Latest News

‘कलरफुल बॉय’ से बागी नेता तक… कौन हैं मदन मित्रा? अभिषेक बनर्जी पर निशाना साधकर TMC को दिया बड़ा झटका

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस को बड़ा झटका देते हुए वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री मदन मित्रा ने पार्टी का साथ छोड़ दिया। लंबे समय तक ममता बनर्जी के भरोसेमंद नेताओं में गिने जाने वाले मदन मित्रा अब पार्टी के बागी गुट के साथ खड़े हो गए हैं। उन्होंने अपने इस फैसले के लिए सीधे तौर पर अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली को जिम्मेदार ठहराया है। ऐसे में एक बार फिर उनका राजनीतिक सफर और टीएमसी के भीतर उनकी भूमिका चर्चा का विषय बन गई है।

ममता बनर्जी के करीबी नेताओं में थी पहचान

मदन मित्रा को कभी ममता बनर्जी ने मजाकिया अंदाज में ‘कलरफुल बॉय’ कहा था। ममता का कहना था कि वह रंगीन मिजाज के नेता हैं और कई बार जरूरत से ज्यादा रंगीन हो जाते हैं। वर्षों तक वह पार्टी संगठन के सबसे प्रभावशाली चेहरों में शामिल रहे और टीएमसी की जमीनी राजनीति को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।

व्यापारी परिवार से राजनीति तक का सफर

दक्षिण कोलकाता के एक संपन्न कारोबारी परिवार में जन्मे मदन मित्रा ने कलकत्ता विश्वविद्यालय से इतिहास में स्नातक किया। 1970 के दशक में उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रियरंजन दासमुंशी के साथ सक्रिय राजनीति की शुरुआत की। उस समय वह कांग्रेस में थे, जबकि ममता बनर्जी भी उसी पार्टी में अलग गुट से राजनीति कर रही थीं।

समय के साथ मदन मित्रा दक्षिण कोलकाता में कांग्रेस के मजबूत संगठनकर्ता बनकर उभरे। टैक्सी यूनियनों, कर्मचारी संगठनों और स्थानीय क्लबों के जरिए उन्होंने जमीनी स्तर पर मजबूत राजनीतिक आधार तैयार किया।

टीएमसी के संस्थापक नेताओं में रहे शामिल

साल 1998 में जब ममता बनर्जी ने कांग्रेस से अलग होकर तृणमूल कांग्रेस का गठन किया, तब मदन मित्रा संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे। वर्ष 2000 में उन्हें पार्टी का महासचिव बनाया गया, जबकि 2004 में तृणमूल युवा कांग्रेस की कमान सौंपी गई। संगठन में उनकी पकड़ लगातार मजबूत होती गई और वह पार्टी के प्रमुख रणनीतिकारों में गिने जाने लगे।

मंत्री बने, फिर कानूनी विवादों में घिरे

2011 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कमरहटी सीट से जीत दर्ज करने के बाद उन्हें ममता सरकार में खेल एवं युवा कल्याण और परिवहन जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी मिली।

हालांकि 2014 में सारदा चिटफंड मामले में सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार किया। करीब 27 महीने तक हिरासत में रहने के बाद उन्हें जमानत मिली। जेल में रहने के कारण वह 2016 का चुनाव हार गए, लेकिन 2021 में फिर कमरहटी सीट से जीतकर विधानसभा पहुंचे। 2026 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने 43 प्रतिशत से अधिक मत हासिल कर अपनी सीट बरकरार रखी।

पारंपरिक नेताओं से अलग रही पहचान

मदन मित्रा हमेशा अपने अलग अंदाज के लिए चर्चा में रहे। सफेद खादी की जगह रंग-बिरंगे परिधान, डिजाइनर चश्मे और अलग शैली के जूते उनकी पहचान बन गए। सोशल मीडिया पर भी उनकी अच्छी लोकप्रियता है और वे नियमित रूप से लाइव सत्र करते रहे हैं। इसके अलावा वह एक बंगाली फिल्म में भी अभिनय कर चुके हैं।

अभिषेक बनर्जी पर साधा सीधा निशाना

टीएमसी छोड़ने के बाद मदन मित्रा ने कहा कि उन्होंने पार्टी की विचारधारा या चुनाव चिह्न नहीं छोड़ा है, लेकिन संगठन में अभिषेक बनर्जी को प्राथमिकता दिए जाने से वह असहमत हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी अब पहले की तरह नहीं चल रही और कार्यकर्ताओं की लगातार दूरी इसकी वजह है। मदन मित्रा ने यह भी कहा कि वह ऐसी कार्यशैली में काम नहीं कर सकते थे और इसी कारण उन्होंने अलग रास्ता चुना।

बागी गुट ने किया स्वागत, भाजपा ने भी दी प्रतिक्रिया

टीएमसी के बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने मदन मित्रा का स्वागत करते हुए उन्हें अनुभवी और प्रभावशाली नेता बताया। वहीं भाजपा की ओर से भी उनके लंबे राजनीतिक अनुभव और संगठनात्मक क्षमता का जिक्र किया गया।

इसी बीच अनुब्रत मंडल के भी टीएमसी से अलग होने के बाद एक ही दिन में दो वरिष्ठ नेताओं का पार्टी से बाहर होना पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है।

vineet verma

Recent Posts

त्योहारों से ठीक पहले रेलवे का धमाकेदार सरप्राइज: 11 लाख से ज्यादा कर्मियों की चमकेगी किस्मत!

दीपावली के ठीक पहले देश के करोड़ों रेलकर्मियों के लिए एक ऐसी खुशखबरी सामने आई…

44 minutes ago

Meerut Blue Drum Case: सौरभ राजपूत हत्याकांड में मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा, जानें कोर्ट ने क्यों सुनाया फैसला

उत्तर प्रदेश के मेरठ में सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत के फैसले के बाद एक…

2 hours ago

UP IAS Transfer: यूपी में 7 आईएएस अफसरों के तबादले, आजमगढ़-आगरा को मिले नए CDO; DGME की नियुक्ति के नियम भी बदले

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए सात आईएएस…

2 hours ago

Iran-US Tension: होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की खुली धमकी, अरब सागर में अमेरिका के दो एयरक्राफ्ट कैरियर; भारत पर क्या होगा असर?

ईरानी कमांडर ने अमेरिकी युद्धपोतों को दी डुबोने की चेतावनी, मिसाइलों और ड्रोन के दम…

3 hours ago

चुनाव आयोग की बढ़ी मुश्किलें! री-काउंटिंग की रिकॉर्डिंग न मिलने पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा एक्शन

लोकतंत्र के सबसे बड़े प्रहरी चुनाव आयोग की एक लापरवाही पर देश की सर्वोच्च अदालत…

3 hours ago

26/11 की अनसुनी कहानी लेकर आ रही ‘प्रहार’, उज्ज्वल निकम के रोल में दिखेंगे राजकुमार राव

26/11 का वह काला दिन, जब गोलियों की तड़तड़ाहट और धमाकों से मुंबई कांप उठी…

4 hours ago