लखनऊ BLO लापता मामला SIR दबाव
राजधानी लखनऊ से एक चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां SIR (Special Intensive Revision) के काम के दबाव के बीच एक बीएलओ और शिक्षामित्र अचानक लापता हो गया। जानकीपुरम क्षेत्र के रहने वाले 46 वर्षीय दिलीप कुमार सिंह 23 फरवरी से गायब हैं और 23 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं।
परिजनों के मुताबिक, 23 फरवरी की सुबह करीब 8:30 बजे दिलीप सिंह घर से यह कहकर निकले थे कि “नाश्ता तैयार करो, अभी आता हूं”, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटे। करीब तीन घंटे तक इंतजार करने के बाद पत्नी दीपिका सिंह ने फोन किया, लेकिन मोबाइल स्विच ऑफ मिला। इसके बाद परिवार ने हर संभव जगह तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
दिलीप सिंह मूल रूप से लखीमपुर खीरी के रहने वाले हैं और फिलहाल जानकीपुरम विस्तार में किराए के मकान में परिवार के साथ रह रहे थे। उनके परिवार में पत्नी और तीन बच्चे हैं, जिनमें दो बेटियां और एक बेटा शामिल हैं।
मामले में चौकाने वाली बात ये है कि लापता होने से पहले दिलीप सिंह ने अपने बीएलओ व्हाट्सएप ग्रुप में सुपरवाइजर को एक मैसेज भेजा था। इस मैसेज में उन्होंने लिखा कि वह SIR का काम छोड़ रहे हैं और नोटिस फॉर्म बाइक के बैग में रखा है।
उन्होंने यह भी लिखा कि SIR के काम और नौकरी के दबाव के कारण वह काफी परेशान हैं। जब सुपरवाइजर ने उनकी लोकेशन पूछी तो उन्होंने जवाब दिया—“SDM BKT से कह दो, नौकरी लेनी है तो ले ले, बार-बार दबाव बना रहे हैं।” इसके बाद उनका फोन पूरी तरह बंद हो गया और फिर कोई संपर्क नहीं हो सका।
पत्नी दीपिका सिंह का कहना है कि उनके पति पिछले कुछ समय से SIR के काम को लेकर मानसिक तनाव में थे। उन्होंने एक वीडियो जारी कर लोगों और प्रशासन से मदद की अपील की है।
इतना ही नहीं, दीपिका सिंह ने देश के रक्षा मंत्री Rajnath Singh से भी मुलाकात कर मामले में मदद की गुहार लगाई। उन्हें आश्वासन तो मिला, लेकिन अब तक दिलीप सिंह का कोई पता नहीं चल सका है।
फिलहाल जानकीपुरम पुलिस मामले की जांच में जुटी है, लेकिन 23 दिन बाद भी कोई ठोस सुराग न मिलने से परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या SIR का बढ़ता दबाव कर्मचारियों पर भारी पड़ रहा है? और क्या इस मामले में सच्चाई सामने आ पाएगी?
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