नई दिल्ली। संसद के आगामी मॉनसून सत्र (Monsoon Session) से पहले देश की राजनीति में एक बहुत बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। विपक्ष के दो प्रमुख दलों—तृणमूल कांग्रेस (TMC) और शिवसेना (UBT)—में हुई बड़ी टूट के बाद सत्तारूढ़ एनडीए (NDA) गठबंधन संसद के दोनों सदनों में धीरे-धीरे दो-तिहाई बहुमत के करीब पहुंचता दिख रहा है।
अगर एनडीए इस जादुई आंकड़े को छू लेती है, तो सरकार के लिए संसद में किसी भी बड़े संविधान संशोधन बिल (Constitution Amendment Bill) को पास कराना बेहद आसान हो जाएगा। याद दिला दें कि पिछले सत्र में इसी दो-तिहाई बहुमत की कमी के कारण महिला आरक्षण बिल (Women’s Reservation Bill) अटक गया था, लेकिन इस बार कहानी पूरी तरह बदल चुकी है।
लोकसभा में इस समय कुल मौजूदा सदस्यों की संख्या 540 है (3 सीटें खाली हैं)। इस लिहाज से संविधान संशोधन के लिए जरूरी दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा 360 होता है। आइए समझते हैं कि एनडीए का ग्राफ अचानक कैसे बढ़ा:
नया समीकरण: इन बागियों और अन्य दलों के 56 सांसदों के समर्थन के बाद लोकसभा में एनडीए का आंकड़ा 354 तक पहुंच गया है। अब सरकार की नजर जगन मोहन रेड्डी की YSRCP के 4 सांसदों और 7 निर्दलीय सांसदों पर है। विपक्ष की संभावित अनुपस्थिति (Absenteeism) भी एनडीए का काम आसान कर सकती है।
संविधान संशोधन के लिए केवल लोकसभा ही नहीं, बल्कि राज्यसभा (Rajya Sabha) में भी दो-तिहाई बहुमत अनिवार्य है।
यहाँ एनडीए बहुमत के आंकड़े से महज 11 सांसद दूर है। इस कमी को पूरा करने के लिए भाजपा की नजर वाईएसआर कांग्रेस (4), बीआरएस (3), डीएमके (8) और शरद पवार गुट के 1 सांसद पर टिकी है। अगर इन दलों की तरफ से क्रॉस वोटिंग या वॉकआउट होता है, तो एनडीए यहाँ भी बाजी मार लेगी।
एनडीए की मॉनसून सत्र को लेकर रणनीति बिल्कुल साफ है। सरकार क्षेत्रीय दलों से सशर्त समर्थन लेने, विपक्षी कुनबे में सेंध लगाने और जरूरत पड़ने पर वोटिंग के दौरान विपक्षी सांसदों को अनुपस्थित रखने की जुगत में है।
यदि यह रणनीतिक चक्रव्यूह सफल रहता है, तो मोदी सरकार इस सत्र में देश के राजनीतिक और संवैधानिक ढांचे को बदलने वाले कई कड़े कानून और संशोधन आसानी से पारित करवा लेगी। अब पूरे देश की नजरें मॉनसून सत्र पर हैं, जहां यह साफ होगा कि नंबर गेम का असली सिकंदर कौन बनता है।
भारत के सबसे महत्वाकांक्षी स्पेस मिशन "गगनयान और चंद्रयान-3" को डिज़ाइन करने वाले 100 से…
Highlights जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक की सेहत में भारी गिरावट।…
दुनियाभर के बाजारों में जियोपॉलिटिकल तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे युद्ध की वजह…
पुरी। ओडिशा के पुरी में स्थित प्राचीन सप्तपुरियों में से एक पावन नगरी इस समय…
Highlights वैश्विक तनाव के कारण कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आया 17% का…
Highlights: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT की जांच पूरी, जल्द सौंपी जाएगी…