanol) से भरा एक ट्रक पहले से ही दुर्घटनाग्रस्त होकर खड़ा था, जिसकी वजह से ट्रैफिक डायवर्ट किया गया था।
- अचानक टक्कर: पुणे की ओर से आ रही तेज़ रफ्तार कार हाईवे पर खड़े इस ट्रक से ज़ोरदार तरीके से टकरा गई।
- ज़िंदा जले 6 लोग: टक्कर इतनी भीषण थी कि कार सीधे ट्रक के नीचे जा घुसी और इथेनॉल होने के कारण दोनों गाड़ियों में पलक झपकते ही भीषण आग लग गई।
- शवों को काटने पड़े अवशेष: कार में सवार चारों लोग (राजेश, सुषमा, जाह्नवी और अंकुश) जलते हुए ट्रक के नीचे फंस गए। वहीं ट्रक ड्राइवर संजय कुमार और क्लीनर समरजीत पाल भी आग की लपटों से खुद को बचा नहीं सके।
शव निकालने के लिए काटनी पड़ी गाड़ियाँ
हादसे की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और हाईवे पुलिस मौके पर पहुँची। आग इतनी विकराल थी कि दूर-दूर तक धुएँ का गुबार छा गया। आग पर काबू पाने के बाद, कार को कटर से काटकर उसमें से बुरी तरह झुलसे शवों को बाहर निकाला गया।
इस भयावह दुर्घटना ने सालोड गाँव में मातम पसार दिया है। जिस घर में बेटी के एडमिशन की बधाइयाँ बज रही थीं, वहाँ अब सन्नाटा और चीख-पुकार मची है।