लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला। सरकार ने करीब 59 हजार करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया, लेकिन राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर विपक्ष के विरोध के कारण सदन का माहौल लगातार गरमाया रहा। हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने विपक्षी विधायकों के व्यवहार पर कड़ी नाराजगी जताई और चेतावनी दी कि यदि दोबारा इस तरह की अनुशासनहीनता हुई तो संबंधित विधायक की सदस्यता रद्द कराने के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा।
राम मंदिर चढ़ावा मामले पर विपक्ष को घेरा
सदन की कार्यवाही के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था और सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध दिखाई देने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआईटी जांच में किसी भी साधु-संत की संलिप्तता सामने नहीं आई है। ऐसे में बिना किसी आधार के साधु-संतों और 1100 कर्मचारियों पर आरोप लगाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के आरोप वही राजनीतिक दल लगा रहे हैं, जिन्होंने पहले भी रामजन्मभूमि और भगवान श्रीराम का विरोध किया है।
अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान विपक्ष का विरोध
सदन में अनुपूरक बजट पर चर्चा शुरू होते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संबोधन के लिए खड़े हुए। इसी दौरान समाजवादी पार्टी के विधायक वेल में पहुंच गए और राम मंदिर चढ़ावा मामले पर तत्काल चर्चा की मांग करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष के विरोध पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अनुपूरक बजट जैसे महत्वपूर्ण वित्तीय विषय पर चर्चा के लिए पहले से समय निर्धारित था, लेकिन विपक्ष ने जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय सदन की कार्यवाही बाधित करने का रास्ता चुना।
सीएम की तस्वीर लहराने पर स्पीकर का सख्त रुख
हंगामे के दौरान समाजवादी पार्टी के विधायक सचिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जुड़ी कथित तस्वीर या पोस्टर लेकर सदन में पहुंचे और उसे लहराने लगे। इस पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कड़ी आपत्ति जताई और संबंधित विधायक को सदन से बाहर करने का आदेश दिया। साथ ही उन्हें पूरे सत्र के लिए निलंबित करने की घोषणा की।
सतीश महाना ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में इस तरह की अनुशासनहीनता दोहराई गई तो मामला आचार समिति को भेजकर विशेषाधिकार प्रस्ताव के तहत संबंधित सदस्य की सदस्यता रद्द कराने की अनुशंसा की जाएगी।
लगातार हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही बुधवार के लिए स्थगित कर दी गई। अब विधानसभा की अगली बैठक गुरुवार सुबह 11 बजे होगी।
अनुपूरक बजट में ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचे पर जोर
राजनीतिक हंगामे के बीच सरकार ने अनुपूरक बजट में ग्रामीण विकास, ऊर्जा और पंचायती राज विभाग के लिए बड़े वित्तीय प्रावधान किए।
ग्रामीण विकास विभाग के लिए 8,103.51 लाख रुपये का राजस्व आवंटन और 14,18,471.95 लाख रुपये (करीब 14,184.72 करोड़ रुपये) का पूंजीगत प्रावधान किया गया है।
ऊर्जा क्षेत्र के लिए राजस्व मद में 7,02,227 लाख रुपये और पूंजीगत मद में 40,000 लाख रुपये का आवंटन प्रस्तावित किया गया है।
पंचायती राज विभाग को 15,633 लाख रुपये का राजस्व और 13,998 लाख रुपये का पूंजीगत बजट उपलब्ध कराया गया है।