नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने यात्री किराये को लेकर एक बड़ा कदम उठाते हुए किराया युक्तिकरण (Fare Rationalisation) का ऐलान किया है, जो 26 दिसंबर 2025 से लागू होगा।
रेलवे ने साफ किया है कि इसे किराया वृद्धि नहीं, बल्कि किराया संरचना का युक्तिकरण माना जाए। हालांकि सरकार के इस फैसले पर कांग्रेस ने सवाल खड़े कर दिए हैं।
कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा करते हुए सरकार पर तंज कसा। कांग्रेस ने लिखा कि रेल मंत्री का दावा है कि किराया युक्तिकरण से रेलवे को करीब 600 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा।
कांग्रेस ने पोस्ट में आगे कई बिंदुओं के जरिए सरकार को घेरा—
- रेलवे में खाने की थाली अब 120 रुपये की हो चुकी है, जबकि वर्ष 2014 में इसकी कीमत 30 रुपये थी।
- स्टेशनों पर पार्किंग शुल्क में भारी बढ़ोतरी का आरोप लगाते हुए कहा गया कि 30 मिनट के बाद कार पार्किंग के लिए 500 रुपये तक वसूले जा रहे हैं।
- सीनियर सिटीजन को मिलने वाली रेल किराये की छूट को मोदी सरकार द्वारा समाप्त किए जाने का भी मुद्दा उठाया गया।
- फरवरी में रेलवे में मची भगदड़ का जिक्र करते हुए कांग्रेस ने कहा कि उस दौरान जनरल क्लास के केवल 17 डिब्बे लगाए गए थे, जिनकी क्षमता करीब 1,700 यात्रियों की थी, जबकि 9,600 टिकट बेच दिए गए, जिससे अव्यवस्था पैदा हुई।
इस बीच रेलवे ने स्पष्ट किया है कि रोजमर्रा और छोटी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के किराये में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे दैनिक यात्रियों पर इसका कोई अतिरिक्त असर नहीं पड़ेगा।
हालांकि लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को अब थोड़ा अधिक किराया चुकाना होगा। रेलवे के मुताबिक—
- साधारण श्रेणी में 215 किलोमीटर से अधिक यात्रा करने पर प्रति किलोमीटर 1 पैसा अतिरिक्त देना होगा।
- मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के नॉन-एसी कोच में किराया 2 पैसे प्रति किलोमीटर बढ़ेगा।
- वहीं एसी श्रेणी में सफर करने वाले यात्रियों के लिए भी 2 पैसे प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी की गई है।
रेलवे का कहना है कि इस बदलाव का मकसद किराया ढांचे को तर्कसंगत बनाना है, न कि आम यात्रियों पर अनावश्यक बोझ डालना।