समाजवादी पार्टी (SP) के वरिष्ठ नेता और आजमगढ़ की निजामाबाद सीट से 5 बार के विधायक आलम बदी का 95 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। लंबी बीमारी के बाद उन्होंने आजमगढ़ स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली।
चार दिन पूर्व ही उन्हें लखनऊ के मेदांता अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद आजमगढ़ लाया गया था। उनके निधन से उत्तर प्रदेश के राजनीतिक हलकों और आजमगढ़ में शोक की लहर दौड़ गई है।
1996 से शुरू हुआ जनसेवा का सफर: 5 बार बने विधायक
आलम बदी अपनी विधानसभा क्षेत्र निजामाबाद में एक बेहद लोकप्रिय और सम्मानित चेहरा थे। उनके संसदीय और राजनीतिक करियर की प्रमुख बातें:
- पहली जीत (1996): वे पहली बार 1996 में निजामाबाद से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे।
- लगातार दबदबा: 1996 से 2007 तक प्रतिनिधित्व करने के बाद, उन्होंने 2012, 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में भी शानदार जीत दर्ज की।
- राजनीतिक सादगी: आलम बदी यूपी की राजनीति में अपनी बेदाग छवि, सादगी और जमीनी जुड़ाव के लिए जाने जाते थे।
अखिलेश यादव ने जताया गहरा शोक
सपा के वरिष्ठ नेता के देहांत पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर गहरा दुख व्यक्त किया।
अखिलेश यादव की भावभीनी श्रद्धांजलि: “समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं आजमगढ़ की निजामाबाद विधानसभा से लोकप्रिय विधायक जनाब आलम बदी जी का इंतकाल अत्यंत दुखद है। दिवंगत आत्मा को ईश्वर शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुःख सहने की शक्ति दें।”
जामियातुर रशाद में होगी जनाजे की नमाज
निधन की खबर मिलते ही उनके आजमगढ़ आवास पर राजनीतिक दिग्गजों और समर्थकों का तांता लग गया। राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल के अध्यक्ष मौलाना आमिर रशादी मदनी, सपा विधायक नफीस अहमद, और कई स्थानीय नेता उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे।
- समय: आज शाम 4:00 बजे जनाजे की नमाज अदा की जाएगी।
- स्थान: जनाजे की नमाज आजमगढ़ स्थित जामियातुर रशाद में होगी।