राज्य

क्या राहुल गांधी के दवाब में चुनाव आयोग ने लिया ई-साइन का फैसला? अलंद मामले में सामने आए 100 सिमकार्ड का क्या है मामला?

नई दिल्ली: वोटर लिस्ट से नाम हटाने को लेकर उठे विवाद और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लगातार वोट चोरी के खुलासे के दावों के बीच चुनाव आयोग ने एक बड़ा कदम उठाया है. आयोग ने पहली बार वोटर रजिस्ट्रेशन और नाम कटवाने की प्रक्रिया में “ई-साइन” तकनीक को अनिवार्य कर दिया है. सवाल उठ रहा है कि क्या यह बदलाव मतदाता पहचान के दुरुपयोग को रोकने के लिए उठाया गया सुधार है या फिर राहुल गांधी की सख्त बयानबाज़ी और वोट चोरी के आरोपों के बाद आयोग को झुकना पड़ा?

दरअसल, कर्नाटक के आलंद विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाने की कोशिश ने पूरे विवाद को जन्म दिया. राहुल गांधी ने 18 सितंबर की प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि करीब 6 हजार वोटर्स के नाम ऑनलाइन आवेदनों के जरिए हटवाने का प्रयास किया गया था. खास बात यह रही कि इन फॉर्म्स में असली मतदाताओं की पहचान का दुरुपयोग किया गया था और फर्जी मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल हुआ था.

CID जांच का बड़ा खुलासा

अलंद में CID की जांच में यह भी सामने आया कि लगभग 100 सिम कार्ड फर्जी पहचान (Fake IDs) के आधार पर खरीदे गए थे और इन्हीं का उपयोग नाम हटाने के आवेदन भेजने के लिए किया गया. ये सिम कार्ड विभिन्न राज्यों में पंजीकृत पाए गए. रिपोर्ट के मुताबिक, कई आवेदन बूथ-स्तर की मतदाता सूची में पहले नंबर पर दर्ज मतदाताओं पर केंद्रित थे. अलग-अलग फोन नंबरों से उसी नाम के लिए कई deletion applications भेजे गए, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि सुनियोजित तरीके से मतदाता पहचान का दुरुपयोग किया गया.

क्या बदलेगा नया सिस्टम?

अब चुनाव आयोग ने इस समस्या से निपटने के लिए अपने ECInet पोर्टल और ऐप पर नया “ई-साइन” फीचर शुरू कर दिया है. इसके तहत कोई भी आवेदक जब फॉर्म 6 (नया रजिस्ट्रेशन), फॉर्म 7 (नाम हटाने) या फॉर्म 8 (सुधार) भरता है, तो उसे आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर आने वाले ओटीपी के जरिए अपनी पहचान सत्यापित करनी होगी. केवल सफल ई-साइन के बाद ही आवेदन पूरा माना जाएगा.

इस प्रक्रिया में सबसे पहले पोर्टल यह सुनिश्चित करता है कि वोटर कार्ड और आधार पर नाम एक समान हो और आधार मोबाइल से लिंक हो. उसके बाद ही आवेदक बाहरी ई-साइन पोर्टल पर जाकर आधार नंबर और ओटीपी के जरिए वेरिफिकेशन पूरा कर सकता है. यह सिस्टम फर्जी और दोहराव वाले आवेदनों पर रोक लगाने में मदद करेगा.

राहुल गाँधी ने कसा तंज

वहीँ राहुल गाँधी सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर तंज चुटकी हुए कहा है; – “ज्ञानेश जी, हमने चोरी पकड़ी तब आपको ताला लगाना याद आया अब चोरों को भी पकड़ेंगे” उन्होंने व्यंग्य करते हुए आगे पूछा कि “तो बताइए, अब आप CID को सबूत कब देंगे?”

चुनाव आयोग का कहना है कि यह कदम वोटर लिस्ट की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए उठाया गया है. लेकिन अब यह सवाल उठना तेज हो गया है कि क्या राहुल गाँधी के दबाव में चुनाव आयोग ने ई-साइन का फैसला  लिया है?

news desk

Recent Posts

Vaibhav Suryavanshi: 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को लेकर श्रेयस अय्यर का बड़ा बयान, बोले- क्रिकेट से अलग भी करता हूं बात

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट में 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को लेकर लगातार चर्चा हो…

11 hours ago

आरनवी का दोहरा खिताब, अभिजय, सांची व तथास्तु ने भी जीते दो-दो खिताब

लखनऊ। आरनवी पाठक ने किरन अग्रवाल मेमोरियल लखनऊ जिला बैडमिंटन चैंपियनशिप में दमदार प्रदर्शन करते…

11 hours ago

Irani Cup: रणजी चैंपियन J&K का डबल का सपना टूटा, मुकेश कुमार के 6 विकेट से Rest of India ने जीता खिताब

रणजी ट्रॉफी चैंपियन जम्मू-कश्मीर का घरेलू क्रिकेट में ‘डबल’ खिताब जीतने का सपना टूट गया।…

12 hours ago

BJP Rajya Sabha Bypolls: TMC छोड़ने वाली कोयल मल्लिक को BJP ने दिया राज्यसभा टिकट, उत्तराखंड से दिनेश आर्य उम्मीदवार

राज्यसभा उपचुनाव को लेकर बीजेपी ने अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने…

14 hours ago

Guwahati Nightclub Case: महिला से मारपीट मामले में 7 गिरफ्तार, तय समय के बाद भी क्लब खुला रहने की जांच

असम के गुवाहाटी में एक नाइट क्लब के अंदर महिला के साथ कथित मारपीट और…

16 hours ago

BJP में शामिल होंगे हुमायूं कबीर? अधीर रंजन चौधरी बोले- ‘खुद कहेंगे तभी मानूंगा’

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) प्रमुख हुमायूं कबीर के बीजेपी…

17 hours ago