Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: ब्राजील में लूला की वापसी से ट्रंप को झटका! फ्लावियो बोल्सोनारो हारे, चौथी बार संभालेंगे राष्ट्रपति पद
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Trending News > ब्राजील में लूला की वापसी से ट्रंप को झटका! फ्लावियो बोल्सोनारो हारे, चौथी बार संभालेंगे राष्ट्रपति पद
Trending Newsवर्ल्ड

ब्राजील में लूला की वापसी से ट्रंप को झटका! फ्लावियो बोल्सोनारो हारे, चौथी बार संभालेंगे राष्ट्रपति पद

news desk
Last updated: October 26, 2026 9:16 am
news desk
Share
SHARE

ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मुखर आलोचक लूला ने दूसरे चरण के चुनाव में दक्षिणपंथी उम्मीदवार फ्लावियो बोल्सोनारो को करीब 44 लाख वोटों से हराकर चौथी बार राष्ट्रपति बनने का रास्ता साफ कर लिया है। ब्राजील के निर्वाचन प्राधिकरण के मुताबिक, लूला को 51.79 प्रतिशत वैध वोट मिले, जबकि फ्लावियो बोल्सोनारो को 48.21 प्रतिशत वोट हासिल हुए। लूला का नया कार्यकाल 5 जनवरी 2027 से शुरू होगा।

Contents
ट्रंप की नीतियों के खिलाफ लूला का संदेश, बोले- ब्राजील किसी का पिछलग्गू नहींवोटिंग का समय बढ़ाने पर विवाद, फ्लावियो बोल्सोनारो ने उठाए सवालपहले चरण में पिछड़े, दूसरे चरण में लूला ने पलटी बाजीमहंगाई, अपराध और भ्रष्टाचार के आरोप रहे चुनावी मुद्देमजदूर नेता से चौथी बार राष्ट्रपति बनने तक का सफर

यह जीत केवल ब्राजील की घरेलू राजनीति तक सीमित नहीं है। लैटिन अमेरिका में दक्षिणपंथी राजनीति के बढ़ते प्रभाव के बीच लूला की वापसी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के विरोध और ब्राजील की स्वतंत्र विदेश नीति के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।

ट्रंप की नीतियों के खिलाफ लूला का संदेश, बोले- ब्राजील किसी का पिछलग्गू नहीं

चुनाव में जीत के बाद लूला ने लोकतंत्र और राष्ट्रीय संप्रभुता को अपनी जीत का प्रमुख आधार बताया। उन्होंने कहा कि ब्राजील अपने फैसले खुद करेगा और किसी दूसरे देश के निर्देशों पर नहीं चलेगा। उनका जोर सरकार के निर्णयों में आम नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने पर भी रहा।

लूला की जीत ऐसे समय में हुई है, जब लैटिन अमेरिका के कई देशों में दक्षिणपंथी और ट्रंप समर्थक नेताओं का प्रभाव बढ़ रहा है। ऐसे में ब्राजील में वामपंथी नेतृत्व की वापसी क्षेत्रीय राजनीति में एक अलग संदेश देती है।

अमेरिका और ब्राजील के बीच व्यापारिक तनाव भी इस चुनाव के प्रमुख संदर्भों में शामिल रहा है। ट्रंप प्रशासन की ओर से ब्राजील पर लगाए गए ऊंचे टैरिफ दोनों देशों के संबंधों में तनाव की वजह बने। लूला ने चुनाव प्रचार के दौरान ब्राजील के आर्थिक और राजनीतिक फैसलों में अमेरिकी दबाव का विरोध किया था।

वोटिंग का समय बढ़ाने पर विवाद, फ्लावियो बोल्सोनारो ने उठाए सवाल

ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में मतदान की समयसीमा बढ़ाने को लेकर भी विवाद हुआ। मतदान समाप्त होने से कुछ मिनट पहले सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश क्रिस्टियानो जानिन ने वोटिंग का समय दो घंटे बढ़ाने का आदेश दिया। यह फैसला दोनों उम्मीदवारों की ओर से सामने आई मांगों के बाद लिया गया।

लूला की टीम ने साओ पाउलो और साल्वाडोर में मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक पहुंचाने वाली बसों से जुड़ी समस्याओं का हवाला दिया। वहीं, फ्लावियो बोल्सोनारो की ओर से दक्षिणी ब्राजील में भारी बारिश के कारण मतदान प्रभावित होने की बात कही गई।

हालांकि, समय बढ़ाने के फैसले पर फ्लावियो बोल्सोनारो ने आपत्ति जताई और चुनाव परिणाम को चुनौती देने की बात कही। इस विवाद के कारण मतगणना शुरू होने में देरी हुई। हालांकि, चुनाव अधिकारियों के अनुसार, समय बढ़ाने से परिणाम पर असर पड़ने का कोई प्रमाण सामने नहीं आया है।

पहले चरण में पिछड़े, दूसरे चरण में लूला ने पलटी बाजी

इस चुनाव का सबसे दिलचस्प पहलू यह रहा कि पहले चरण में लूला अपने प्रतिद्वंद्वी से पीछे थे। 4 अक्टूबर को हुए पहले चरण के मतदान में फ्लावियो बोल्सोनारो को 47.03 प्रतिशत और लूला को 45.16 प्रतिशत वैध वोट मिले थे।

पहले चरण में पिछड़ने के बावजूद लूला ने दूसरे चरण में अपनी स्थिति मजबूत की और अंततः जीत हासिल कर ली। इस दौरान युवाओं तक पहुंच बनाने, समर्थकों को मतदान के लिए प्रेरित करने और लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों पर जोर देने की उनकी रणनीति महत्वपूर्ण रही।

दूसरे चरण में लूला को 6.42 करोड़ से अधिक वोट मिले, जबकि फ्लावियो बोल्सोनारो को करीब 5.98 करोड़ वोट हासिल हुए। दोनों के बीच अंतर लगभग 44.3 लाख वोटों का रहा।

महंगाई, अपराध और भ्रष्टाचार के आरोप रहे चुनावी मुद्दे

ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में महंगाई, रोजमर्रा की जरूरतों की बढ़ती कीमतें और अपराध प्रमुख मुद्दे रहे। दोनों उम्मीदवारों को अपने राजनीतिक समर्थकों के बीच समर्थन बनाए रखने के साथ-साथ उन मतदाताओं को भी आकर्षित करना पड़ा, जो आर्थिक स्थिति और कानून-व्यवस्था को लेकर चिंतित थे।

लूला का राजनीतिक सफर भी विवादों से अछूता नहीं रहा है। भ्रष्टाचार के मामलों में उन्हें पहले जेल जाना पड़ा था, लेकिन बाद में उनकी दोषसिद्धि रद्द कर दी गई। दूसरी ओर, बोल्सोनारो परिवार और उसके राजनीतिक सहयोगियों से जुड़े विवाद भी चुनावी बहस का हिस्सा रहे।

इन परिस्थितियों में लूला की जीत को उनके राजनीतिक अनुभव, समर्थकों की लामबंदी और दूसरे चरण में बदले चुनावी समीकरणों के परिणाम के रूप में देखा जा रहा है।

मजदूर नेता से चौथी बार राष्ट्रपति बनने तक का सफर

लूला ने 1970 के दशक में मजदूर संगठन के नेता के रूप में अपनी राजनीतिक पहचान बनाई। वह वर्कर्स पार्टी के गठन से जुड़े रहे और 2002 तथा 2006 में ब्राजील के राष्ट्रपति चुने गए। उनके कार्यकाल के बाद उनकी सहयोगी दिल्मा रूसेफ राष्ट्रपति बनीं, जिन्हें 2016 में महाभियोग के जरिए पद से हटा दिया गया।

2018 में लूला चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन जेल में होने के कारण ऐसा नहीं कर सके। वह करीब 580 दिन बाद रिहा हुए और उनकी दोषसिद्धि रद्द होने के बाद उनकी राजनीतिक वापसी का रास्ता खुला। 2022 में उन्होंने जायर बोल्सोनारो को हराकर राष्ट्रपति पद हासिल किया था।

अब 2026 के चुनाव में फ्लावियो बोल्सोनारो को हराकर लूला ने अपने राजनीतिक जीवन में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ ली है। उनका चौथा कार्यकाल ब्राजील की राजनीति के साथ-साथ अमेरिका और लैटिन अमेरिका के संबंधों के लिए भी महत्वपूर्ण रहने वाला है।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: Brazil Election Result, Brazil Presidential Election 2026, Donald Trump, Flavio Bolsonaro, Lula da Silva, डोनाल्ड ट्रंप, फ्लावियो बोल्सोनारो, ब्राजील चुनाव परिणाम, लूला डा सिल्वा, लैटिन अमेरिका
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article यूपी में 26 अक्टूबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित, महर्षि वाल्मीकि जयंती पर बंद रहेंगे सरकारी कार्यालय
Next Article Indian Women Handball Team: ढाका में भारत की बेटियों ने जीता गोल्ड, फाइनल में बांग्लादेश को 28-16 से हराया

फीचर

View More

30 साल बाद शरद पूर्णिमा पर दुर्लभ संयोग! क्यों खुले आसमान में रखी जाती है खीर, क्या सच में चांदनी से बरसता है अमृत?

सरायकेला-खरसावां: हिंदू धर्म में शरद पूर्णिमा का विशेष महत्व माना जाता है। 25 अक्टूबर, रविवार को सरायकेला-खरसावां समेत कई क्षेत्रों…

By vineet verma 6 Min Read

सपने में चांद का दिखना सामान्य या किसी बड़े बदलाव का इशारा? जानिए क्या कहता है स्वप्न शास्त्र और आपकी किस्मत का कनेक्शन

क्या आपने कभी रात के सन्नाटे में नींद से जागने के बाद…

5 Min Read

दिन में चुभती धूप, शाम होते ही कंपकंपी! आखिर गर्मियों में भी हिल स्टेशन पर सूरज ढलते ही क्यों बढ़ जाती है ठंड?

नई दिल्ली: गर्मियों में जब मैदानी शहर भीषण गर्मी से तप रहे…

5 Min Read

विचार

View More

भारतीय रेडियो प्रसारण के 100 वर्ष: ‘श्रुति’ की परंपरा से ‘मन की बात’ तक… ऐसा रहा जादुई तरंगों का 100 साल का सफर

उस अविस्मरणीय पल को याद कीजिए, जब आपने पहली बार…

August 13, 2026

क्या कभी सोचा है कि आखिर कैसे दक्षिण से उत्तर तक पूरे देश में छा जाते हैं बादल और शुरू हो जाती है झमाझम बारिश?

नई दिल्ली: देश में मानसून की…

July 9, 2026

‘एक भी अमेरिकी सैनिक जिंदा नहीं लौटेगा’… आखिर ईरान ने अमेरिका को क्यों दी खुली चेतावनी? जानिए कैसे बढ़ा नया सैन्य तनाव

तेहरान: पश्चिम एशिया में अमेरिका और…

July 9, 2026

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

You Might Also Like

Trending Newsधर्म

1 नवंबर से बदलेगा श्रीरामलला के दर्शन का समय, जानें कपाट खुलने से लेकर शयन आरती तक का नया टाइम टेबल

यदि आप भी मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम की पावन नगरी अयोध्या जाने और श्रीरामलला के दिव्य दर्शन का सौभाग्य…

3 Min Read
Trending Newsसियासी

खरगे के बयान पर सियासी संग्राम, मोदी के पिता पर टिप्पणी को लेकर BJP का देशव्यापी प्रदर्शन, कांग्रेस ने बताई पूरी बात

पटना में श्रीकृष्ण सिंह जयंती कार्यक्रम के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी पर विवाद, रविशंकर प्रसाद और पंकज चौधरी ने…

6 Min Read
Trending Newsसियासी

राहुल गांधी के लिए आज अहम दिन, अमित शाह पर टिप्पणी से जुड़े मानहानि केस में फैसले पर नजर,देखें-पूरी टाइमलाइन

सुल्तानपुर/लखनऊ । लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से जुड़े मानहानि मामले में सोमवार को सुल्तानपुर की…

6 Min Read
Trending Newsवर्ल्ड

Serbia Election Result: भ्रष्टाचार के खिलाफ उतरे छात्रों ने पलटी सत्ता की बाजी, 14 साल पुराने शासन को झटका; वुसिक ने मानी हार

बेलग्रेड। भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू हुआ छात्र आंदोलन अब सर्बिया की राजनीति में बड़े बदलाव की वजह बन गया है।…

9 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?