हर साल सर्दियों में दिल्ली-NCR का प्रदूषण सुर्खियों में रहता है, लेकिन इस बार पंजाब की हवा को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सोमवार, 2 नवंबर को सामने आए आंकड़ों में फरीदकोट का AQI 844 और गाजियाबाद का AQI 648 होने का दावा किया गया है। IQAir के 2 नवंबर के उपलब्ध आंकड़ों में फरीदकोट का AQI 185 (US AQI स्केल) दर्ज था, जबकि अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर AQI की गणना और रैंकिंग में अंतर हो सकता है। ध्यान दें कि भारत के CPCB के राष्ट्रीय AQI स्केल पर अधिकतम श्रेणी 500 तक है। इसलिए 844 और 648 के आंकड़ों को भारतीय AQI बताकर प्रकाशित करने से पहले संबंधित मॉनिटरिंग स्टेशन और डेटा स्रोत की पुष्टि करना जरूरी है।
प्रदूषण के मामले में देश के टॉप शहर (सोमवार का आंकड़ा):
सोमवार को खबर लिखे जाने तक देश में सबसे खराब वायु गुणवत्ता (AQI) वाले स्थानों का विवरण:
1. फरीदकोट (पंजाब): 844 AQI
2. भटिंडा (पंजाब): 830 AQI
3. अमृतसर (पंजाब): 739 AQI
4. करनाल (हरियाणा): 659 AQI
5. गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश): 648 AQI
NCR का बुरा हाल: धुंध और प्रदूषण की चादर में लिपटा पूरा इलाका
ठंड की दस्तक के साथ ही पूरे एनसीआर (NCR) की हवा बेहद खतरनाक श्रेणी में पहुंच चुकी है। बड़े शहरों में प्रदूषण की स्थिति इस प्रकार रही:
गाजियाबाद: 648
नोएडा: 433
दिल्ली: 418
गुरुग्राम: 361
देश के अन्य प्रमुख शहरों का AQI मीटर
वाराणसी: 182
पटना: 174
रांची: 163
लखनऊ: 160
मुंबई: 156
कोलकाता: 151
हैदराबाद: 150
बेंगलुरु और चेन्नई की हवा रही सबसे साफ
जहां उत्तर भारत में ज़हरीली हवा का संकट मंडरा रहा है, वहीं दक्षिण भारत के शहरों में स्थिति काफी बेहतर बनी हुई है।
बेंगलुरु: 87 AQI
चेन्नई: 97 AQI
दक्षिण के इन दोनों शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर काफी संतुलित और साफ श्रेणी में दर्ज किया गया है।
उत्तर भारत में बढ़ता वायु प्रदूषण लोगों की सेहत के लिए गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। पंजाब से लेकर दिल्ली-NCR तक हवा की गुणवत्ता पर नजर रखना और प्रदूषण के स्रोतों पर प्रभावी नियंत्रण जरूरी है। वहीं, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे शहरों की तुलनात्मक रूप से बेहतर हवा राहत देती है। हालांकि, अलग-अलग AQI आंकड़ों में अंतर को देखते हुए किसी भी शहर की रैंकिंग प्रकाशित करने से पहले आधिकारिक डेटा की पुष्टि जरूरी है।