लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव के नतीजों को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला है। वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सपा की जीत के बाद अखिलेश ने दावा किया कि अगर गोरखपुर में बीजेपी ने कथित तौर पर ‘घोड़े की ढाई चाल’ नहीं चली होती, तो वहां भी बनारस जैसा नतीजा देखने को मिलता। उन्होंने एमएलसी चुनाव को बीजेपी के लिए बड़ा झटका बताते हुए प्रशासनिक हेराफेरी और बेईमानी के आरोप भी लगाए। वहीं, यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने चुनाव नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि बीजेपी को बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी और जिन सीटों पर सपा का खाता नहीं खुलना चाहिए था, वहां भी पार्टी ने जीत हासिल की।
अखिलेश यादव ने केशव मौर्य के बयान पर कसा तंज
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर केशव प्रसाद मौर्य के बयान पर तंज कसा। उन्होंने लिखा कि पीडीए की जीत से बीजेपी के भीतर भी कुछ लोग खुश हैं। अखिलेश ने कहा कि घर छोड़ देने से कोई पराया नहीं हो जाता।
सपा प्रमुख ने आगे लिखा, “अगर षडयंत्रकारी भाजपाइयों ने गोरखपुर में घोड़े की ढाई चाल न चली होती तो वहां भी बनारस वाला हाल होता।”
अखिलेश ने दावा किया कि नैतिक रूप से बीजेपी गोरखपुर में भी हार गई। उन्होंने एमएलसी चुनावों को लेकर कहा कि इन नतीजों ने बीजेपी का बोरिया-बिस्तर बांध दिया है।
‘बेईमानी और प्रशासनिक हेराफेरी के बाद भी नहीं बच पाई बीजेपी’
सपा प्रमुख ने अपने बयान में बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव में कथित बेईमानी और प्रशासनिक हेराफेरी के बावजूद पार्टी को नुकसान से बचाया नहीं जा सका।
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि जिन अधिकारियों ने कथित तौर पर बीजेपी के पक्ष में काम किया है, उन्हें पीडीए सरकार बनने पर जनता के कटघरे में खड़ा किया जाएगा। यह बयान देते हुए उन्होंने चुनाव प्रक्रिया और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए।
हालांकि, अधिकारियों के खिलाफ लगाए गए इन आरोपों को अखिलेश यादव के दावे के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। खबर में इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि का विवरण नहीं दिया गया है।
UP MLC चुनाव में अब तक किसे कितनी सीटें मिलीं?
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मतगणना के दौरान खबर लिखे जाने तक आठ सीटों के नतीजे आधिकारिक रूप से घोषित किए गए थे। इनमें बीजेपी ने पांच और समाजवादी पार्टी ने तीन सीटें जीती थीं।
घोषित परिणामों के मुताबिक:
- मेरठ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी के दिनेश कुमार गोयल विजयी रहे।
- लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी के उमेश द्विवेदी ने जीत दर्ज की।
- वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से सपा के लाल बिहारी यादव विजयी हुए।
- आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से सपा के डॉ. आकाश अग्रवाल ने जीत हासिल की।
- आगरा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी के डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह विजयी रहे।
- इलाहाबाद-झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से सपा के डॉ. मानसिंह यादव ने जीत दर्ज की।
- मेरठ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी के श्रीचंदर शर्मा विजयी हुए।
- बरेली-मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी के डॉ. हरि सिंह ढिल्लों ने जीत हासिल की।
इन नतीजों में बीजेपी को पांच और सपा को तीन सीटें मिलीं, जबकि बाकी निर्वाचन क्षेत्रों के परिणाम उस समय घोषित नहीं हुए थे।
वाराणसी की सीट पर जीत के बाद बढ़ा सियासी घमासान
वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीट पर सपा प्रत्याशी लाल बिहारी यादव की जीत को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई। रिपोर्ट के मुताबिक, परिणाम घोषित होने से पहले ही लाल बिहारी यादव ने अपनी जीत का दावा किया था और आधिकारिक घोषणा में देरी पर सवाल उठाए थे।
चंदौली से सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने भी वाराणसी शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की मतगणना को लेकर जिला प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े किए थे। उनका आरोप था कि लाल बिहारी यादव के जीतने के बावजूद परिणाम घोषित करने में देरी की जा रही है।
वाराणसी की सीट को लेकर उठे सवालों और अखिलेश यादव के ताजा बयान ने एमएलसी चुनाव के नतीजों को लेकर सियासी बहस को और तेज कर दिया है। सपा जहां इन नतीजों को अपने लिए उत्साहजनक बता रही है, वहीं बीजेपी की ओर से केशव प्रसाद मौर्य ने कहा था कि पार्टी को इससे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी।