नई दिल्ली: नीट-यूजी पेपर लीक विवाद और छात्र आंदोलन के बीच बुधवार को देशभर में राजनीतिक माहौल भी गरमा गया। कांग्रेस और भाजपा ने एक-दूसरे के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए। कई राज्यों में दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए, जबकि कई स्थानों पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। प्रदर्शन के दौरान झड़पें हुईं और कई लोगों को हिरासत में भी लिया गया।
कांग्रेस-भाजपा ने निकाले मार्च, कई जगह पुलिस ने रोका
देश के विभिन्न राज्यों में दोनों दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने राज्य नेतृत्व में विरोध मार्च निकाले। हालांकि पुलिस ने कई जगह बैरिकेडिंग कर जुलूस को आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान कई स्थानों पर धक्का-मुक्की और तनाव की स्थिति भी बनी रही।
भाजपा ने राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं के कथित अराजक व्यवहार के खिलाफ प्रदर्शन किया, जबकि कांग्रेस ने अपने नेताओं के साथ पुलिस की सख्ती और कथित खराब व्यवहार का विरोध जताया।
उत्तर प्रदेश से बिहार तक बढ़ा राजनीतिक टकराव
उत्तर प्रदेश में भाजपा ने प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के नेतृत्व में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय की ओर मार्च निकाला, लेकिन पुलिस ने बैरिकेड लगाकर कार्यकर्ताओं को रोक दिया। इस दौरान पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। संभावित टकराव को देखते हुए कांग्रेस कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा।
प्रयागराज में छात्रों और पुलिस के बीच झड़प हुई, जबकि मेरठ में कांग्रेस के संविधान संवाद कार्यक्रम को शुरू होने से पहले ही रोक दिया गया। पटना में भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच भी भिड़ंत की स्थिति बन गई।
कई राज्यों में आमने-सामने आए कार्यकर्ता
पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और राजस्थान के जयपुर में भी कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शनों के दौरान आमने-सामने दिखाई दिए।
हैदराबाद में दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच हुई हिंसक झड़प में एक महिला पुलिस कांस्टेबल समेत दो लोग घायल हो गए। वहीं आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में भी दोनों दलों के प्रदर्शन के दौरान तनावपूर्ण हालात बने रहे। दोनों पार्टियों ने एक-दूसरे पर हिंसा और उकसाने के आरोप लगाए।
मुंबई और बेंगलुरु में भी गरमाया सियासी माहौल
मुंबई में महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के नेतृत्व में भाजपा कार्यालय की ओर मार्च कर रहे कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। वहीं बेंगलुरु में कांग्रेस ने भाजपा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया, जिसके जवाब में भाजपा ने कांग्रेस कार्यालय की ओर मार्च निकाला।
मणिपुर की राजधानी इंफाल में मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह समेत भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के खिलाफ धरना देते हुए उन पर छात्रों के मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया।
मुजफ्फरनगर में विरोध करने वाले युवक की पिटाई का आरोप
मुजफ्फरनगर में समाजवादी पार्टी के धरना-प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी का विरोध करने वाले एक युवक के साथ मारपीट का मामला सामने आया। इंटरनेट मीडिया पर वायरल वीडियो में एक सपा नेत्री और उनके पति युवक की पिटाई करते दिखाई दे रहे हैं। युवक को पुलिस के डंडे से भी पीटे जाने का आरोप है। मामले में दोनों पक्षों की ओर से तहरीर दी गई है।
विदेशों में भी हुआ समर्थन प्रदर्शन
सोनम वांगचुक के समर्थन में अमेरिका के न्यूयॉर्क और सैन होज़े में ‘हिंदूज फॉर ह्यूमन राइट्स’ समूह के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने भारत सरकार के खिलाफ नारे लगाए और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। इसी तरह लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग और आयरलैंड के डबलिन स्थित भारतीय दूतावास के बाहर भी समर्थन प्रदर्शन किए गए।