कर्नाटक में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया के दौरान भारत रत्न से सम्मानित मशहूर वैज्ञानिक प्रोफेसर सीएनआर राव का नाम भी चुनाव आयोग के रिकॉर्ड में स्पेलिंग की गलती के चलते चर्चा में आ गया है। आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पुराने और नए मतदाता रिकॉर्ड में उनके नाम की स्पेलिंग में मामूली अंतर है। इसी वजह से उन्हें पहचान संबंधी प्रक्रिया के लिए अधिकारियों के सामने पेश होने को कहा गया है।
हालांकि, प्रोफेसर सीएनआर राव की ओर से कहा गया है कि उन्हें अब तक चुनाव आयोग की तरफ से कोई नोटिस नहीं मिला है। उनका कहना है कि आयोग की वेबसाइट पर नोटिस दिखाई देने की जानकारी मिली है, लेकिन उन्होंने अभी इसे देखा नहीं है और इस मामले में उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं है।
एक अक्षर की गलती और SIR नोटिस
दरअसल, पुराने मतदाता रिकॉर्ड में वैज्ञानिक सीएनआर राव का नाम ‘Prof CNR Rao’ दर्ज है, जबकि नए रिकॉर्ड में यह ‘Proff CNR Rao’ दिखाई दे रहा है। यानी उनके नाम में अंग्रेजी का एक अतिरिक्त ‘F’ जुड़ गया है।
चुनाव आयोग की वेबसाइट पर MLH 157 और 187 के सीरियल नंबर से जुड़े SIR रिकॉर्ड में यह अंतर दिखाई दे रहा है। रिकॉर्ड के मुताबिक, नाम के अलावा अन्य जानकारियों में कोई बड़ी गड़बड़ी नजर नहीं आती।
सीएनआर राव का जन्म बेंगलुरु के बासवनगुडी में हुआ था और उन्हें भारत के सबसे प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों में गिना जाता है। उन्हें वर्ष 2014 में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।
फिलहाल, यह साफ नहीं है कि केवल नाम की स्पेलिंग में एक अक्षर के अंतर के कारण उन्हें व्यक्तिगत रूप से अधिकारियों के सामने पेश होना पड़ेगा या रिकॉर्ड स्तर पर ही इसे ठीक किया जाएगा।