पटना: छठ पूजा बिहार के लोगों के लिए सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि आस्था, परिवार और अपनों से मिलने का भावुक मौका भी है। यही वजह है कि हजारों किलोमीटर दूर नौकरी करने वाले लोग भी इस पर्व पर घर लौटने की हर मुमकिन कोशिश करते हैं। बिहार के नालंदा जिले के रहने वाले शत्रुघ्न कुमार की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। चेन्नई की एक लोहे की फैक्ट्री में वेल्डर का काम करने वाले शत्रुघ्न ने छठ पर घर लौटने के लिए अपनी पूरे महीने की सैलरी फ्लाइट के टिकट पर खर्च कर दी। मां और गांव के लोगों से किया वादा निभाने के लिए उन्होंने हवाई सफर चुना। अब उनकी घर वापसी का वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रहा है।
मां से किया था वादा, इस बार हवाई जहाज से लौटूंगा
शत्रुघ्न कुमार काम के सिलसिले में तमिलनाडु के चेन्नई में रहते हैं। परिवार से दूर रहकर नौकरी करने वाले शत्रुघ्न के लिए छठ पूजा पर घर पहुंचना बेहद खास था। उन्होंने अपनी मां और गांव के लोगों से वादा किया था कि इस बार वह छठ के मौके पर जरूर घर लौटेंगे और हवाई जहाज से सफर करेंगे।
शत्रुघ्न ने अपने इसी वादे को पूरा करने का फैसला किया। घर लौटने की इच्छा इतनी मजबूत थी कि उन्होंने फ्लाइट के टिकट के लिए अपनी महीने भर की कमाई खर्च कर दी। उनके लिए यह यात्रा सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह पहुंचने का जरिया नहीं, बल्कि मां से किए वादे को निभाने और परिवार के साथ त्योहार मनाने का मौका थी।
पूरे महीने की कमाई टिकट पर खर्च कर दी
चेन्नई में नौकरी करने वाले शत्रुघ्न कुमार लोहे की फैक्ट्री में वेल्डर के तौर पर काम करते हैं। दूसरे शहर में रहकर कमाई करने वाले कई लोगों की तरह उनके सामने भी त्योहार पर घर लौटने का सवाल था। छठ के समय ट्रेनों और बसों में भारी भीड़ के बीच घर पहुंचना आसान नहीं होता।
लेकिन शत्रुघ्न ने इस बार अलग रास्ता चुना। उन्होंने अपनी पूरे महीने की सैलरी हवाई जहाज के टिकट पर खर्च कर दी, ताकि समय पर अपने घर पहुंच सकें। आम तौर पर महीने भर की कमाई को लोग रोजमर्रा के खर्चों और जरूरतों के लिए बचाकर रखते हैं, लेकिन शत्रुघ्न ने अपनी कमाई का इस्तेमाल मां से किए वादे को पूरा करने में किया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ घर लौटने का वीडियो
शत्रुघ्न ने अपनी हवाई यात्रा का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। वीडियो सामने आने के बाद उनकी कहानी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई। उनके इस कदम को मां के प्रति प्यार, परिवार से जुड़ाव और अपने सपने को पूरा करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कई यूजर्स ने उनकी तारीफ की और उन्हें आगे बढ़ते रहने के लिए प्रोत्साहित किया। एक यूजर ने लिखा, “यह खुशी… मुझे उम्मीद है कि किसी दिन आप मेरी फ्लाइट में होंगे, मैं आपके साथ एक सेल्फी जरूर क्लिक करूंगा।”
एक अन्य यूजर ने लिखा, “पावर तो है भाई के पास।” वहीं, एक दूसरे यूजर ने शत्रुघ्न का हौसला बढ़ाते हुए कहा, “ऐसे ही करते रहो भाई, अपने सारे सपने पूरे करो और शक्ति मिले।”
छठ पर घर लौटने की खुशी, हजारों प्रवासियों की कहानी
शत्रुघ्न कुमार की कहानी उन लाखों लोगों की भावनाओं से जुड़ती है, जो रोजगार के लिए अपने गांव और परिवार से दूर रहते हैं। दिवाली और छठ जैसे त्योहार उनके लिए घर लौटने, माता-पिता से मिलने और अपनों के साथ समय बिताने का खास अवसर होते हैं।
त्योहारों के दौरान ट्रेनों और बसों में भीड़ के बावजूद लोग घर पहुंचने की कोशिश करते हैं। शत्रुघ्न ने इसके लिए अपनी पूरी महीने की कमाई खर्च करने का फैसला किया। उनकी कहानी यह दिखाती है कि कई बार परिवार के साथ त्योहार मनाने की खुशी लोगों के लिए पैसों से भी ज्यादा मायने रखती है।