बिहार के पटना में सरकारी रोजगार मेले में नौकरी का नियुक्ति पत्र पाने वाली एक नर्स ने दिल्ली पहुंचने के बाद अपने साथ हुई कथित ज्यादती को लेकर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं।
दैनिक भास्कर में छपी खबर के अनुसार महिला का दावा है कि उसे हेकम कंपनी में ICU नर्स के पद पर 48 हजार रुपये महीने की नौकरी मिली थी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खुद उसे नियुक्ति पत्र दिया था।
महिला के मुताबिक, नौकरी की उम्मीद लेकर जब वह दिल्ली पहुंची तो उसे अस्पताल में ड्यूटी देने के बजाय एक हॉस्टल में रखा गया। उसका आरोप है कि वहां लड़कियों को वीडियो कॉल के जरिए पुरुषों के सामने पेश किया जाता था और उसे भी इस तरह की गतिविधि में शामिल करने की कोशिश की गई।
महिला का दावा है कि विरोध करने पर उसे कमरे में बंद रखा गया। उससे सफाई का काम कराया गया और खाने-पीने की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब चार दिन तक वहां रहने के बाद वह 6 सितंबर को किसी तरह वहां से निकलकर बिहार वापस पहुंची।
सबसे बड़ा सवाल अब बिहार सरकार के उस रोजगार मेले की व्यवस्था और कंपनियों की जांच-पड़ताल पर उठ रहा है, जहां से महिला को नौकरी मिली थी। रिपोर्ट के मुताबिक, पटना के ज्ञान भवन में 19 से 23 अगस्त के बीच आयोजित मेगा जॉब फेयर में हेकम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड समेत कई कंपनियां शामिल हुई थीं। सरकार ने इस रोजगार मेले के जरिए बड़ी संख्या में युवाओं को नौकरी देने का दावा किया था।
महिला अब पूरे मामले में कार्रवाई की मांग कर रही है। सवाल ये है कि अगर रोजगार देने के नाम पर युवाओं को ऐसी परिस्थितियों में भेजा जा रहा था, तो सरकारी रोजगार मेले में शामिल कंपनियों का verification आखिर किस स्तर पर किया गया?
हालांकि, महिला की ओर से लगाए गए इन गंभीर आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही तस्वीर साफ हो सकेगी।